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एक हैंडपंप पर आश्रित हैं 90 लोग
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दो लाख 17 हजार 901 आबादी वाले फतहपुर मंडाव ब्लाक में कुल 2424 इंडिया मार्क हैंडपंप हैं यानी प्रति हैंड पम्प पर 90 लोग आश्रित हैं। इनमें भी 20 प्रतिशत हैंडपंप खराब चल रहे हैं। इन दिनों पानी का संकट गहरा गया है। जून माह आधा बीत जाने के बाद भी सूरज आग उगल रहा है। नहरों में पानी नहीं है। पोखरों में धूल उड़ रही है। इससे भूगर्भ जलस्तर नीचे खिसकता जा रहा है।
ब्लाक के तालाब ऐसे हैं जिनमें पानी की एक बूंद भी नहीं है और न ही सरकारी मुलाजिम उन्हें भरवाने के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे हैं।तहसील क्षेत्र के अधिकांश गांवों में लगभग एक या दो पोखरियां है। जिनमें कइयों ऐसे है कि धूल उड़ रही है।फतहपुर विकास खंड में कुल लगभग 150 तालाब हैं जिसमें कुछ तालाब ऐसे है जिन्हें भरने के वैकल्पिक साधन तक नहीं हैं, वे पूरी तरह से वर्षा जल पर ही निर्भर हैं। इसीलिए ज्यादातर तालाब सूखे हैं और उनमें धूल उड़ रही है। इधर, भूगर्भ जल स्तर भी लगातार नीचे की ओर खिसक रहा है जिसके चलते घरों में लगे लगभग सभी हैंडपंप शो पीस बन चुके हैं। बात करें इंडिया मार्क सरकारी हैंड पम्प की तो 2 लाख 17 हजार 901 आबादी वाले फतहपुर मंडाव ब्लाक में कुल 2424 इंडिया मार्क हैंड पंप है यानी प्रति हैंड पम्प पर 90 लोग आश्रित हैं। उनमें से भी 20 प्रतिशत खराब हालत में हैं। अगर जलसंकट के प्रति शासन प्रशासन सहित आम लोग नहीं सचेत हुए तो आने वाले समय में पानी की किल्लत एक बड़ी समस्या के रूप में उभरेगी। इस बारे में एसडीएम सीएल सोनकर का कहना है कि खराब हैंडपंपों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराने के लिए ग्राम प्रधानों और जल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।
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ब्लाक के तालाब ऐसे हैं जिनमें पानी की एक बूंद भी नहीं है और न ही सरकारी मुलाजिम उन्हें भरवाने के प्रति गंभीर नहीं दिख रहे हैं।तहसील क्षेत्र के अधिकांश गांवों में लगभग एक या दो पोखरियां है। जिनमें कइयों ऐसे है कि धूल उड़ रही है।फतहपुर विकास खंड में कुल लगभग 150 तालाब हैं जिसमें कुछ तालाब ऐसे है जिन्हें भरने के वैकल्पिक साधन तक नहीं हैं, वे पूरी तरह से वर्षा जल पर ही निर्भर हैं। इसीलिए ज्यादातर तालाब सूखे हैं और उनमें धूल उड़ रही है। इधर, भूगर्भ जल स्तर भी लगातार नीचे की ओर खिसक रहा है जिसके चलते घरों में लगे लगभग सभी हैंडपंप शो पीस बन चुके हैं। बात करें इंडिया मार्क सरकारी हैंड पम्प की तो 2 लाख 17 हजार 901 आबादी वाले फतहपुर मंडाव ब्लाक में कुल 2424 इंडिया मार्क हैंड पंप है यानी प्रति हैंड पम्प पर 90 लोग आश्रित हैं। उनमें से भी 20 प्रतिशत खराब हालत में हैं। अगर जलसंकट के प्रति शासन प्रशासन सहित आम लोग नहीं सचेत हुए तो आने वाले समय में पानी की किल्लत एक बड़ी समस्या के रूप में उभरेगी। इस बारे में एसडीएम सीएल सोनकर का कहना है कि खराब हैंडपंपों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराने के लिए ग्राम प्रधानों और जल निगम के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।
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