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1770 किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ
mau
Updated Sat, 26 May 2018 12:08 AM IST
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सरकार केे ऋणमाफी योजना के लाभ से जिले में सैकड़ों किसान अभी भी वंचित हैं। वंचित किसान कृषि विभाग और बैंकों के चक्कर लगाने को विवश हैं। जिले की चारों तहसीलों के कुल 1770 किसान इस योजना के लाभ से वंचित हैं। इसके लिए बैंकों के कर्मचारी और लेखपालों की कार्यप्रणाली को किसान दोषी मान रहे हैं। जिले की चारों तहसीलों के विभिन्न गांवों के 38 हजार 468 किसान सरकार की ऋणमोचन योजना के तहत पात्र चिह्नित किए गए थे। जिला मुख्यालय से लेकर जिला मुख्यालय पर कैंप लगाकर किसानों को इस योजना के लाभ देने के प्रमाण पत्र दिए गए थे। इनमें से 36698 किसानोें को योजना का लाभ मिला। लेकिन अभी भी 1770 पात्र ऋण माफी का इंतजार ही कर रहे।
किसान अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगाते रहे और अधिकारी उनको कोरे आश्वासन देते रहे। कृषि विभाग में पहुंचने वाले किसानों को कहा जाता था कि उनके यहां से अब कुछ भी होने वाला नहीं है। वे एनआईसी जाकर पता लगाएं कि उनका नाम लाभार्थियों की सूची में क्यों नहीं है। एनआईसी पहुंचने पर कहा जाता कि अपने बैंकों की शाखाओं पर जाकर पता लगाएं। इस बाबत किसान नेताओं की शिकायतें हैं कि लेखपालों की मनमानी और अवैध धन उगाही की प्रवृत्ति के चलते भी किसानों के नाम पात्र लाभार्थियों की सूची में अंकित नहीं हो पाए। जबकि उधर किसान अपनी ऋण माफी के लिए परेशान हाल यहां से वहां दौ़ड़ते रहे।
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किसान अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगाते रहे और अधिकारी उनको कोरे आश्वासन देते रहे। कृषि विभाग में पहुंचने वाले किसानों को कहा जाता था कि उनके यहां से अब कुछ भी होने वाला नहीं है। वे एनआईसी जाकर पता लगाएं कि उनका नाम लाभार्थियों की सूची में क्यों नहीं है। एनआईसी पहुंचने पर कहा जाता कि अपने बैंकों की शाखाओं पर जाकर पता लगाएं। इस बाबत किसान नेताओं की शिकायतें हैं कि लेखपालों की मनमानी और अवैध धन उगाही की प्रवृत्ति के चलते भी किसानों के नाम पात्र लाभार्थियों की सूची में अंकित नहीं हो पाए। जबकि उधर किसान अपनी ऋण माफी के लिए परेशान हाल यहां से वहां दौ़ड़ते रहे।
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