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माध्यमिक शिक्षक संघ का 21वां जनपदीय सम्मेलन
ब्यूरो/अमर उजाला,मऊ
Updated Sun, 18 Dec 2016 10:53 PM IST
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ का 21वां जनपदीय सम्मेलन रविवार को शहर के पालिका कम्यूनिटी हाल में आयोजित हुआ। सम्मेलन में वक्ताओं ने पुरानी पेंशन बहाली पर जोर दिया। उनका कहना था कि पेंशन कोई उपहार नहीं है वरन यह अध्यापकों का अधिकार है। इस अवसर पर 250 सेवा निवृत्त अध्यापकों को सम्मानित किया गया।
सम्मेलन के मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने शिक्षक एकता पर बल देते हुए कहा कि इसी पूूंजी की बदौलत संघ ने अध्यापकों को बेहतर सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाया है। लखनऊ में अटेवा के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए लाठी चार्ज में मृत अध्यापक राम अशीष सिंह के आश्रित को13 दिसंबर को ही नौकरी दिला दी गई। उन्होंने शिक्षा के बाजारीकरण की आलोचना करते हुए गरीब प्रतिभावानों के लिए अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि पेंशन कोई उपहार नहीं बल्कि यह अध्यापकों का अधिकार है।
प्रांतीय मंत्री इंद्रासन सिंह ने उन्होंने कहा कि संघ के संस्थापक पं. ओम प्रकाश शर्मा के कुशल नेतृत्व में शून्य से शिखर तक की प्रगति यात्रा की चर्चा की। कहा कि अटेवा शिक्षक रामआशीष सिंह का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा बल्कि यह प्रदेश सरकार के लिए कफन का काम करेगा। पूर्व विधायक डा. प्रमोद मिश्र ने कहा कि शेष अध्यापकों के विनियमितीकरण, सीटी सेवा का लाभ तथा शिक्षक एवं कर्मचारियों के समान अन्य भत्ते स्वीकार कराना संगठन की प्राथमिकता है। शिक्षक नेतांसजयन त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों के हितों की लड़ाई लड़ना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर जिले के 250 सेवानिवृत्त अध्यापकों को अंगवस्त्रम और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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सम्मेलन का शुभारंभ डीएवी इंटर कालेज की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता एवं संचालन संघ के जिलाध्यक्ष जयनारायण द्विवेदी ने किया। सम्मेलन में डीएवी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य देवभाष्कर तिवारी,पूर्व प्रदेशीय मंत्री कृष्णानंद सिंह,राम लखन यादव, रामानंद यादव ,ऋषिकेश पांडेय ,शशिकांत पांडेय ,अजय तिवारी , भूपेंद्र वीर सिंह, संजयसिंह, संजय उपाध्याय,ज्ञानेंद्र मिश्र, बीके श्रीवास्तव,दीनदयाल राय, धनंजय सिंह,शरद पांडेय , कंचनलता पांडेय ,सर्वेश दुबे,प्रसूनलता ,अर्चना , विवेक शुक्ल और नित्य राय सहित आजमगढ़ और बलिया जिलों के भी अध्यापक मौजूद रहे।
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सम्मेलन के मुख्य अतिथि विधान परिषद सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने शिक्षक एकता पर बल देते हुए कहा कि इसी पूूंजी की बदौलत संघ ने अध्यापकों को बेहतर सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाया है। लखनऊ में अटेवा के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुए लाठी चार्ज में मृत अध्यापक राम अशीष सिंह के आश्रित को13 दिसंबर को ही नौकरी दिला दी गई। उन्होंने शिक्षा के बाजारीकरण की आलोचना करते हुए गरीब प्रतिभावानों के लिए अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि पेंशन कोई उपहार नहीं बल्कि यह अध्यापकों का अधिकार है।
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प्रांतीय मंत्री इंद्रासन सिंह ने उन्होंने कहा कि संघ के संस्थापक पं. ओम प्रकाश शर्मा के कुशल नेतृत्व में शून्य से शिखर तक की प्रगति यात्रा की चर्चा की। कहा कि अटेवा शिक्षक रामआशीष सिंह का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा बल्कि यह प्रदेश सरकार के लिए कफन का काम करेगा। पूर्व विधायक डा. प्रमोद मिश्र ने कहा कि शेष अध्यापकों के विनियमितीकरण, सीटी सेवा का लाभ तथा शिक्षक एवं कर्मचारियों के समान अन्य भत्ते स्वीकार कराना संगठन की प्राथमिकता है। शिक्षक नेतांसजयन त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षकों के हितों की लड़ाई लड़ना ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अवसर पर जिले के 250 सेवानिवृत्त अध्यापकों को अंगवस्त्रम और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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सम्मेलन का शुभारंभ डीएवी इंटर कालेज की छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता एवं संचालन संघ के जिलाध्यक्ष जयनारायण द्विवेदी ने किया। सम्मेलन में डीएवी इंटर कालेज के प्रधानाचार्य प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य देवभाष्कर तिवारी,पूर्व प्रदेशीय मंत्री कृष्णानंद सिंह,राम लखन यादव, रामानंद यादव ,ऋषिकेश पांडेय ,शशिकांत पांडेय ,अजय तिवारी , भूपेंद्र वीर सिंह, संजयसिंह, संजय उपाध्याय,ज्ञानेंद्र मिश्र, बीके श्रीवास्तव,दीनदयाल राय, धनंजय सिंह,शरद पांडेय , कंचनलता पांडेय ,सर्वेश दुबे,प्रसूनलता ,अर्चना , विवेक शुक्ल और नित्य राय सहित आजमगढ़ और बलिया जिलों के भी अध्यापक मौजूद रहे।