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करोड़ों के प्रोजेक्ट में मानक की उड़ रही धज्जी
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शासन की तरफ से मुक्तिधाम सहित धरोहरों को बचाने के लिए करोड़ों की लागत से शुरू किए गए प्रोजेक्ट में मानक की धज्जी उड़ने से नगरवासियों में आक्रोश पनप रहा है। शासन की तरफ से मुक्तिधाम से श्मशान घाट से लेकर खाकी बाबा की कुटी तक कटान रोकने के लिए पिचीकरण अपरन लांचिंग के लिए 10.73 करोड़ रुपये धन स्वीकृत किया गया है। नए बोल्डर को जाली में डालकर नदी में छह मीटर लंबाई में डंप करना है लेकिन यहां पोकलेन मशीन से नदी में बोल्डर गिराकर खानापूर्ति की जा रही है। शिकायत के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा सका है।
मुक्तिधाम सहित धरोहरों को घाघरा के कटान से बचाने के लिए 10.73 करोड़ रूपये का प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। नियम के तहत शासन की तरफ से मुक्तिधाम से श्मशान घाट से लेकर खाकी बाबा की कुटी तक नए बोल्डर को जाली में डालकर नदी में छह मीटर लंबाई में डंप करना है। चार मीटर चौड़ाई में तीन बोल्डर के लेयर की पीचिंग होनी है। उसके बाद साढ़े तीन मीटर चौड़ा दो लेयर उसके बाद उसके बाद डेढ़ मीटर की चौड़ाई में बोल्डर का दो लेयर बनना है। लेकिन यहां पोकलेन मशीन से नदी में बोल्डर गिराकर खानापूर्ति की जा रही है। घाघरा का जलस्तर से लोगों को नदी के कहर बरपाने की चिंता सताने लगी है। इस संबंध में पंकज मद्धेशिया, अरविंद साहू, ऋषिराज मिश्र, राहुल का कहना है कि प्रोजेक्ट में व्यापक पैमाने पर अनियमितता बरती जा रही है। मानक के अनुरुप काम नहीं किया गया तो हम लोग काम रोक देंगे। इसी क्रम में पूर्व चेयरमैन गुलाबचंद गुप्त ने कहा कि मानकों की अनदेखी अगर हुई तो पुरा मुक्तिधाम परिवार धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य हो जाएगा। इस बाबत सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवान का कहना है कि मानकों के अनुसार ही कराया जाएगा। मानक के विपरीत कार्य कराने पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्टेड कर दिया जाएगा।
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मुक्तिधाम सहित धरोहरों को घाघरा के कटान से बचाने के लिए 10.73 करोड़ रूपये का प्रोजेक्ट शुरू किया गया है। नियम के तहत शासन की तरफ से मुक्तिधाम से श्मशान घाट से लेकर खाकी बाबा की कुटी तक नए बोल्डर को जाली में डालकर नदी में छह मीटर लंबाई में डंप करना है। चार मीटर चौड़ाई में तीन बोल्डर के लेयर की पीचिंग होनी है। उसके बाद साढ़े तीन मीटर चौड़ा दो लेयर उसके बाद उसके बाद डेढ़ मीटर की चौड़ाई में बोल्डर का दो लेयर बनना है। लेकिन यहां पोकलेन मशीन से नदी में बोल्डर गिराकर खानापूर्ति की जा रही है। घाघरा का जलस्तर से लोगों को नदी के कहर बरपाने की चिंता सताने लगी है। इस संबंध में पंकज मद्धेशिया, अरविंद साहू, ऋषिराज मिश्र, राहुल का कहना है कि प्रोजेक्ट में व्यापक पैमाने पर अनियमितता बरती जा रही है। मानक के अनुरुप काम नहीं किया गया तो हम लोग काम रोक देंगे। इसी क्रम में पूर्व चेयरमैन गुलाबचंद गुप्त ने कहा कि मानकों की अनदेखी अगर हुई तो पुरा मुक्तिधाम परिवार धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य हो जाएगा। इस बाबत सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र पासवान का कहना है कि मानकों के अनुसार ही कराया जाएगा। मानक के विपरीत कार्य कराने पर ठेकेदार को ब्लैकलिस्टेड कर दिया जाएगा।
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