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परिवार परामर्श केंद्र में दस मामलों का हुआ निस्तारण
Updated Sun, 02 Jul 2017 11:51 PM IST
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मऊ। पुलिस परिवार परार्मश केंद्र की बैठक रविवार को पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव के निर्देशन में पुलिस लाइन स्थित मनोरंजन कक्ष में हुई। इसमें 31 पारिवारिक मामले आए जिसमें परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से दस मामलों का निस्तारण हुआ। जिसमें सात जोड़ों ने अपना-अपना मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। सात जोड़ो के साथ-साथ रहने को तैयार हो जाने से 14 परिवारों के बीच रिश्तो में आ रही खटास दूर हो जाने सें उनके परिवार की खुशिया लौट आयी। शेष मामलों में बैठक की अगली तिथि 16 जुलाई 2017 नियत कर पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश दिया गया।
परिवार परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से ज्योति और सोनू, सुधा और नागेंद्र, मुन्नी और रामसदन, चंदन और सरोज यादव , रीतू गोड़ और बबलू, मंजू और अवधेश, बहीदुन्नेशा और हसनैन ने अपना-अपना मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। जिससे 14 परिवारों के बीच टूट रहे रिश्ते बन जाने के चलते उनकी खुशियां एक बार फिर लौट आई। वहीं अजय और प्रेमशीला, रुकैया फातिमा और मुहम्मद शाहिद तथा किरन यादव और डब्लू यादव के मामले में पक्षकरों के लगातार अनुपस्थिति के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई। इस दौरान चार मामलों में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया। सात मामलों में एक-एक पक्ष उपस्थित रहे, तथा दस मामलों में कोई पक्षकार उपस्थित नहीं हुआ। जिसमें पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश देते हुए बैठक की अगली तिथि 16 जुलाई 2017 नियत की गई। बैठक में परामर्श केंद्र के सदस्यगण सर्वेश दूबे, विनोद कुमार सिंह, अर्चना उपाध्याय, रत्नेश पांडेय, इब्राहिम सेवक, मौलवी अरशद, डा. एमए खान के अलावा महिला आरक्षी पुष्पा गुप्ता और गीता यादव ने मामलों के निस्तारण में योगदान दिया। इस मौके पर काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।
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परिवार परामर्श केंद्र के सदस्यों के प्रयास से ज्योति और सोनू, सुधा और नागेंद्र, मुन्नी और रामसदन, चंदन और सरोज यादव , रीतू गोड़ और बबलू, मंजू और अवधेश, बहीदुन्नेशा और हसनैन ने अपना-अपना मतभेद भुलाकर साथ-साथ रहने को तैयार हो गए। जिससे 14 परिवारों के बीच टूट रहे रिश्ते बन जाने के चलते उनकी खुशियां एक बार फिर लौट आई। वहीं अजय और प्रेमशीला, रुकैया फातिमा और मुहम्मद शाहिद तथा किरन यादव और डब्लू यादव के मामले में पक्षकरों के लगातार अनुपस्थिति के चलते पत्रावली निस्तारित कर दी गई। इस दौरान चार मामलों में पक्षकारों ने सुलह के लिए समय की मांग किया। सात मामलों में एक-एक पक्ष उपस्थित रहे, तथा दस मामलों में कोई पक्षकार उपस्थित नहीं हुआ। जिसमें पक्षकारों को नोटिस भेजे जाने का निर्देश देते हुए बैठक की अगली तिथि 16 जुलाई 2017 नियत की गई। बैठक में परामर्श केंद्र के सदस्यगण सर्वेश दूबे, विनोद कुमार सिंह, अर्चना उपाध्याय, रत्नेश पांडेय, इब्राहिम सेवक, मौलवी अरशद, डा. एमए खान के अलावा महिला आरक्षी पुष्पा गुप्ता और गीता यादव ने मामलों के निस्तारण में योगदान दिया। इस मौके पर काफी संख्या में पक्षकार और उनके परिजन उपस्थित रहे।
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