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चालकों के बदल जाने की अपडेट नहीं हो रही जानकारी
Updated Thu, 13 Dec 2018 11:47 PM IST
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स्कूली वाहनों के चालकों की मनमानी पर अंकुश लगाने और बच्चों की सुरक्षा के मद्देनजर शासन की तरफ से जारी किए गए फरमान का अनुपालन होता नजर नहीं आ रहा है। ऐसे में स्कूली बसें व अन्य वाहन धड़ल्ले से सड़कों पर फर्राटा भरते नजर आ रहे हैं। हालांकि प्रशासन की तरफ से बसों के पीछे स्कूल का नाम, चालक का नाम और लाइसेंस नंबर, स्कूल के वाहन प्रभारी का मोबाइल नंबर, पुलिस का नंबर अंकित करने का निर्देश दिया गया है, लेकिन इसे कुछ ही स्कूली वाहनों पर ही अंकित किया जा सका है।
जिन स्कूली वाहनों पर नंबर अंकित है, उनमें से बसों के चालक एवं स्कूलों के वाहन प्रभारी के बदल जाने के बाद भी मोबाइल नंबर नहीं बदला जा सका है। यहां तक कि इनकी मानीटरिंग भी कागजों पर ही चल रही है।
जिले में 542 निजी स्कूल संचालित हैं। शासन की तरफ से बसों के पीछे स्कूल का नाम, चालक का नाम और लाइसेंस नंबर, स्कूल के वाहन प्रभारी का मोबाइल नंबर, पुलिस का नंबर अंकित करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन नाम मात्र स्कूलों के वाहन पर ही मोबाइल नंबर लिखा हुआ है। विभागीय आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो 265 स्कूली बस पंजीकृत हैं। स्टाफ को ढोने के लिए 410 मैजिक वाहनों का पंजीकरण किया गया है। स्टाफ ढोने वाले वाहनों पर ही स्कूली बच्चों को ढोने का काम किया जा रहा है। कई स्कूलों में तीन पहिया वाहनों से बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर ले जाया जाता है। विभाग की तरफ से विद्यालयों के प्रबंधकों को सख्त हिदायत दी है कि स्कूली बस समेत अन्य वाहनों के पीछे स्कूल का नाम, चालक का नाम, लाइसेंस नंबर, स्कूल के वाहन प्रभारी का मोबाइल नंबर, पुलिस का नंबर, परमिट नंबर अंकित करने का फरमान जारी किया गया है। स्कूली वाहनों के चालकों की या अन्य शिकायत किसी को करनी हो तो वे आसानी से कर सकें। लेकिन अधिकांश स्कूली वाहन नियमों को दरकिनार कर चल रहे हैं।
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इनसेट
क्या कहते हैं विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य
लिटिल फ्लावर चिल्ड्रेन स्कूल के प्राचार्य पीएल जैसी का कहना है कि स्कूली वाहन के चालकों तथा वाहन प्रभारी के बदलने पर मोबाइल नंबर बदल दिया जाता है। अभिभावकों की ज्यादातर शिकायतें बसें देर से पहुंचने की आती हैं। केकेएस के प्रबंधक संजय सिंह का कहना है कि स्कूल बसों पर चालक की जगह कंडक्टर का नंबर लिखा जाता है जिससे कि वाहन चलाते मोबाइल से बात करते समय दुर्घटना की संभावना रहती है। चालक तथा वाहन प्रभारी के बदलने पर नंबर हमेशा अपडेट किया जाता है।
........................
कोट
विद्यालयों के प्रबंधकों को स्कूली बस समेत अन्य वाहनों के पीछे स्कूल का नाम, चालक का नाम, लाइसेंस नंबर, स्कूल के व्हीकल इंचार्ज का मोबाइल नंबर, पुलिस का नंबर, परमिट नंबर अंकित करने का निर्देश दिया गया है। चेकिंग में गलत मोबाइल नंबर मिलने या स्कूल वाहन पर सूचनाएं अंकित न होने पर संबंधित स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -अवधेश कुमार, एआरटीओ
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जिन स्कूली वाहनों पर नंबर अंकित है, उनमें से बसों के चालक एवं स्कूलों के वाहन प्रभारी के बदल जाने के बाद भी मोबाइल नंबर नहीं बदला जा सका है। यहां तक कि इनकी मानीटरिंग भी कागजों पर ही चल रही है।
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जिले में 542 निजी स्कूल संचालित हैं। शासन की तरफ से बसों के पीछे स्कूल का नाम, चालक का नाम और लाइसेंस नंबर, स्कूल के वाहन प्रभारी का मोबाइल नंबर, पुलिस का नंबर अंकित करने का निर्देश दिया गया है। लेकिन नाम मात्र स्कूलों के वाहन पर ही मोबाइल नंबर लिखा हुआ है। विभागीय आंकड़ों पर नजर डाला जाए तो 265 स्कूली बस पंजीकृत हैं। स्टाफ को ढोने के लिए 410 मैजिक वाहनों का पंजीकरण किया गया है। स्टाफ ढोने वाले वाहनों पर ही स्कूली बच्चों को ढोने का काम किया जा रहा है। कई स्कूलों में तीन पहिया वाहनों से बच्चों को घर से स्कूल और स्कूल से घर ले जाया जाता है। विभाग की तरफ से विद्यालयों के प्रबंधकों को सख्त हिदायत दी है कि स्कूली बस समेत अन्य वाहनों के पीछे स्कूल का नाम, चालक का नाम, लाइसेंस नंबर, स्कूल के वाहन प्रभारी का मोबाइल नंबर, पुलिस का नंबर, परमिट नंबर अंकित करने का फरमान जारी किया गया है। स्कूली वाहनों के चालकों की या अन्य शिकायत किसी को करनी हो तो वे आसानी से कर सकें। लेकिन अधिकांश स्कूली वाहन नियमों को दरकिनार कर चल रहे हैं।
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क्या कहते हैं विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य
लिटिल फ्लावर चिल्ड्रेन स्कूल के प्राचार्य पीएल जैसी का कहना है कि स्कूली वाहन के चालकों तथा वाहन प्रभारी के बदलने पर मोबाइल नंबर बदल दिया जाता है। अभिभावकों की ज्यादातर शिकायतें बसें देर से पहुंचने की आती हैं। केकेएस के प्रबंधक संजय सिंह का कहना है कि स्कूल बसों पर चालक की जगह कंडक्टर का नंबर लिखा जाता है जिससे कि वाहन चलाते मोबाइल से बात करते समय दुर्घटना की संभावना रहती है। चालक तथा वाहन प्रभारी के बदलने पर नंबर हमेशा अपडेट किया जाता है।
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विद्यालयों के प्रबंधकों को स्कूली बस समेत अन्य वाहनों के पीछे स्कूल का नाम, चालक का नाम, लाइसेंस नंबर, स्कूल के व्हीकल इंचार्ज का मोबाइल नंबर, पुलिस का नंबर, परमिट नंबर अंकित करने का निर्देश दिया गया है। चेकिंग में गलत मोबाइल नंबर मिलने या स्कूल वाहन पर सूचनाएं अंकित न होने पर संबंधित स्कूल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। -अवधेश कुमार, एआरटीओ