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नगर में हुआ चेतना रथयात्रा का स्वागत
Updated Mon, 05 Nov 2018 01:28 AM IST
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मऊ। पुरानी पेंशन बहाली अभियान के अंतर्गत निकली चेतना रथयात्रा रविवार को जिले में पहुंची। बलिया मोड़ पर अधिकारी, शिक्षक एवं कर्मचारियों ने रथयात्रा का स्वागत किया। इसके बाद कर्मचारियों, शिक्षकों ने बाइक जुलूस निकाला। जुलूस में भीटी चौराहा, कलेक्ट्रेट होते हुए नगर पालिका कम्युनिटी हाल में पहुंचकर सभा में तब्दील हो गया।
सभा को संबोधित करते हुए एसपी तिवारी ने कहा कि सरकार जानबूझकर हठधर्मिता कर रही है। पेंशन एक बड़ा मुद्दा है। देश के चार राज्यों में अभी तक नई पेंशन व्यवस्था लागू नहीं है। इससे स्पष्ट होता है कि पुरानी पेंशन बहाली का निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर ही होना है। राज्य सरकार इसे जानबूझकर टाल रही हैं। एक ओर धनाढ्य वर्ग जैसे एमपी एवं एमएलए को कई-कई पेंशन दी जा रही है, किंतु निरीह कर्मचारियों की पेंशन बंद करके बड़ा अन्याय किया जा रहा है।
सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि अप्रैल 2005 से लागू की गई एनपीएस की जो दुर्दशा है उसे बयान नहीं किया जा सकता है। 13 वर्षो के पश्चात न तो समय से खाते खुले और न कटौतियां सुव्यस्थित ढंग से हुई। इसके फलस्वरूप अप्रैल,2005 के उपरांत कर्मचारी, अधिकारी, शिक्षक जहां एक ओर इस दोषपूर्ण व्यवस्था के कारण आर्थिक, मानसिक उत्पीड़न झेल रहे हैं। सभा को नित्यप्रकाश यादव, जलबीर सिंह, योगेश त्यागी, आरके निगम, कमलेश कुमार पांडेय आदि ने संबोधित किया। संचालन सुनील सिंह ने किया।
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सभा को संबोधित करते हुए एसपी तिवारी ने कहा कि सरकार जानबूझकर हठधर्मिता कर रही है। पेंशन एक बड़ा मुद्दा है। देश के चार राज्यों में अभी तक नई पेंशन व्यवस्था लागू नहीं है। इससे स्पष्ट होता है कि पुरानी पेंशन बहाली का निर्णय राज्य सरकार के स्तर पर ही होना है। राज्य सरकार इसे जानबूझकर टाल रही हैं। एक ओर धनाढ्य वर्ग जैसे एमपी एवं एमएलए को कई-कई पेंशन दी जा रही है, किंतु निरीह कर्मचारियों की पेंशन बंद करके बड़ा अन्याय किया जा रहा है।
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सुशील कुमार पांडेय ने कहा कि अप्रैल 2005 से लागू की गई एनपीएस की जो दुर्दशा है उसे बयान नहीं किया जा सकता है। 13 वर्षो के पश्चात न तो समय से खाते खुले और न कटौतियां सुव्यस्थित ढंग से हुई। इसके फलस्वरूप अप्रैल,2005 के उपरांत कर्मचारी, अधिकारी, शिक्षक जहां एक ओर इस दोषपूर्ण व्यवस्था के कारण आर्थिक, मानसिक उत्पीड़न झेल रहे हैं। सभा को नित्यप्रकाश यादव, जलबीर सिंह, योगेश त्यागी, आरके निगम, कमलेश कुमार पांडेय आदि ने संबोधित किया। संचालन सुनील सिंह ने किया।
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