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जिले के 250 परिषदीय विद्यालय हुए स्मार्ट
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्मार्ट क्लास में बच्चों को पढ़ाते शिक्षक बाल मुकुंद पांडेय।
- फोटो : MAU
मऊ। प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने की दिशा में शासन की ओर से की जा रही कवायद रंग लाने लगी है। जिले के कुल 1502 परिषदीय विद्यालयों में अबतक 250 विद्यालय स्मार्ट बन चुके हैं। इन स्कूलों में अब आडियो वीडियो के जरिये पढ़ाई होने लगी है। इसके अलावा संगीत, खेल आदि पर भी जोर दिया जा रहा है। आधुनिक सुविधाओं से लैस इन स्कूलों में बच्चों की संख्या भी बढ़ी है। जिले के फतहपुर मंडाव ब्लाक का गजियापुर एक ऐसा न्याय पंचायत है जहां स्थित सभी दस स्कूलों में स्मार्ट कक्षाएं चल रही हैं। यह न्याय पंचायत अन्य के लिए नजीर बन गया है।
जिले में कुल 1502 परिषदीय विद्यालय हैं। इसमें 1060 प्राइमरी तो 442 स्कूल जूनियर स्तर के हैं। इन स्कूलों करीब एक लाख 56 हजार छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं। परिषदीय स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार योजनाएं संचालित कर रही है। मध्याह्न भोजन की व्यवस्था के बाद अब विद्यालयों का कायाकल्प कर और स्मार्ट कक्षाओं का इंतजाम कर परिषदीय विद्यालयों को निजी स्कूलों की तरह बनाया जा रहा है। इसक्रम में जिले का पहला स्मार्ट स्कूल परदहां ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय रकौली बना। इसके बाद मुहम्मदाबाद ब्लाक का प्राथमिक स्कूल नगरीपार, रतनपुरा ब्लाक के प्राथमिक स्कूल कईयां में स्मार्ट कक्षाएं चलाई गईं। पहले स्मार्ट क्लास की शुरुआत करने वाले रकौली स्कूल के प्रधानाध्यापक सतीश सिंह को सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में 1502 स्कूलों में से 250 विद्यालय स्मार्ट क्लास युक्त हो चुके हैं। स्मार्ट क्लास की व्यवस्था होने पर स्कूलों पर छात्र संख्या में इजाफा हुआ है।
मधुबन: फतेहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र में 155 प्राथमिक विद्यालय हैं। इस ब्लाक के गजियापुर न्याय पंचायत में सभी सभी दस परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था हो चुकी है जिसके चलते यह न्याय पंचायत जिले के लिए वह नजीर बन गया है। इन स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने खुद प्रयास कर जन सहयोग से अपने-अपने विद्यालयों को स्मार्ट बनाया है। खंड शिक्षाधिकारी पंकज सिंह ने बताया कि ब्लाक क्षेत्र में 53 स्कूलों स्मार्ट क्लास की व्यवस्था है। इससे छात्र संख्या में वृद्धि हुई है। बताया कि गजियापुर न्याय पंचायत के दस स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को स्मार्ट क्लास के लिए तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया है। क्लास विकसित करने के लिए इस न्याय पंचायत को पुरस्कृत किया जाएगा।
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कोट
प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए स्मार्ट कक्षाएं चलाई जा रही हैं। जिन स्कूलों में यह व्यवस्था है, वहां बच्चों की संख्या बढ़ी है। आडियो वीडियो के जरिये बच्चे विषय को आसानी से समझ जाते हैं।- अशोक कुमार गौतम, प्रभारी बीएसए
इनसेट
पहले की अपेक्षा बढ़ी छात्र-छात्राओं की संख्या
मऊ। न्याय पंचायत गजियापुर में छह प्राथमिक विद्यालय तथा तीन कंपोजिट स्कूल हैं। वर्ष 2020-21 में इन स्कूलों में छात्रों की संख्या 1091 है। जबकि वर्ष 2019-20 में छात्र संख्या 972 थी। स्मार्ट क्लास शुरू होते ही छात्रों की संख्या बढ़ गई। खंड शिक्षा अधिकारी खुद स्मार्ट कक्षाओं की मानीटरिंग करते हैं। इन स्कूलों में विषयवार पढ़ाई के अलावा संगीत, गायन को भी शामिल किया गया है। स्कूलों की दीवारों पर पेंटिंग भी की गई है। खंड शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि ब्लॉक का प्रत्येक विद्यालयों स्मार्ट कक्षाएं चलवाने का लक्ष्य है ताकि बच्चे मनोरंजन के साथ गुणवत्ता युक्त शिक्षा ग्रहण कर सकें।
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जिले में कुल 1502 परिषदीय विद्यालय हैं। इसमें 1060 प्राइमरी तो 442 स्कूल जूनियर स्तर के हैं। इन स्कूलों करीब एक लाख 56 हजार छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं। परिषदीय स्कूलों में बच्चों की संख्या बढ़ाने के लिए सरकार योजनाएं संचालित कर रही है। मध्याह्न भोजन की व्यवस्था के बाद अब विद्यालयों का कायाकल्प कर और स्मार्ट कक्षाओं का इंतजाम कर परिषदीय विद्यालयों को निजी स्कूलों की तरह बनाया जा रहा है। इसक्रम में जिले का पहला स्मार्ट स्कूल परदहां ब्लाक के प्राथमिक विद्यालय रकौली बना। इसके बाद मुहम्मदाबाद ब्लाक का प्राथमिक स्कूल नगरीपार, रतनपुरा ब्लाक के प्राथमिक स्कूल कईयां में स्मार्ट कक्षाएं चलाई गईं। पहले स्मार्ट क्लास की शुरुआत करने वाले रकौली स्कूल के प्रधानाध्यापक सतीश सिंह को सम्मानित किया जा चुका है। वर्तमान में 1502 स्कूलों में से 250 विद्यालय स्मार्ट क्लास युक्त हो चुके हैं। स्मार्ट क्लास की व्यवस्था होने पर स्कूलों पर छात्र संख्या में इजाफा हुआ है।
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मधुबन: फतेहपुर मंडाव ब्लाक क्षेत्र में 155 प्राथमिक विद्यालय हैं। इस ब्लाक के गजियापुर न्याय पंचायत में सभी सभी दस परिषदीय विद्यालयों में स्मार्ट क्लास की व्यवस्था हो चुकी है जिसके चलते यह न्याय पंचायत जिले के लिए वह नजीर बन गया है। इन स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने खुद प्रयास कर जन सहयोग से अपने-अपने विद्यालयों को स्मार्ट बनाया है। खंड शिक्षाधिकारी पंकज सिंह ने बताया कि ब्लाक क्षेत्र में 53 स्कूलों स्मार्ट क्लास की व्यवस्था है। इससे छात्र संख्या में वृद्धि हुई है। बताया कि गजियापुर न्याय पंचायत के दस स्कूलों के प्रधानाध्यापकों को स्मार्ट क्लास के लिए तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया है। क्लास विकसित करने के लिए इस न्याय पंचायत को पुरस्कृत किया जाएगा।
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प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करने के लिए स्मार्ट कक्षाएं चलाई जा रही हैं। जिन स्कूलों में यह व्यवस्था है, वहां बच्चों की संख्या बढ़ी है। आडियो वीडियो के जरिये बच्चे विषय को आसानी से समझ जाते हैं।- अशोक कुमार गौतम, प्रभारी बीएसए
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पहले की अपेक्षा बढ़ी छात्र-छात्राओं की संख्या
मऊ। न्याय पंचायत गजियापुर में छह प्राथमिक विद्यालय तथा तीन कंपोजिट स्कूल हैं। वर्ष 2020-21 में इन स्कूलों में छात्रों की संख्या 1091 है। जबकि वर्ष 2019-20 में छात्र संख्या 972 थी। स्मार्ट क्लास शुरू होते ही छात्रों की संख्या बढ़ गई। खंड शिक्षा अधिकारी खुद स्मार्ट कक्षाओं की मानीटरिंग करते हैं। इन स्कूलों में विषयवार पढ़ाई के अलावा संगीत, गायन को भी शामिल किया गया है। स्कूलों की दीवारों पर पेंटिंग भी की गई है। खंड शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि ब्लॉक का प्रत्येक विद्यालयों स्मार्ट कक्षाएं चलवाने का लक्ष्य है ताकि बच्चे मनोरंजन के साथ गुणवत्ता युक्त शिक्षा ग्रहण कर सकें।