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कैसे होगी गेहूं की खेती: सूखी पड़ी है पवनी माइनर
Updated Sun, 10 Dec 2017 11:58 PM IST
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मझवारा। अगेती रबी फसल के सिंचाई के पीक आवर में दोहरीघाट पंप कैनाल से संबद्ध पवनी माइनर में पानी न छोड़े जाने से सिंचाई कार्य ठप है। इससे सिंचाई के अभाव में फसल पीली पड़ रही है। लोगों ने सिंचाई विभाग के आला अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया, लेकिन अभी तक माइनर में पानी नहीं छोड़ा जा सका है।
दोहरीघाट पंप कैनाल से संबद्ध पवनी माइनर से क्षेत्र के लिलारी भरौली, भेलाबांध, मूंगमास, लुदुही, पवनी, दरियाबाद, फिरोजपुर, कनिहारीपुर, हसनपुर सहित विभिन्न गांवों की सैकड़ों एकड़ उपजाऊं भूमि की सिंचाई की जाती है। अगेती गेहूं, जौ सहित रबी की फसल की अन्य फसल की सिंचाई के पीक आवर में प्रमुख नहर तथा माइनरों के सिल्ट सफाई का समय चल रहा है। ऐसे में माइनर में पानी न छोड़े जाने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। दिसंबर माह में 10 दिन बीत गया, लेकिन अभी तक माइनर में सिल्ट सफाई का कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। सिंचाई के अभाव मेें फसल पर विपरीत असर पड़ रहा है। किसान मंहगे दाम पर डीजल खरीदकर सिचाई के लिए मजबूर हो रहे हैं। इस संबंध में किसान दयाशंकर पांडेय का कहना है कि पीक आवर में नहर में पानी न दे कर किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है। किसान ध्यानचंद सिंह का कहना है कि गेहूं की सिंचाई 21वे दिन की जाती है। लेकिन माइनर में पानी न आने से फसल की सिंचाई नहीं हो पाई है। सिंचाई के अभाव में फसल पीली पड़ रही है। किसान अभिषेक यादव का कहना है कि पंपिंगसेट से सिंचाई करना सभी किसानों के वश की बात नहीं है। माइनर में पानी अविलंब नहीं छोड़ा गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
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दोहरीघाट पंप कैनाल से संबद्ध पवनी माइनर से क्षेत्र के लिलारी भरौली, भेलाबांध, मूंगमास, लुदुही, पवनी, दरियाबाद, फिरोजपुर, कनिहारीपुर, हसनपुर सहित विभिन्न गांवों की सैकड़ों एकड़ उपजाऊं भूमि की सिंचाई की जाती है। अगेती गेहूं, जौ सहित रबी की फसल की अन्य फसल की सिंचाई के पीक आवर में प्रमुख नहर तथा माइनरों के सिल्ट सफाई का समय चल रहा है। ऐसे में माइनर में पानी न छोड़े जाने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। दिसंबर माह में 10 दिन बीत गया, लेकिन अभी तक माइनर में सिल्ट सफाई का कार्य पूरा नहीं किया जा सका है। सिंचाई के अभाव मेें फसल पर विपरीत असर पड़ रहा है। किसान मंहगे दाम पर डीजल खरीदकर सिचाई के लिए मजबूर हो रहे हैं। इस संबंध में किसान दयाशंकर पांडेय का कहना है कि पीक आवर में नहर में पानी न दे कर किसानों के साथ अन्याय किया जा रहा है। किसान ध्यानचंद सिंह का कहना है कि गेहूं की सिंचाई 21वे दिन की जाती है। लेकिन माइनर में पानी न आने से फसल की सिंचाई नहीं हो पाई है। सिंचाई के अभाव में फसल पीली पड़ रही है। किसान अभिषेक यादव का कहना है कि पंपिंगसेट से सिंचाई करना सभी किसानों के वश की बात नहीं है। माइनर में पानी अविलंब नहीं छोड़ा गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
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