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दूसरे दिन भी दो सदस्यीय टीम ने किया जांच, रही गहमागहमी
Updated Tue, 04 Jul 2017 11:31 PM IST
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घोसी। किसान सहकारी चीनी मिल घोसी के आसवानी इकाई में व्याप्त भ्रष्टाचार को लेकर मजदूर नेता सतीश कुमार राय द्वारा नौ बिंदुओं पर की शिकायत के क्रम लखनऊ से आई दो सदस्यीय जांच टीम के सदस्य जीएम एटी एनके यादव व बीडी मिश्रा की टीम ने चीनी मिल में मंगलवार को भी गहन जांच की। इसको लेकर परिसर में गहमागहमी रही।
सहकारी चीनी मिल्स एवं आसवानी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश कुमार राय ने बिना आवश्यकता के भूसी की खरीद, आसवानी के गंदे पानी के लिए बने नालों की सफाई, बायो कंपिस्ट हैंडलिंग, हॉउस एटेंडेंट की डायरेक्ट पेमेंट अदि घपलों को लेकर शिकायत की थी। इसे गंभीरता से लेकर चीनी मिल फेडरेशन लखनऊ के एमडी एसके सिंह ने प्रधान प्रबंधक एटी एनके यादव के नेतृत्व में दो सदस्यीय जांच टीम का गठन किया। इसी क्रम में जांच टीम ने सोमवार की शाम को चीनी मिल के गेस्ट हाउस में पहुंच कर पूर्व आसवानी मैनेजर के संबंध में नवागत डिस्टिलरी के मैनेजर से एक एक बिंदु पर गहन जांच की। पाया कि सैगमेंट के लिए कॉपर की जगह स्टील का सामान लगाया गया है। नालों आदि के विषय में भी जानकारी प्राप्त किया। पूछा कि जब सभी का वेतन और भुगतान बैंक से होना है तो अटेंडेंट का भुगतान कैसे बाउचर के तहत नगद हो रहा है। इस संबंध में जांच अधिकारी एनके यादव ने बताया कि आसवानी के मजदूर नेता सतीश राय की शिकायत पर और एमडी के निर्देश पर जांच की जा रही है। सभी नौ बिंदुओं पर जांच की गई है। रिपोर्ट को लखनऊ पहुंच कर एमडी सौंपी जाएगी। यह भी बताया कि प्रबंधन के साथ शिकायतकर्ता के साथ आसवानी के अन्य मजदूर नेता राजेंद्र पांडेय आदि ने भी अपना पक्ष रखा।
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सहकारी चीनी मिल्स एवं आसवानी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश कुमार राय ने बिना आवश्यकता के भूसी की खरीद, आसवानी के गंदे पानी के लिए बने नालों की सफाई, बायो कंपिस्ट हैंडलिंग, हॉउस एटेंडेंट की डायरेक्ट पेमेंट अदि घपलों को लेकर शिकायत की थी। इसे गंभीरता से लेकर चीनी मिल फेडरेशन लखनऊ के एमडी एसके सिंह ने प्रधान प्रबंधक एटी एनके यादव के नेतृत्व में दो सदस्यीय जांच टीम का गठन किया। इसी क्रम में जांच टीम ने सोमवार की शाम को चीनी मिल के गेस्ट हाउस में पहुंच कर पूर्व आसवानी मैनेजर के संबंध में नवागत डिस्टिलरी के मैनेजर से एक एक बिंदु पर गहन जांच की। पाया कि सैगमेंट के लिए कॉपर की जगह स्टील का सामान लगाया गया है। नालों आदि के विषय में भी जानकारी प्राप्त किया। पूछा कि जब सभी का वेतन और भुगतान बैंक से होना है तो अटेंडेंट का भुगतान कैसे बाउचर के तहत नगद हो रहा है। इस संबंध में जांच अधिकारी एनके यादव ने बताया कि आसवानी के मजदूर नेता सतीश राय की शिकायत पर और एमडी के निर्देश पर जांच की जा रही है। सभी नौ बिंदुओं पर जांच की गई है। रिपोर्ट को लखनऊ पहुंच कर एमडी सौंपी जाएगी। यह भी बताया कि प्रबंधन के साथ शिकायतकर्ता के साथ आसवानी के अन्य मजदूर नेता राजेंद्र पांडेय आदि ने भी अपना पक्ष रखा।
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