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संघर्षों के बीच महिलाओं को ढुंढनी होगी जिंदगी : विभा आनंद
Fri, 19 Apr 2019 11:51 PM IST
वाराणसी ब्यूरो
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मऊ
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मऊ
Published by: वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 19 Apr 2019 11:51 PM IST
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जिला मुख्यालय स्थित पालिका कम्युनिटी हाल में शुक्रवार को आयोजित सपनों की उड़ान कार्यक्रम में भाग लेने आईं टीवी कलाकार विभा आनंद ने कार्यक्रम के बाद अमर उजाला के अपराजिता 100 इस्माइल पोस्टर का प्रमोशन किया। इस दौरान अमर उजाला से बात करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं का जीवन संघर्षों से भरा होता है। उसी के बीच महिलाओं को जीवन तलाशना होगा। तभी वो अपराजिता बनेंगी और उनके चेहरे पर इस्माइल आएगी।
उन्होंने कहा कि वो दस वर्षों से टीवी सीरियल में बतौर नायिका काम कर रही हैं, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। तमाम झंझावतों के बाद वो आज सफल कलाकार है। उनका यह कैरियर अपराजिता से कम नही है। उन्होंने बताया कि वो लगन से अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगी थी। फिल्म इंडस्ट्रीज में बढ़ते संघर्ष के बाबत पूूछे जाने पर बोली कि आज काम पहले की अपेक्षा बहुत बढ़ गया है।
बेहतर कलाकारों के लिए किरदारों की कमी नहीं है, अब डिपेंड करता है कि किसे क्या पसंद है। उन्होंने बताया कि मुझे वो किरदार बहुत पसंद आते हैं, जिससे समाज को कुछ सीख मिले और खुद को भी कुछ नया सीखने का मौका मिलता है। बोली अब तक किए गए कामों में मुझे सबसे ज्यादा महाभारत में सुभद्रा का रोल तथा बालिका वधु में सुगना का रोल पसंद आया। क्योंकि दोनों रोल में उन्हे कुछ न कुछ बेहतर सीखने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि जब मुझे पता चला कि अमर उजाला के उस कार्यक्रम में उन्हे भाग लेना है, जिसमें उनके भाग लेने पर लोगों को लाभ मिलेगा तो बहुत खुशी हुई। बोलीं महिलाओं को संघर्ष कर अपराजिता बनने की जरूरत है, ना कि डरने और हारने की।
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उन्होंने कहा कि वो दस वर्षों से टीवी सीरियल में बतौर नायिका काम कर रही हैं, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। तमाम झंझावतों के बाद वो आज सफल कलाकार है। उनका यह कैरियर अपराजिता से कम नही है। उन्होंने बताया कि वो लगन से अपने लक्ष्य को पाने के लिए लगी थी। फिल्म इंडस्ट्रीज में बढ़ते संघर्ष के बाबत पूूछे जाने पर बोली कि आज काम पहले की अपेक्षा बहुत बढ़ गया है।
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बेहतर कलाकारों के लिए किरदारों की कमी नहीं है, अब डिपेंड करता है कि किसे क्या पसंद है। उन्होंने बताया कि मुझे वो किरदार बहुत पसंद आते हैं, जिससे समाज को कुछ सीख मिले और खुद को भी कुछ नया सीखने का मौका मिलता है। बोली अब तक किए गए कामों में मुझे सबसे ज्यादा महाभारत में सुभद्रा का रोल तथा बालिका वधु में सुगना का रोल पसंद आया। क्योंकि दोनों रोल में उन्हे कुछ न कुछ बेहतर सीखने का मौका मिला। उन्होंने बताया कि जब मुझे पता चला कि अमर उजाला के उस कार्यक्रम में उन्हे भाग लेना है, जिसमें उनके भाग लेने पर लोगों को लाभ मिलेगा तो बहुत खुशी हुई। बोलीं महिलाओं को संघर्ष कर अपराजिता बनने की जरूरत है, ना कि डरने और हारने की।
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