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शिक्षा का अलख जगाकर दूर किया जा सकता है बाल अपराध
Updated Thu, 22 Mar 2018 12:52 AM IST
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मधुबन। तहसील क्षेत्र के सुभागी देवी इंटर कालेज के प्रांगण में बुधवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में विधिक साक्षरता मिशन के सचिव शिवकुमार की अध्यक्षता में विधिक शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में जिला जज शिवकुमार मौजूद रहे। शिविर में कानून के जानकारों और समाजसेवियों ने अपने-अपने विचार रखे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव शिवकुमार ने कहा कि वर्तमान दौर में छोटे बच्चों में अपराध की प्रवृति का ग्राफ बढ़ा है, इसके पीछे मुख्य कारण अशिक्षा है। ऐसे बाल अपराधी को सुधार का एक मौका देते हुए उन्हें बाल सुधार गृह भेजा जाता है। मुख्य अतिथि जज शिवकुमार ने अपने संबोधन में बताया कि समाज के दुर्बल, निर्बल, बाढ़ पीड़ित, मानसिक दिव्यांग किसी तरह के पीड़ित परिवार को शासन द्वारा नि:शुल्क वकील उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। जिससे जरूरतमंद लोगों को न्याय मिल सके। मुख्य अतिथि ने कहा कि एक वर्ष से लेकर 18 वर्ष तक कि आयु के बच्चों की संख्या 33 प्रतिशत है, जहां से बाल अपराध बढ़ना शुरू होता है। बाल अपराध कम करने में समाज ही महत्वपूर्ण भूमिका निर्वाह कर सकती है, बशर्ते इसके लिए अशिक्षा, बाल मजदूरी, भ्रूण हत्या, लड़के-लड़की में भेद आदि असमानताओं को दूर करना होगा। इसी क्रम मे तहसीलदार हरिश्चन्द त्रिपाठी ने कहा कि स्थानीय स्तर पर प्रशासन द्वारा तहसील से संबंधित सारे दस्तावेजों का कम्प्यूटरी करण कर दिया गया है। जिससे आम जनता का समय व धन दोनों को बचाया जा सके। शिविर में वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल कुमार मिश्र, एडवोकेट अनिल मिश्र, डा. संजीव मल्ल, लवकुश विश्वकर्मा, जितेंद्र मल्ल, महेंद्र पांडेय, अरविंद मल्ल, भूषण मौर्य आदि मौजूद रहे।
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