{"_id":"5b312c494f1c1bb1508b46a6","slug":"171529949257-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीएचसी पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सीएचसी पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं
Updated Mon, 25 Jun 2018 11:28 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नगर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मानक के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने से मरीजों का इलाज सही ढंग से नहीं हो पा रहा है। विभाग की तरफ से अस्पताल में लंबे समय से तैनात दो विशेषज्ञ चिकित्सकों का तबादला तो कर दिया गया है, लेकिन अभी तक उनके स्थान पर तैनाती नहीं हो पाई है। सफाईकर्मियों के पद रिक्त रहने से अस्पताल में गंदगी का अंबार लगा है। अस्पताल प्रशासन की उदासीनता के चलते बाहर के दुकानदार अपना कूड़ा परिसर में ही फेंक रहे हैं।
मझवारा मोड़ स्थित 30 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है। अमिला, सिपाह, सुल्तानपुर, मझवारा, कल्याणपुर आदि सरकारी अस्पतालों के मरीजों को घोसी सीएचसी में रेफर किया जाता है। यहां पर फिजीशियन, हड्डीरोग, रेडियोलॉजिस्ट, पैथॉलॉजिस्ट, बालरोग, महिला, नेत्र आदि रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति का प्रावधान है। परंतु वर्तमान में कोई भी विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं है। केवल सात एमबीबीएस डाक्टरों के भरोसे अस्पताल का संचालन हो रहा है।
यहां पर दो की जगह मात्र एक सफाई कर्मी कार्यरत है। जिसके चलते अस्पताल में सफाई कार्य जैसे तैसे चल रहा है। अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा है।यही नहीं गेट के पास सड़क किनारे दुकान लगाने वाले दुकानों का कूड़ा भी सीएचसी प्रांगण में फेंकना आम बात है।कर्मचारियों के लिए बने आवास की दीवारों पर पेड़, झाड़ झंखाड़ उग आए हैं। इस संबंध में नगर के समाजसेवी रविंद पांडेय, नसीम खान, व्यापारी नेता अभय तिवारी, सुनीता सिंह का कहना है कि अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने से मरीजों का इलाज सही ढंग से नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
इस बाबत सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसएन आर्य का कहना था कि वर्तमान में कोई विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं है। मात्र निश्चेतक डॉक्टर है। सात एमबीबीएस डाक्टरों के भरोसे अस्पताल का संचालन हो रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र भेजा गया है।
विज्ञापन
मझवारा मोड़ स्थित 30 बेड का सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया है। अमिला, सिपाह, सुल्तानपुर, मझवारा, कल्याणपुर आदि सरकारी अस्पतालों के मरीजों को घोसी सीएचसी में रेफर किया जाता है। यहां पर फिजीशियन, हड्डीरोग, रेडियोलॉजिस्ट, पैथॉलॉजिस्ट, बालरोग, महिला, नेत्र आदि रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति का प्रावधान है। परंतु वर्तमान में कोई भी विशेषज्ञ चिकित्सक की तैनाती नहीं है। केवल सात एमबीबीएस डाक्टरों के भरोसे अस्पताल का संचालन हो रहा है।
विज्ञापन
यहां पर दो की जगह मात्र एक सफाई कर्मी कार्यरत है। जिसके चलते अस्पताल में सफाई कार्य जैसे तैसे चल रहा है। अस्पताल परिसर में जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा है।यही नहीं गेट के पास सड़क किनारे दुकान लगाने वाले दुकानों का कूड़ा भी सीएचसी प्रांगण में फेंकना आम बात है।कर्मचारियों के लिए बने आवास की दीवारों पर पेड़, झाड़ झंखाड़ उग आए हैं। इस संबंध में नगर के समाजसेवी रविंद पांडेय, नसीम खान, व्यापारी नेता अभय तिवारी, सुनीता सिंह का कहना है कि अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती न होने से मरीजों का इलाज सही ढंग से नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
इस बाबत सीएचसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ एसएन आर्य का कहना था कि वर्तमान में कोई विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती नहीं है। मात्र निश्चेतक डॉक्टर है। सात एमबीबीएस डाक्टरों के भरोसे अस्पताल का संचालन हो रहा है। मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र भेजा गया है।