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डॉ. आंबेडकर का संविधान ने दिया है भारतीयों को नई जिंदगी
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ब्लाक क्षेत्र के रघौली बाजार स्थित डॉ आंबेडकर चौक से बाबा साहेब डॉ.आंबेडकर के जन्मदिन के अवसर पर विशाल आंबेडकरी मिशन जागरुकता जुलूस निकाला गया। इस दौरान मुख्य अतिथि डॉ. रामविलास भारती ने पंचशील दिखाकर जुलूस को रवाना किया।
जुलूस में रघौली चौक से मझवारा मोड़ होते हुए बस स्टेशन घोसी तक पहुंच कर संगोष्ठी के रूप में तब्दील हो गया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा आमलोगों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. रामविलास भारती ने कहा कि बाबा साहेब डॉ.आंबेडकर के विचारों को पहुंचाना हम पढ़े लिखे लोगों की जिम्मेदारी बनती है। डॉ. आंबेडकर के जन्मदिन से बुद्धाब्द आंबेडकर सन शुरू होता है। यह हमारा नववर्ष है, और यह संदेश लोगों तक जाना चाहिए। यह कार्य इस विशाल जन रथ के माध्यम से किया गया है। यह हमारी तथागत व बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर की सांस्कृतिक विरासत है। इसे बचाकर रखना हम सबका नैतिक कर्तव्य है। कार्यक्रम को सामाजिक कार्यकर्ता विजय कुमार ने कहा कि बाबा साहेब के मिशन एवं संविधान ने मूल भारतीयों को नई जिंदगी दिया है। बुद्धाब्द आंबेडकर सन का नया वर्ष हमारी दैनिक दिनचर्या को परिवर्तित करते हुए एक दिन मिल का पत्थर साबित होगा। संगोष्ठी को पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष पंकज भारती, रानू गौतम, अमरेश राव, सन्नी राव, अमरेश राव, मृत्युंजय, रोहित कुमार, संजीव कुमार आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर संजय यादव, अरविन्द यादव, जयनाथ निषाद, शैलेश चौहान, डब्लू राजभर आदि उपस्थित रहे। संचालन आलोक कुमार रंजन ने किया।
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जुलूस में रघौली चौक से मझवारा मोड़ होते हुए बस स्टेशन घोसी तक पहुंच कर संगोष्ठी के रूप में तब्दील हो गया। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा आमलोगों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. रामविलास भारती ने कहा कि बाबा साहेब डॉ.आंबेडकर के विचारों को पहुंचाना हम पढ़े लिखे लोगों की जिम्मेदारी बनती है। डॉ. आंबेडकर के जन्मदिन से बुद्धाब्द आंबेडकर सन शुरू होता है। यह हमारा नववर्ष है, और यह संदेश लोगों तक जाना चाहिए। यह कार्य इस विशाल जन रथ के माध्यम से किया गया है। यह हमारी तथागत व बाबा साहेब डॉ. आंबेडकर की सांस्कृतिक विरासत है। इसे बचाकर रखना हम सबका नैतिक कर्तव्य है। कार्यक्रम को सामाजिक कार्यकर्ता विजय कुमार ने कहा कि बाबा साहेब के मिशन एवं संविधान ने मूल भारतीयों को नई जिंदगी दिया है। बुद्धाब्द आंबेडकर सन का नया वर्ष हमारी दैनिक दिनचर्या को परिवर्तित करते हुए एक दिन मिल का पत्थर साबित होगा। संगोष्ठी को पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष पंकज भारती, रानू गौतम, अमरेश राव, सन्नी राव, अमरेश राव, मृत्युंजय, रोहित कुमार, संजीव कुमार आदि ने संबोधित किया। इस अवसर पर संजय यादव, अरविन्द यादव, जयनाथ निषाद, शैलेश चौहान, डब्लू राजभर आदि उपस्थित रहे। संचालन आलोक कुमार रंजन ने किया।
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