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अंतिम दौर में चल रहा यूनिफार्म का सिलाई कार्य
Updated Fri, 15 Jun 2018 01:23 AM IST
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत परिषदीय विद्यालयों में अध्ययनरत दो लाख बच्चों को दो जुलाई से नि:शुल्क दो सेट यूनिफार्म वितरित किया जाएगा। अधिकारियों का दावा है कि ब्लाक क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों द्वारा यूनिफार्म की सिलाई अंतिम दौर में चल रही है। जबकि कई इलाकों में स्थानीय टेलर कम मजदूरी मिलने पर सिलने से मना कर दे रहे हैं। ऐसे में रेडिमेड ड्रेस वितरित होने की संभावना बन रही है।
जिले में 1060 प्राथमिक, 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 94 सहायता प्राप्त, 56 समाज कल्याण, 67 माध्यमिक विद्यालयों में लगभग दो लाख अध्ययनरत बच्चों को नि:शुल्क दो सेट यूनिफार्म वितरित किया जाना है। विभाग से वितरण प्रक्रिया दो जुलाई से शुरू होकर 15 जुलाई तक चलेगी। बच्चों को फिटिंग के अनुसार ही यूनिफार्म वितरित किया जाने का प्राविधान किया गया है। यूनिफार्म की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से प्रत्येक न्याय पंचायत पर एक नोडल अधिकारी की तैनाती की गई है। नोडल अधिकारी की निगरानी में ड्रेस वितरित किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों की मानें तो प्रत्येक ब्लाक क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों को यूनिफार्म का कपड़ा सिलाई के लिए दिया गया है। सिलाई का कार्य अंतिम दौर में चल रहा है। शिक्षकों की मानें तो प्रति बच्चा दो सौ रुपया मिलता है। स्थानीय स्तर पर टेलर कम मजदूरी पर सिलाई करने से इंकार कर दे रहे हैं। तलवार लटकने के भय से एक स्वर से सिलाई कार्य जारी रहने की बात कही जा रही है। एक खंड शिक्षा अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दो सौ रुपये में कपड़ा खरीदना है सिलाई भी देनी है। संभव नहीं हो पा रहा है। किसी तरह बच्चों को ड्रेस मिल जाए वही बहुत है।
इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी का कहना है कि यूनिफार्म सिलाई का कार्य चल रहा है। दो जुलाई से नि:शुल्क दो सेट यूनिफार्म वितरित करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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जिले में 1060 प्राथमिक, 442 उच्च प्राथमिक विद्यालय, 94 सहायता प्राप्त, 56 समाज कल्याण, 67 माध्यमिक विद्यालयों में लगभग दो लाख अध्ययनरत बच्चों को नि:शुल्क दो सेट यूनिफार्म वितरित किया जाना है। विभाग से वितरण प्रक्रिया दो जुलाई से शुरू होकर 15 जुलाई तक चलेगी। बच्चों को फिटिंग के अनुसार ही यूनिफार्म वितरित किया जाने का प्राविधान किया गया है। यूनिफार्म की गुणवत्ता पर नजर रखने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से प्रत्येक न्याय पंचायत पर एक नोडल अधिकारी की तैनाती की गई है। नोडल अधिकारी की निगरानी में ड्रेस वितरित किया जाएगा। विभागीय अधिकारियों की मानें तो प्रत्येक ब्लाक क्षेत्रों में स्वयं सहायता समूहों को यूनिफार्म का कपड़ा सिलाई के लिए दिया गया है। सिलाई का कार्य अंतिम दौर में चल रहा है। शिक्षकों की मानें तो प्रति बच्चा दो सौ रुपया मिलता है। स्थानीय स्तर पर टेलर कम मजदूरी पर सिलाई करने से इंकार कर दे रहे हैं। तलवार लटकने के भय से एक स्वर से सिलाई कार्य जारी रहने की बात कही जा रही है। एक खंड शिक्षा अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दो सौ रुपये में कपड़ा खरीदना है सिलाई भी देनी है। संभव नहीं हो पा रहा है। किसी तरह बच्चों को ड्रेस मिल जाए वही बहुत है।
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इस बाबत जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ओपी त्रिपाठी का कहना है कि यूनिफार्म सिलाई का कार्य चल रहा है। दो जुलाई से नि:शुल्क दो सेट यूनिफार्म वितरित करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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