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नहर टूटने से 20 एकड़ फसल जलमग्न
mau
Updated Fri, 27 Jul 2018 10:49 PM IST
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घोसी ब्लाक के सुल्तानपुर गांव में नहर टूटने से जलमग्न हुई फसल।
- फोटो : mau
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तहसील क्षेत्र के सुल्तानपुर गांव के उत्तर स्थित लिंक नहर शुक्रवार की भोर में चार मीटर तक क्षतिग्रस्त हो गई। जिससे 20 एकड़ से अधिक खेत जलमग्न हो गए। नहर के ओवरफ्लो होने की सूचना मिलने पर सिंचाई विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य में जुट गए।
दोहरीघाट मुख्य पंप कैनाल से पीड़सूई गांव से होते हुए सुल्तानपुर गांव होते हुए निकली है। सिंचाई विभाग द्वारा नहर की सफाई न कराने से नहर जगह जगह से जर्जर हो चुकी है। इसका सबसे ज्यादा असर सुल्तानपुर गांव के पास मुख्य पुलिया के पश्चिम नहर का दक्षिणी बंधा पर हुआ है। जहां मरम्मत के अभाव में बंधा कमजोर हो गया था। पिछले कई दिनों से नहर में पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़े जाने से शुक्रवार की भोर 4 बजे के करीब बंधा टूटकर बह गया। बंधा टूटने के बाद क्षेत्र के मो. इस्लाम, श्रीकिशुन, नवीन अहमद, सबहुद्दीन, अब्दुल्लाह जहीर, असलम, सत्येंद्र, नदीम सहित दूसरे किसानों के करीब 20 एकड़ की फसल जलमग्न हो गई।
उधर नहर टूटने की जानकारी मिलने पर पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने जेसीबी की मदद से मरम्मत कार्य शुरू करा दिया। जहां देर शाम 6 बजे तक चले मरम्मत कार्य के बाद टूटे बंधे को दुरस्त करा दिया गया। उधर नहर टूटने से डूबी फसलों के किसान राजेंद्र यादव का कहना हैं कि कई बार सिंचाई विभाग के नहर के जर्जर हालात से अवगत कराया गया था। इसके बावजूद विभाग के अधिकारियों ने न तो कभी सफाई कराया न ही पानी छोड़े जाने के बाद मानीटरिंग की। जिसके चलते बंधा टूटने से किसानों की फसल जलमग्न हो गई।
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दोहरीघाट मुख्य पंप कैनाल से पीड़सूई गांव से होते हुए सुल्तानपुर गांव होते हुए निकली है। सिंचाई विभाग द्वारा नहर की सफाई न कराने से नहर जगह जगह से जर्जर हो चुकी है। इसका सबसे ज्यादा असर सुल्तानपुर गांव के पास मुख्य पुलिया के पश्चिम नहर का दक्षिणी बंधा पर हुआ है। जहां मरम्मत के अभाव में बंधा कमजोर हो गया था। पिछले कई दिनों से नहर में पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़े जाने से शुक्रवार की भोर 4 बजे के करीब बंधा टूटकर बह गया। बंधा टूटने के बाद क्षेत्र के मो. इस्लाम, श्रीकिशुन, नवीन अहमद, सबहुद्दीन, अब्दुल्लाह जहीर, असलम, सत्येंद्र, नदीम सहित दूसरे किसानों के करीब 20 एकड़ की फसल जलमग्न हो गई।
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उधर नहर टूटने की जानकारी मिलने पर पहुंचे सिंचाई विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने जेसीबी की मदद से मरम्मत कार्य शुरू करा दिया। जहां देर शाम 6 बजे तक चले मरम्मत कार्य के बाद टूटे बंधे को दुरस्त करा दिया गया। उधर नहर टूटने से डूबी फसलों के किसान राजेंद्र यादव का कहना हैं कि कई बार सिंचाई विभाग के नहर के जर्जर हालात से अवगत कराया गया था। इसके बावजूद विभाग के अधिकारियों ने न तो कभी सफाई कराया न ही पानी छोड़े जाने के बाद मानीटरिंग की। जिसके चलते बंधा टूटने से किसानों की फसल जलमग्न हो गई।
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