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धड़ल्ले से बिक रही प्रतिबंधित पॉलिथीन
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पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाने के बाद भी क्षेत्र के विभिन्न इलाकों के बाजारों में धड़ल्ले से बिक्री हो रही है। इसके अलावा शादी समारोह में प्लास्टिक के सामानों का प्रचलन तेजी से बढ़ रहा हैं। वहीं, जगह-जगह गंदगी से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी समस्या जस की तस है।
सरकार की तरफ से पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाने के बाद भी बाजारों में बिक्री तेजी से बढ़ती ही जा रही है। प्रतिबंधित किए जाने के बाद कुछ दिनों तक कागजी लिफाफे का प्रचलन चला। प्रशासनिक उदासीनता के चलते चंद दिनों बाद ही फिर पॉलिथीन का बंडल बेधड़क बाजारों में गिरने लगा। हालत यह है कि मझवारा, मऊ बलिया बार्डर, सेमरी, चचाईपार, आदि बाजारों की दुकानों में धड़ल्ले से प्लास्टिक के सामानों की बिक्री हो रही है। सड़कों, चट्टी-चौराहों तथा बस्तियों में फैला पालीथिन मवेशियों के लिए काफी हानिकारक साबित हो रहा है।
क्षेत्र के अभिषेक कुमार यादव, सुधीर सिंह, मंदीप कुमार, जर्नादन यादव का कहना है कि पॉलिथीन का प्रयोग मानव जीवन में अंग बन चुका है। इसका इस्तेमाल अगली पीढ़ी के लिए कितना हानिकारक साबित होगा यह लोग समझ नहीं पा रहे हैं। सड़क किनारे लगने वाली सब्जी फल दुकान हो या फिर किराना दुकाना चारों तरफ प्लास्टिक निर्मित थैले का उपयोग जारी है। विभागीय स्तर से इसकी रोकथाम के लिए कार्ययोजना तक नहीं बनाई जा सकी है। प्लास्टिक की पाउच में गर्म चाय तथा खाद्य सामग्रियों का सेवन कर लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं।
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सरकार की तरफ से पॉलिथीन पर प्रतिबंध लगाने के बाद भी बाजारों में बिक्री तेजी से बढ़ती ही जा रही है। प्रतिबंधित किए जाने के बाद कुछ दिनों तक कागजी लिफाफे का प्रचलन चला। प्रशासनिक उदासीनता के चलते चंद दिनों बाद ही फिर पॉलिथीन का बंडल बेधड़क बाजारों में गिरने लगा। हालत यह है कि मझवारा, मऊ बलिया बार्डर, सेमरी, चचाईपार, आदि बाजारों की दुकानों में धड़ल्ले से प्लास्टिक के सामानों की बिक्री हो रही है। सड़कों, चट्टी-चौराहों तथा बस्तियों में फैला पालीथिन मवेशियों के लिए काफी हानिकारक साबित हो रहा है।
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क्षेत्र के अभिषेक कुमार यादव, सुधीर सिंह, मंदीप कुमार, जर्नादन यादव का कहना है कि पॉलिथीन का प्रयोग मानव जीवन में अंग बन चुका है। इसका इस्तेमाल अगली पीढ़ी के लिए कितना हानिकारक साबित होगा यह लोग समझ नहीं पा रहे हैं। सड़क किनारे लगने वाली सब्जी फल दुकान हो या फिर किराना दुकाना चारों तरफ प्लास्टिक निर्मित थैले का उपयोग जारी है। विभागीय स्तर से इसकी रोकथाम के लिए कार्ययोजना तक नहीं बनाई जा सकी है। प्लास्टिक की पाउच में गर्म चाय तथा खाद्य सामग्रियों का सेवन कर लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं।
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