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अधिकांश परिषदीय विद्यालयों में नहीं वितरित हुआ फल
Updated Tue, 25 Sep 2018 12:57 AM IST
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मऊ। अधिकांश परिषदीय स्कूलों में निर्धारित मेनू के हिसाब से बच्चों को फल वितरति नहीं किए जा रहे। मिड डे मील में सोमवार को मौसमी फल वितरित करने का निर्देश है। लेकिन प्रधानाध्यापक फल न उपलब्ध कराए जाने की बात कह कर अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहे।
जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। विद्यालयों में शत प्रतिशत नामांकन तथा ठहराव के लिए मिड-डे-मील सहित तमाम योजनाएं संचालित की गई हैं। लगभग सात करोड़ रुपया एमडीएम वार्षिक बजट है। इसके बाद भी बच्चों को मीनू के अनुरुप भोजन तथा फल नहीं मिल पा रहा है। बच्चों को सोमवार के दिन मिड-डे-मील रोटी सब्जी के साथ ही मौसमी फल देने का नियम लागू किया गया है। फल वितरण के लिए प्रति बच्चे चार रुपये की दर से बजट जारी किया जाता है। प्रधानाध्यापक तथा ग्राम प्रधान के संयुक्त खाते में कनवर्जन राशि भी भेजी जा रही है। इसके बाद भी फल वितरण नहीं हो रहा। कुसुम्हा : गोठा न्याय पंचायत से संबद्ध 18 परिषदीय विद्यालयों में फल का वितरण नहीं कराया गया। गोठा न्याय पंचायत से मात्र तीन प्राथमिक विद्यालय बुढ़ावर नंबर एक, प्राथमिक विद्यालय नंबर दो और प्राथमिक विद्यालय बसिया राम में ही फल का वितरण गया। अभिभावकों का कहना था कि प्रत्येक सोमवार के दिन बच्चों को फल देने का नियम है, लेकिन आदेश को ताक पर रख दिया गया है। पिपरीडीह : प्राथमिक विद्यालय खरगजेपुर में फल का वितरण नहीं किया जा सका। 56 बच्चों के नामांकन के सापेक्ष 37 बच्चे उपस्थित रहे। यही हाल अन्य ब्लाक क्षेत्रों के स्कूलों का रही। जिला समन्वयक एमडीएम अमित कुमार श्रीवास्तव ने इसके प्रति अनभिज्ञता जताई।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। औचक निरीक्षण में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राजेश कुमार आर्य, सहायक मंडलीय शिक्षा निदेशक
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जिले में 1060 प्राथमिक तथा 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं। विद्यालयों में शत प्रतिशत नामांकन तथा ठहराव के लिए मिड-डे-मील सहित तमाम योजनाएं संचालित की गई हैं। लगभग सात करोड़ रुपया एमडीएम वार्षिक बजट है। इसके बाद भी बच्चों को मीनू के अनुरुप भोजन तथा फल नहीं मिल पा रहा है। बच्चों को सोमवार के दिन मिड-डे-मील रोटी सब्जी के साथ ही मौसमी फल देने का नियम लागू किया गया है। फल वितरण के लिए प्रति बच्चे चार रुपये की दर से बजट जारी किया जाता है। प्रधानाध्यापक तथा ग्राम प्रधान के संयुक्त खाते में कनवर्जन राशि भी भेजी जा रही है। इसके बाद भी फल वितरण नहीं हो रहा। कुसुम्हा : गोठा न्याय पंचायत से संबद्ध 18 परिषदीय विद्यालयों में फल का वितरण नहीं कराया गया। गोठा न्याय पंचायत से मात्र तीन प्राथमिक विद्यालय बुढ़ावर नंबर एक, प्राथमिक विद्यालय नंबर दो और प्राथमिक विद्यालय बसिया राम में ही फल का वितरण गया। अभिभावकों का कहना था कि प्रत्येक सोमवार के दिन बच्चों को फल देने का नियम है, लेकिन आदेश को ताक पर रख दिया गया है। पिपरीडीह : प्राथमिक विद्यालय खरगजेपुर में फल का वितरण नहीं किया जा सका। 56 बच्चों के नामांकन के सापेक्ष 37 बच्चे उपस्थित रहे। यही हाल अन्य ब्लाक क्षेत्रों के स्कूलों का रही। जिला समन्वयक एमडीएम अमित कुमार श्रीवास्तव ने इसके प्रति अनभिज्ञता जताई।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से रिपोर्ट मांगी गई है। औचक निरीक्षण में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
राजेश कुमार आर्य, सहायक मंडलीय शिक्षा निदेशक