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नहीं लग सका नया फीडर
Updated Wed, 27 Jun 2018 12:13 AM IST
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परदहां ब्लाक क्षेत्र के कोटवां स्थित विद्युत उपकेंद्र से संबद्ध क्षेत्रों में ओवरलोड से लो बोल्टेज से विद्युत उपभोक्ताओं को तमाम समस्याओं से जूझना पड़ रहा है। बिजली रहने पर भी लोग उपभोग नहीं कर पा रहे हैं। ओवरलोड से निजात दिलाने के लिए विद्युत उपकेंद्र में नया फीडर बनाया जाना था। विभाग की तरफ से एक वर्ष पूर्व मशीन भी भेज दी गई, लेकिन नया फीडर अभी तक नहीं लग सका है। मशीनें पिछले एक वर्ष से विद्युत उपकेंद्र परिसर में बेकार पड़ी है। अधिकारी लिखा पढ़ी करने में एक वर्ष बीता दिया। परेशान ग्रामीण आंदोलन करने का मन बना रहे हैं।
कोटवां स्थित विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र के कहिनौर, महलीपुर, उस्मानपुर, रैकवारडीह, खरगजेपुर, बबुआपुर सहित विभिन्न इलाकों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। विद्युत उपकेंद्र में दो फीडर बनाए गए हैं। वनदेवी फीडर से काफी दूर दराज के इलाकों को जोड़ दिए जाने से उपभोक्ताओं को लो बोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है। पांच से दस मिनट पर फीडर ट्रिप हो जाने से कृषि तथा कुटीर उद्योग पर विपरीत असर पड़ रहा है। बिजली रहने पर लो बोल्टेज से नलकूप नहीं चल पा रहा है। बल्ब टिमटिमाते रहने से अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ता है। ओवरलोड की समस्या से निजात दिलाने के लिए विभाग की तरफ से न्यू वनदेवी फीडर बनाया जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। विभाग की तरफ से एक वर्ष पूर्व मशीन भी भेज दी गई। लेकिन नया फीडर अभी तक नहीं लग सका है। मशीनें विद्युत उपकेंद्र परिसर में बेकार पड़ी है। इस संबंध में क्षेत्र के हीरा राम, संजय सिंह, गिरीश बर्नवाल, सुबोध सिंह, रामजी मौर्य, सर्वजीत यादव का कहना है कि ओवरलोड तथा लो बोल्टेज से काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। विद्युत उपकेंद्र परिसर में एक वर्ष से मशीनें बेकार पड़ी है, लेकिन विभाग की तरफ से मशीनों को लगाने की रुचि नहीं ली जा रही है। ओवरलोड की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस बाबत विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता विकास दुबे का कहना हबच कि विभागीय अधिकारियों को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होते ही नया फीडर लगा दिया जाएगा।
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कोटवां स्थित विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र के कहिनौर, महलीपुर, उस्मानपुर, रैकवारडीह, खरगजेपुर, बबुआपुर सहित विभिन्न इलाकों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। विद्युत उपकेंद्र में दो फीडर बनाए गए हैं। वनदेवी फीडर से काफी दूर दराज के इलाकों को जोड़ दिए जाने से उपभोक्ताओं को लो बोल्टेज की समस्या से जूझना पड़ रहा है। पांच से दस मिनट पर फीडर ट्रिप हो जाने से कृषि तथा कुटीर उद्योग पर विपरीत असर पड़ रहा है। बिजली रहने पर लो बोल्टेज से नलकूप नहीं चल पा रहा है। बल्ब टिमटिमाते रहने से अंधेरे में जीवन यापन करना पड़ता है। ओवरलोड की समस्या से निजात दिलाने के लिए विभाग की तरफ से न्यू वनदेवी फीडर बनाया जाने का प्रस्ताव शासन को भेजा गया। विभाग की तरफ से एक वर्ष पूर्व मशीन भी भेज दी गई। लेकिन नया फीडर अभी तक नहीं लग सका है। मशीनें विद्युत उपकेंद्र परिसर में बेकार पड़ी है। इस संबंध में क्षेत्र के हीरा राम, संजय सिंह, गिरीश बर्नवाल, सुबोध सिंह, रामजी मौर्य, सर्वजीत यादव का कहना है कि ओवरलोड तथा लो बोल्टेज से काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। विद्युत उपकेंद्र परिसर में एक वर्ष से मशीनें बेकार पड़ी है, लेकिन विभाग की तरफ से मशीनों को लगाने की रुचि नहीं ली जा रही है। ओवरलोड की समस्या का समाधान नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे। इस बाबत विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता विकास दुबे का कहना हबच कि विभागीय अधिकारियों को प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होते ही नया फीडर लगा दिया जाएगा।
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