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बाल निकेतन पर ओवरब्रिज के लिए डीएम कैंप कार्यालय पर हुई बैठक
Updated Wed, 27 Jun 2018 12:08 AM IST
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शहर के बाल निकेतन क्रासिंग पर ओवर ब्रिज बनाने के लिए दाखिल पीआईएल पर हाईकोर्ट के सख्त रुख पर प्रशासन ने आरओबी को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार की शाम सात बजे के करीब डीएम कैंप कार्यालय पर रेलवे, पीडब्लूडी सहित सभी विभागों के अधिकारियों की संयुक्त बैठक हुई। इसमें डीआरएम वाराणसी के साथ रेलवे के इंजीनियर भी शामिल हुए। मंथन में पाया गया कि इस आरओबी के निर्माण से 296 मकान के साथ ही दो मंदिर और दो मस्जिद भी प्रभावित होंगे।
बैठक में वाराणसी रेलवे डीआरएम एसके झा, सदर एसडीएम अनूप कुमार वर्मा, पीडब्लूडी एक्सईन,बिजली विभाग के एसई एसएस प्रसाद और सेतुनिगम विभाग के अधिकारियों की बैठक डीएम कैंप कार्यालय पर हुई। बैठक में ओवरब्रिज बनने के दौरान आड़े आने वाली समस्याओं पर चर्चा हुई। जिसमें वर्तमान में सड़क की चौड़ाई 10 मीटर है, जबकि निर्माण के लिए 18 मीटर होना चाहिए। इसे पूरा करने के लिए आस पास के 296 मकान के साथ सड़क पर अतिक्रमण और सड़क किनारे लगाए बिजली पोलों के हटाना होगा। साथ ही आरओबी बनने में जद में शामिल चार धार्मिक स्थलों पर भी चर्चा हुई।
रेलवे के अधिकारियों ने ओवर ब्रिज बनाने पर सहमति जताई है। जबकि मंदिर और मस्जिद को लेकर जिला प्रशासन कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई। जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने बताया कि बैठक में पाया गया कि बाल निकेतन पर ओवरब्रिज आवश्यक है। बोले सात पूर्व जिलाधिकारियों ने इस समस्या पर प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया है, लेकिन हर बार अतिक्रमण और कानून व्यवस्था ओवर ब्रिज निर्माण में बाधक बनी है। लेकिन अब इस ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए शासन और प्रशासन की तरफ से पूरी कवायद की जा रही है।
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इनसेट
30 जून तक कोर्ट में देनी है रिपोर्ट
मऊ। कोपागंज ब्लाक के सहरोज गांव के देवप्रकाश राय ने इलहाबाद हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल किया था। साथ ही शहरवासियों के इस समस्या को मुद्दा बनाकर अमर उजाला ने लगातार प्रकाशित किया। खबर प्रकाशन के दौरान आए कोर्ट के आदेश से प्रशासन सतर्क हुआ। कोर्ट ने जिलाधिकारी मऊ और डीआरएम वाराणसी से 30 जून तक रिपोर्ट मांगी है। आरओबी को लेकर 2 जूलाई को कोर्ट में सुनवाई की जानी है।
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बैठक में वाराणसी रेलवे डीआरएम एसके झा, सदर एसडीएम अनूप कुमार वर्मा, पीडब्लूडी एक्सईन,बिजली विभाग के एसई एसएस प्रसाद और सेतुनिगम विभाग के अधिकारियों की बैठक डीएम कैंप कार्यालय पर हुई। बैठक में ओवरब्रिज बनने के दौरान आड़े आने वाली समस्याओं पर चर्चा हुई। जिसमें वर्तमान में सड़क की चौड़ाई 10 मीटर है, जबकि निर्माण के लिए 18 मीटर होना चाहिए। इसे पूरा करने के लिए आस पास के 296 मकान के साथ सड़क पर अतिक्रमण और सड़क किनारे लगाए बिजली पोलों के हटाना होगा। साथ ही आरओबी बनने में जद में शामिल चार धार्मिक स्थलों पर भी चर्चा हुई।
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रेलवे के अधिकारियों ने ओवर ब्रिज बनाने पर सहमति जताई है। जबकि मंदिर और मस्जिद को लेकर जिला प्रशासन कानून व्यवस्था को लेकर चर्चा हुई। जिलाधिकारी प्रकाश बिंदु ने बताया कि बैठक में पाया गया कि बाल निकेतन पर ओवरब्रिज आवश्यक है। बोले सात पूर्व जिलाधिकारियों ने इस समस्या पर प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया है, लेकिन हर बार अतिक्रमण और कानून व्यवस्था ओवर ब्रिज निर्माण में बाधक बनी है। लेकिन अब इस ओवर ब्रिज के निर्माण के लिए शासन और प्रशासन की तरफ से पूरी कवायद की जा रही है।
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30 जून तक कोर्ट में देनी है रिपोर्ट
मऊ। कोपागंज ब्लाक के सहरोज गांव के देवप्रकाश राय ने इलहाबाद हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल किया था। साथ ही शहरवासियों के इस समस्या को मुद्दा बनाकर अमर उजाला ने लगातार प्रकाशित किया। खबर प्रकाशन के दौरान आए कोर्ट के आदेश से प्रशासन सतर्क हुआ। कोर्ट ने जिलाधिकारी मऊ और डीआरएम वाराणसी से 30 जून तक रिपोर्ट मांगी है। आरओबी को लेकर 2 जूलाई को कोर्ट में सुनवाई की जानी है।