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मऊ के 30 युवक मलेशिया में फंसे, कंपनी नहीं दे रही वेतन

Tue, 14 Jul 2020 11:21 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 14 Jul 2020 11:21 PM IST
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30 youths of Mau trapped in Malaysia, company not paying salary
मऊ। जनपद के 30 नौजवान बेहतर नौकरी के लिए सात महीने पहले मलेशिया गए थे। एजेंटों ने उन्हें मलेशिया में एक कंपनी में फल प्रोसेसिंग करने का वादा करके मलेशिया की एक कंपनी में काम करने के लिए भेजा था। लेकिन वहां ले जाकर उन्हें एक जंगल में घास के उन्मूलन के लिए जहरीले घोल के छिड़काव के काम में लगा दिया। इन युवाओं को 60 हजार भारतीय रुपये प्रति माह वेतन देने का वादा किया गया था। लेकिन वहां जाने के बाद इन्हें महज छह सौ रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं। इतनी रकम इन युवाओं का भर पेट भोजन के लिए ही कम पड़ जाती है। इनके पास घर लौटने के लिए रुपये नहीं हैं। जब ये युवा कंपनी के मैनेजर से स्वदेश जाने की बात कहते हैं तो इनकी पिटाई की जाती है। डर के मारे कई युवक शिकायत करने का साहस तक नहीं जुटा पा रहे हैं। जनवरी 2020 में जिले के विभिन्न गांवों के 30 युवकों को मुंबई के एमएस अली रोडपाकीजा मार्केट निकट रायल सिनेमा के वजीर इंटरप्राइजेेज के इम्त्याज अंसारी एजेंट के माध्यम से मलेशिया के लिए भेजा गया। मलेशिया में एक चीनी कंपनी में इन युवकों को ले जाया गया। इन युवकों के अलावा अन्य जिलों के 30 भारतीय युवकों को भी भेजा गया था। वहां इन्हें कुछ कमरों में ठहराकर एक जंगल में लगी घास को नष्ट करने के लिए जहरीले घोल के छिड़काव के काम में लगा दिया गया। इन्हें आश्वासन दिया गया कि जल्दी ही उन्हें अच्छा काम दिया जाएगा। एजेंट ने प्रत्येक युवकों से एक लाख रुपये वसूल किया था। फंसे युवकों का कहना है कि यहां पर चाइनीज कंपनी का चाइनीज मैनेजर झिंग झाऊ उन्हें हमेशा धमकाता है। यहां आने के बाद से ही महज खाने भर के लिए छह सौ रुपये दिए जाते हैं और फिर ले जाकर जंगल की घास में घोल के छिडकाव में लगा दिया जाता है। मोबाइल पर बात करते देख लेने पर कंपनी का मैनेजर इनकी मोबाइल छीन लेता है और इनकी पिटाई भी की जाती है। इनमें से कोपागंज थाने के कसारा गांव के सोहनरिया भजैवां गांव निवासी दुर्गेश राजभर पुत्र शिवशंकर ने रोते हुए बताया कि हम लोगों ने विदेश मंत्रालय को भी ट्वीट किया है। दुर्गेश के साथ ही हलधरपुर थाने के इटकोहवा गांव निवासी प्रेमचंद ,डांड़ी गांव निवासी राधेश्याम, विमलेश सिंह , सुनील सिंह, अली आरिफ , दीपक कुमार और सुरेश आदि ने मोबाइल से बात करके अपनी पीड़ा बताई। दुर्गेश ने बताया कि हमने अपने क्षेत्र के भाजपा विधायक विजय राजभर, मंत्री अनिल राजभर, बलिया के मंत्री आनंद प्रकाश शुक्ल से आपबीती सुनाकर स्वदेश बुलाने की गुहार लगा चुके हैं,लेकिन अब तक किसी ने भी हमारी मदद नहीं की। फिर इन युवकों ने सपा के राष्ट्रीय सचिव राजीव राय को ट्वीट कर अपनी पीड़ा बताई। राजीव राय ने विदेश मंत्रालय को ट्वीटकर युवकों को स्वदेश बुलाने की व्यवस्था करने की मांग किया है। राजीवका कहना है कि हमने विदेश मंत्री को ट्विट करके इन युवकों को वापस बुलाने के लिए मदद करने की मांग किया है।
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