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23 हजार आवेदन अधर में लटके

Sat, 25 Aug 2018 11:40 PM IST
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mau Updated Sat, 25 Aug 2018 11:40 PM IST
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23 thousand applications hang in the balance
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 जिले की चारों तहसीलों में जाति आय और निवास प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन तो किया गया, लेकिन लेखपालों के रिपोर्ट न लगने के कारण सत्यापन के अभाव में प्रार्थना पत्र लंबित हैं। जिले की चारों तहसीलों में अब तक कुल 23 हजार आवेदन सत्यापन न होने से अधर में है। जबकि छात्रवृत्ति के लिए छात्रों को आवेदन करने की अंतिम तिथि में अब सिर्फ पांच ही दिन शेष बचे हैं।   
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छात्रवृत्ति के लिए समाज कल्याण विभाग की ओर से 31 अगस्त अंतिम तिथि तय की गई है। अनारक्षित श्रेणी के छात्रों को निवास के साथ ही आय प्रामण पत्र की जरूरत होती है जबकि  आरक्षित वर्ग के छात्रों को आय और निवास के साथ ही जाति प्रमाण पत्र भी देना होता है। शैक्षिक संस्थान के प्राचार्य आवेदन सत्यापित कर डीआओएस को अाैर डीआईआेएस इन्हें सत्यापित कर जिला समाज कल्याण अधिकारी को भेजते हैं जबकि अपनी संस्तुति के साथ समाज कल्याण अधिकारी शासन को अग्रसारित करते हैं। शासन से सीधे छात्रों के बैंक खातों में छात्रवृत्ति की रकम भेजी जाती है।
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अगस्त महीने में  चारों तहसीलों से अब तक औसतन 81 हजार आवेदनों पर प्रमाण पत्र जारी हो चुके हैं। लेकिन अभी भी 21 हजार से अधिक आवेदन लटके हुए हैं। घोसी तहसील में अगस्त महीने में आय प्रमाण पत्र के लिए 2129 , जाति प्रमाण पत्र के 1893 और निवास प्रमाण पत्र के लिए 1405 आवेदन लंबित हैं। जबकि इसी अवधि में घोसी तहसील से 20 हजार 625 प्रमाण पत्र जारी किए जा चुके हैं। इसी प्रकार सदर तहसील में आय के 2350, जाति के 1132 तथा निवास के 4012 सहित कुल 7494 आवेदन सत्यापन के अभाव में लटके हैं। जबकि मुहम्मदबाद गोहना  तहसील में आय के 1571, जाति के 1356 तथा निवास के 1157 सहित कुल 4084 आवेदन लेखपाल की  सत्यापन रिपोर्ट के अभाव में लंबित हैं ।
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उधर मधुबन तहसील में आय के 2109 जाति के 1985 तथा निवास के 1617 सहित कुल 5711 आवेदन लटके हैं। चारों तहसीलों में कुल 23 हजार आवेदन अभी भी लंबित हैं। आरटीआई कार्यकर्ता अरविंद मूर्ति, तहसील बार के महामंत्री शिवनारायण राय और सामाजिक कार्यकर्ता प्रमोद राय और आईटीआई स्कूल प्रबंधक संघ के जिलाध्यक्ष हरिश्चंद यादव इसे लापरवाही मानते हैं।
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