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सूखने के कगार पर है सैकड़ों एकड़ धान की फसल
Updated Wed, 20 Sep 2017 11:27 PM IST
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मझवारा। धान की फसल के पीक आवर में पवनी खैरा माइनर में पानी न छोड़े जाने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। सिंचाई के अभाव में सैकड़ों एकड़ धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। शिकायत के बाद भी सिंचाई विभाग मामले को गंभीरता से नहीं ले रहा है।
दोहरीघाट पंप कैनाल नहर से संबद्ध पवनी खैरा माइनर से क्षेत्र के खैरा मुहम्मदपुर, पवनी, मलेरीकोट, वृंदावन, दरियाबाद, रामपुर, चिऊटापुर सहित दर्जनों गांवों की सैकड़ों एकड़ उपजाऊं भूमि की सिंचाई की जाती है। धान की फसल फूटने की स्थिति में है। ऐसे में पीक आवर में माइनर लंबे समय से सूखी पड़ी है। यदि कभी कभार पानी छोड़ा जाता है तो तली में ही पानी रहता है। साधन संपन्न किसान ही उस पानी का उपयोग कर पाते हैं। लो वोल्टेज तथा अघोषित बिजली कटौती का क्रम जारी रहने से निजी नलकूप भी अपेक्षा के अनुरुप पानी उगल नहीं पा रहे हैं। हालत यह है कि सिंचाई के अभाव में धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। इस संबंध में क्षेत्र के सूर्यनारायण पांडेय, सचिदानंद पांडेय, दामोदर यादव, रामप्रताप यादव, अभिषेक यादव का कहना है कि किसानों की जरूरत के मुताबिक माइनर में पानी ही नहीं छोड़ा जाता है। इससे धान की फसल प्रभावित हो रही है, लेकिन माइनर में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। माइनर में पानी अविलंब नहीं छोड़ा गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
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दोहरीघाट पंप कैनाल नहर से संबद्ध पवनी खैरा माइनर से क्षेत्र के खैरा मुहम्मदपुर, पवनी, मलेरीकोट, वृंदावन, दरियाबाद, रामपुर, चिऊटापुर सहित दर्जनों गांवों की सैकड़ों एकड़ उपजाऊं भूमि की सिंचाई की जाती है। धान की फसल फूटने की स्थिति में है। ऐसे में पीक आवर में माइनर लंबे समय से सूखी पड़ी है। यदि कभी कभार पानी छोड़ा जाता है तो तली में ही पानी रहता है। साधन संपन्न किसान ही उस पानी का उपयोग कर पाते हैं। लो वोल्टेज तथा अघोषित बिजली कटौती का क्रम जारी रहने से निजी नलकूप भी अपेक्षा के अनुरुप पानी उगल नहीं पा रहे हैं। हालत यह है कि सिंचाई के अभाव में धान की फसल सूखने के कगार पर पहुंच गई है। इस संबंध में क्षेत्र के सूर्यनारायण पांडेय, सचिदानंद पांडेय, दामोदर यादव, रामप्रताप यादव, अभिषेक यादव का कहना है कि किसानों की जरूरत के मुताबिक माइनर में पानी ही नहीं छोड़ा जाता है। इससे धान की फसल प्रभावित हो रही है, लेकिन माइनर में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है। माइनर में पानी अविलंब नहीं छोड़ा गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
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