{"_id":"5a4bc4c14f1c1b0e788b63b1","slug":"171514915009-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कराई गई आंगनबाड़ी केंद्र की भूमि की पैमाईश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कराई गई आंगनबाड़ी केंद्र की भूमि की पैमाईश
Updated Tue, 02 Jan 2018 11:17 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बढ़ुआगोदाम। परदहा ब्लाक के सरया रघुनाथपुर गांव में पिछले महीने के 17 दिसंबर से रोके गए आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माणाधीन भूमि की पैमाईश मंगलवार को राजस्व कर्मियों ने पुलिस की मौजूदगी में किया। सरयां रघुनाथपुर गांव निवासी नागेश्वर गुप्ता के प्रार्थनापत्र पर एसडीएम के आदेश पर राजस्व निरीक्षक गोविंद गुप्ता हलधरपुर, राजस्व निरीक्षक सदर संग्राम सिंह की देखरेख में छह लेखपालों ने इस भूमि की पैमाईश किया। एसडीएम सदर के निर्देश के बाद ग्राम प्रधान ने केंद्र का निर्माण रोकवा दिया था। तब से यह उसी हालत में रुका पड़ा था। पैमाईश के आद अब केंद के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है।
बता दें कि गांव में बंजर की भूमि की पैमाईश के बाद उससे अतिक्रमण हटाकर प्रशासन ने 10 दिसंबर को आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण शुरु कराया था। लेकिन इसी दौरान उस भूमि पर काबिज कुछ लोगों नेराजस्व और पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया। नायब तहसीलदार शशिभूषण पाठक सहिकत कई कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों को चोटें आईं। पुलिस ने 29 नहामजद सहित 40 से अधिक लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद तीन दिन बाद भाजपा प्रतिनिधि म्रंडल ने गांव का दौरा किया। 17 दिसंबर को तत्कालीन उपजिलाधिकारी डा. राजेश कुमार ने ग्राम प्रधान उमाकांत यादव को फोन करके निर्माण कार्य रुकवाने का निर्देश दिया था।अब दुबारा पैमाईश पूरी होने के बाद आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण का रास्ता साफ हो जाने की उम्मीद बढ़ गई है।
विज्ञापन
बता दें कि गांव में बंजर की भूमि की पैमाईश के बाद उससे अतिक्रमण हटाकर प्रशासन ने 10 दिसंबर को आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण शुरु कराया था। लेकिन इसी दौरान उस भूमि पर काबिज कुछ लोगों नेराजस्व और पुलिस टीम पर हमला कर दिया गया। नायब तहसीलदार शशिभूषण पाठक सहिकत कई कर्मचारियों और पुलिस कर्मियों को चोटें आईं। पुलिस ने 29 नहामजद सहित 40 से अधिक लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद तीन दिन बाद भाजपा प्रतिनिधि म्रंडल ने गांव का दौरा किया। 17 दिसंबर को तत्कालीन उपजिलाधिकारी डा. राजेश कुमार ने ग्राम प्रधान उमाकांत यादव को फोन करके निर्माण कार्य रुकवाने का निर्देश दिया था।अब दुबारा पैमाईश पूरी होने के बाद आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण का रास्ता साफ हो जाने की उम्मीद बढ़ गई है।
विज्ञापन