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एक लाख किसानों को धनराशि का इंतजार
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जिले के एक लाख किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नही मिल पा रहा। ऐसे किसान धनराशि पाने के इंतजार में मुख्यालय और तससीलों का चक्कर लगा रहे। लेखपालों की मनमानी किसानों पर भारी पड़ रही है। धनराशि की बाबत जानकारी हासिल करने पहुंच रहे किसानों को अधिकारी कोई न कोई बहाना बना कर टरका दे रहे।
लोकसभा चुनाव से पूर्व अंतरिम बजट में सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री किसानसम्मान निधि का प्रावधान किया गया था। योजना के तहत तीन किश्तों में दो-दो हजार रुपया किसानों के खाते में भेजने का प्रावधान है। आंकड़ों के अनुसार पात्र 1.95 लाख किसानों का डाटा फीड कर शासन को भेजा गया है। अभी तक 95945 किसानों के खाते में धन भेजे जाने का दावा किया जा रहा है। 7108 किसानों का डाटा मिसमैच होने के चलते रिजेक्ट हो गया है। कृषि विभाग की तरफ से डाटा को संशोधित करने की जिम्मेदारी संबंधित तहसील की है। तहसीलस्तर से लेखपालों, कानूनगो को जिम्मेदारी सौंपी गई है। लेकिन रिजेक्ट डाटा की लिस्ट न मिलने से किसानों को बेवजह भागदौड़ करनी पड़ रही है।
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के संबंध में कृषि विभाग में पता करने आए श्यामलाल यादव, महेंद्र राम, मनोहर प्रसाद का कहना है कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत अपना सभी कागजात लेखपाल को जमा करा दिया, लेकिन अभी तक खाते में धन नहीं आया है। किस वजह से नहीं आया है पता नहीं चल पा रहा है। तहसील स्तर पर भी सूची चस्पा नहीं है। कैसे पता चलेगा समझ में नहीं आ रहा है।
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कोट
7108 किसानों का डाटा मिसमैच होने के चलते रिजेक्ट हो गया है। संशोधन के लिए संबंधित तहसीलों को सूची भेजी गई है। संबंधित तहसीलों से लेखपालों को जिम्मेदारी दी गई है। किसी किसान को योजना का लाभ नहीं मिला है तो उप निदेशक कृषि कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकता है।
रामकिशोर, प्रभारी उप निदेशक कृषि
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लोकसभा चुनाव से पूर्व अंतरिम बजट में सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री किसानसम्मान निधि का प्रावधान किया गया था। योजना के तहत तीन किश्तों में दो-दो हजार रुपया किसानों के खाते में भेजने का प्रावधान है। आंकड़ों के अनुसार पात्र 1.95 लाख किसानों का डाटा फीड कर शासन को भेजा गया है। अभी तक 95945 किसानों के खाते में धन भेजे जाने का दावा किया जा रहा है। 7108 किसानों का डाटा मिसमैच होने के चलते रिजेक्ट हो गया है। कृषि विभाग की तरफ से डाटा को संशोधित करने की जिम्मेदारी संबंधित तहसील की है। तहसीलस्तर से लेखपालों, कानूनगो को जिम्मेदारी सौंपी गई है। लेकिन रिजेक्ट डाटा की लिस्ट न मिलने से किसानों को बेवजह भागदौड़ करनी पड़ रही है।
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पीएम किसान सम्मान निधि योजना के संबंध में कृषि विभाग में पता करने आए श्यामलाल यादव, महेंद्र राम, मनोहर प्रसाद का कहना है कि पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत अपना सभी कागजात लेखपाल को जमा करा दिया, लेकिन अभी तक खाते में धन नहीं आया है। किस वजह से नहीं आया है पता नहीं चल पा रहा है। तहसील स्तर पर भी सूची चस्पा नहीं है। कैसे पता चलेगा समझ में नहीं आ रहा है।
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7108 किसानों का डाटा मिसमैच होने के चलते रिजेक्ट हो गया है। संशोधन के लिए संबंधित तहसीलों को सूची भेजी गई है। संबंधित तहसीलों से लेखपालों को जिम्मेदारी दी गई है। किसी किसान को योजना का लाभ नहीं मिला है तो उप निदेशक कृषि कार्यालय में शिकायत दर्ज करा सकता है।
रामकिशोर, प्रभारी उप निदेशक कृषि