फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   पहले दिन हुई मां शैलपुत्री की पूजा

पहले दिन हुई मां शैलपुत्री की पूजा

Sat, 06 Apr 2019 11:42 PM IST
pawan singh पवन सिंह
Updated Sat, 06 Apr 2019 11:42 PM IST
विज्ञापन
पहले दिन हुई मां शैलपुत्री की पूजा
नवरात्र के पहले दिन शनिवार को नगर के शीतला धाम मंदिर पर की गई सजावट। - फोटो : mau
मऊ। देवी दुर्गा की पूजा पर्व के प्रथम दिन शनिवार को दुर्गा मंदिरों में भवानी शैल पुत्री की आराधना की गई। दुर्गा के प्रथम अवतार शैल पुत्री की पूजा के लिए मंदिरों में श्रद्घालुओं का तांता लगा रहा। इस दौरान लोगों ने व्रत रखकर मां का पूजन अर्चन किया। नवरात्रि पर्व के मद्देनजर जिले के प्रमुख मंदिरों को काफी आकर्षक ढंग से सजाया गया था। इसके साथ ही प्रमुख मंदिरों पर भारी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे।
विज्ञापन

नगर क्षेत्र के प्रमुख मंदिरों माता पोखरा स्थित शीतला माता धाम, आजमगढ़ मोड़ समीप स्थित दुर्गा मंदिर सहित जिले के कहिनौर गांव स्थित वनदेवी धाम, खुरहट स्थित सीरियापुर की देई मां मंदिर, कोपागंज स्थित दुर्गा मंदिर, मांदी सिपाह में कोयलमर्याद भवानी माई मंदिर, मधुबन क्षेत्र के निधियांव गांव स्थित अष्टभुजी मंदिर समेत जिले के अन्य गांवों में स्थित तमाम देवी मंदिरों पर श्रद्घालुओं की भीड़ देखी गई। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा को इलायची, नारियल, दाना सहित मिष्ठान चढ़ाए और दर्शन पूजन कर अपने को धन्य किया। इस दौरान देवी मंदिर मां के जयकारों से गूंजते रहे। भक्तों ने पूजा के लिए पहले से ही सारी तैयारियां पूरी कर ली थी। यही वजह था कि पहले दिन पूजा अर्चन करने वालें भक्तों में अपूर्व उत्साह देखने को मिला। लोगों के उत्साह को देखते हुए उम्मीद है कि नौ दिनों तक होने वाली मां दुर्गा की पूजा धूमधाम से संपन्न होगी। पहले दिन खास तौर से वनदेवी धाम, शीतला माता धाम, मां कोयल मर्याद भवनी माई मंदिर पर भारी संख्या में भक्तों की भीड़ देखी गई।
विज्ञापन

उल्लेखनीय है कि दुर्गा के पहले अवतार शैल पुत्री को प्रकृति की देवी माना जाता है। देवी का यही स्वरूप भक्तों को पर्यावरण संतुलन की ओर प्रेरित करता है। मान्यता के अनुसार देवी का प्रथम अवतार सांस्कृतिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, धार्मिक और वैज्ञानिक विचारों को प्रभावित करता है। मा दुर्गा के आराधना मात्र से ही मनुष्य के वैचारिक विकार दूर हो जाते हैं। शास्त्रों, पुराणों के मुताबिक हिमालय की पुत्री होने के कारण ही दुर्गा के पहले अवतार का नाम शैलपुत्री पड़ा। प्रकृति के भावों को स्पष्ट करने के लिए ही देवी के प्रथम स्वरूप के रूप में मां शैलपुत्री की आराधना की जाती है। इन्हीं मान्यताओं को देखते हुए श्रद्घालुओं ने मंदिरों में जाकर शैल पुत्री की पूजा की।
विज्ञापन
विज्ञापन


उधर, ग्रामीण इलाके भी देवीमय रहे। मंदिरों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। जयकारों के बीच लोगों ने मां देवी के नौ स्वरूपों में से पहले स्वरूप की विधिवत पूजा अर्चना की। इस दौरान मंदिर देवी के जयकारों से गूंजते रहे।
दोहरीघाट : कस्बा सहित क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में स्थापित देवी मंदिरों में लोगों ने पूजन अर्चन किया। कस्बे के जानकीघाट पर स्थित दुर्गा मंदिर में भोर से पूजन अर्चन करने के लिए श्रद्घालुओं का रेला लगा रहा।
पिपरीडीह : क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में स्थित मंदिरों में लोगों ने व्रत रखकर पारंपरिक तौर से मां दुर्गा की पूजा की। क्षेत्र के वनदेवी धाम पर दूरदराज से श्रद्घालुओं का सुबह से ही पूजन अर्चन करने के लिए तांता लगा रहा।
बोझी बाजार : क्षेत्र के मांदी सिपाह स्थित मां कोयल मर्याद भवानी माई मंदिर पर विभिन्न जगहों से आए हजारों श्रद्घालुओं ने विधि विधान से पूजन अर्चन किया। इस दौरान श्रद्घालुओं के जयकारे से वातावरण गूंज उठा। अधिकांश ने हवन कराकर मंगल कामना की।
रानीपुर : नवरात्र के पहले दिन क्षेत्र के सिरियापुर स्थित देईया माई मंदिर पर भक्तों का रेला लगा रहा। भक्तों ने नारियल,चुनरी,प्रसाद आदि चढ़ाकर विधि विधान पूर्वक माँ का पूजन अर्चन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। कुसुम्हा : नवरात्र के पहले दिन क्षेत्र के सिद्धदात्री मंदिर कोरौली, दुर्गा मंदिर कुसुम्हा, कोयल मर्यादा मंदिर मादी सिपाह सहित विभिन्न देवी मंदिरों पर मां का पूजन अर्चन करने के लिए श्रद्धालुओं का तड़के से ही रेला लगा रहा।
फतहपुर मंडाव : बस्तीवरसी निधियाव गांव स्थित प्राचीन मंदिर मां अष्टभुजा मंदिर, कटघरा शंकर के रौजा स्थित मां दुर्गा मंदिर तथा काठतरांव के गाईगवा के सम्मे स्थान पर देवी भक्तों का सुबह से ही रैला लगा रहा।
अमिला : कस्बा के कायस्थ टोला स्थित मां दुर्गा मंदिर तथा ठाकुरद्वारा परिसर स्थित मां काली मंदिर सहित विभिन्न देवी मंदिरों पर श्रद्धालुओं ने विधिविधान से पूजन अर्चन किया।


इंदारा : प्राचीन दुर्गा मंदिर जय माता दी के जयकारों से गूंज उठे। तड़के से ही भक्तों का दर्शन पूजन के लिए रेला लगा रहा।
घोसी : नवरात्र के प्रथम दिन सोधनपुर पकड़ी रोड स्थित शारदा मंदिर, सीताकुंड स्थित मां शीतला मंदिर, बस स्टेशन स्थित हनुमान मंदिर, मझवारा मोड़ स्थित शिव मंदिर, कस्बा खास स्थित प्राचीन शिव मंदिर, तिलई बुजुर्ग स्थित शिव मंदिर सहित कई मंदिरों में शनिवार को दिन भर श्रद्धालुओं का पूजन अर्चन करने के लिए ताता लगा रहा। घरों में कलश स्थापित कर आदि शक्ति की आराधना की। इसके चलते घोसी नगर में फल एवं फूल मालाओं के दुकानों पर खरीदने के लिए काफी भीड़ लगी रही।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed