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शो पीस बनकर रह गया है रतनपुरा बाजार का ओवरहेड टैंक
Updated Thu, 23 Nov 2017 10:46 PM IST
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रतनपुरा(मऊ)। ब्लाक मुख्यालय स्थित जल निगम की ओर से लगे ओवरहेड टैंक उपभोक्ताओं के लिए शो पीस बनकर रह गया है। ओवरहेड टैंक का एक नंबर का पंप तीन माह से खराब पड़ा है। जबकि दो नंबर के पंप से पाइपलाइन को डायरेक्ट जोड़ दिया गया है। ऐसे में लोगों को जरुरत के समय जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। यही नहीं दशकों पूर्व बिछाई गई पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई है। बीच में ही पानी बह जाने से लोगों के घरों में लगी टोंटियों तक नहीं पहुंच पा रहा है। परेशान उपभोक्ताओं ने आला जलनिगम कार्यालय में शिकायत दर्ज कराया बावजूद जलापूर्ति को बहाल नहीं किया जा सका है।
ब्लाक मुख्यालय पर लगे हजारों लीटर वाला ओवरहेड टैंक से क्षेत्र के नगवा, बीबीपुर, गाढ़ा, रतनपुरा, मुबारकपुर, धर्मागतपुर, गुलौरी, जोगापुर, दतौड़ा, खोहिया सहित दर्जनों गांवों को जलापूर्ति की जाती है। ओवरहेड टैंक का एक पंप तीन माह से खराब पड़ा है। जबकि दूसरे पंप को पाइपलाइन से डायरेक्ट जोड़ दिया गया है। इससे जरूरत के समय पानी न मिलने से लोगों को प्रदूषित पानी का सेवन करना पड़ रहा है। यही नहीं जल निगम की तरफ से गांवों में दशकों पूर्व बिछाई गई पाइप लाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे फटे पाइप से पानी बहता रहता है। प्रेसर कम होने से टोंटियों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। बिजली गुल होने की स्थिति में पाइप के आसपास जमा गंदा पानी पाइप के अंदर घुस जाता है। प्रदूषित पानी के सेवन से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं।लोगों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
इस संबंध में क्षेत्र के मोहन प्रसाद, बेचन प्रसाद गुप्ता, कपिलदेव चौहान, गिरधर शर्मा, संतोष कुमार का कहना है कि जल निगम के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी समस्याओं को निस्तारित करने की जहमत नहीं उठाई जा सकी है। प्रदूषित पानी के सेवन से विभिन्न संक्रामक बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस बाबत जल निगम के जेई सचिन प्रजापति का कहना है कि पंप में आई तकनीकी खामी को ठीक कराया जा रहा है। बजट स्वीकृति होने पर नई पाइपलाइन बिछा दी जाएगी।
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ब्लाक मुख्यालय पर लगे हजारों लीटर वाला ओवरहेड टैंक से क्षेत्र के नगवा, बीबीपुर, गाढ़ा, रतनपुरा, मुबारकपुर, धर्मागतपुर, गुलौरी, जोगापुर, दतौड़ा, खोहिया सहित दर्जनों गांवों को जलापूर्ति की जाती है। ओवरहेड टैंक का एक पंप तीन माह से खराब पड़ा है। जबकि दूसरे पंप को पाइपलाइन से डायरेक्ट जोड़ दिया गया है। इससे जरूरत के समय पानी न मिलने से लोगों को प्रदूषित पानी का सेवन करना पड़ रहा है। यही नहीं जल निगम की तरफ से गांवों में दशकों पूर्व बिछाई गई पाइप लाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई है। इससे फटे पाइप से पानी बहता रहता है। प्रेसर कम होने से टोंटियों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। बिजली गुल होने की स्थिति में पाइप के आसपास जमा गंदा पानी पाइप के अंदर घुस जाता है। प्रदूषित पानी के सेवन से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं।लोगों का आरोप है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद भी मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है।
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इस संबंध में क्षेत्र के मोहन प्रसाद, बेचन प्रसाद गुप्ता, कपिलदेव चौहान, गिरधर शर्मा, संतोष कुमार का कहना है कि जल निगम के कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने के बाद भी समस्याओं को निस्तारित करने की जहमत नहीं उठाई जा सकी है। प्रदूषित पानी के सेवन से विभिन्न संक्रामक बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि जलापूर्ति बहाल नहीं की गई तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस बाबत जल निगम के जेई सचिन प्रजापति का कहना है कि पंप में आई तकनीकी खामी को ठीक कराया जा रहा है। बजट स्वीकृति होने पर नई पाइपलाइन बिछा दी जाएगी।
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