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अघोषित बिजली कटौती से
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विद्युत उपकेंद्र से संबद्ध इलाकों में अघोषित बिजली कटौती से लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही है। बिजली मिलने से दिन रात बिताना मुश्किल हो रहा है।
18 घंटा के सापेक्ष लगातार सात से आठ घंटा भी बिजली नहीं मिल पा रही है। कम बिजली मिलने से कृषि तथा कुटीर उद्योग पर विपरीत असर पड़ रहा है।शिकायत के बाद भी समस्या जस की तस है।
विद्युत उप केंद्र सूरजपुर तथा टेसूपार विद्युत उपकेंद्र लगभग 80 गांवों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। शासन की तरफ से 18 घंटा विद्युत आपूर्ति करने का शेड्यूल निर्धारित किया गया है, लेकिन विद्युत विभागीय मनमानी के चलते बिजली कटौती से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। भीषण गर्मी के मौसम में घंटों बिजली गुल होने से दिन व रात बिताना मुश्किल हो रहा है। लगभग दो सप्ताह से लगातार आसमान से बरस रहे अंगारे तथा पूरवा हवा के कारण उमस भरी गर्मी से एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा है। कम बिजली मिलने से धान की नर्सरी, सब्जी सहित अन्य फसलें सूख रही हैं।कुटीर उद्योग भी दम तोड़ रहा हैं। इस संबंध में पूर्व सपा सचिव वृजेश राय, पंकज तिवारी, इंद्रकैलाश यादव, रामदास यादव, प्रभुनाथ गोंड, राममनोहर यादव, मुन्नीलाल गोंड़, राजेंद्र यादव का कहना है कि भीषण गर्मी के मौसम में अघोषित बिजली कटौती से एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा है। अगर समय रहते विद्युत आपूर्ति व्यवस्था मेें सुधार नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस बाबत उपखंड अधिकारी विवेक पांडेय का कहना है कि कंट्रोल रुम से जितनी बिजली मिल रही है उतनी दी जा रही है। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर करने का प्रयास जारी है।
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18 घंटा के सापेक्ष लगातार सात से आठ घंटा भी बिजली नहीं मिल पा रही है। कम बिजली मिलने से कृषि तथा कुटीर उद्योग पर विपरीत असर पड़ रहा है।शिकायत के बाद भी समस्या जस की तस है।
विद्युत उप केंद्र सूरजपुर तथा टेसूपार विद्युत उपकेंद्र लगभग 80 गांवों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। शासन की तरफ से 18 घंटा विद्युत आपूर्ति करने का शेड्यूल निर्धारित किया गया है, लेकिन विद्युत विभागीय मनमानी के चलते बिजली कटौती से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। भीषण गर्मी के मौसम में घंटों बिजली गुल होने से दिन व रात बिताना मुश्किल हो रहा है। लगभग दो सप्ताह से लगातार आसमान से बरस रहे अंगारे तथा पूरवा हवा के कारण उमस भरी गर्मी से एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा है। कम बिजली मिलने से धान की नर्सरी, सब्जी सहित अन्य फसलें सूख रही हैं।कुटीर उद्योग भी दम तोड़ रहा हैं। इस संबंध में पूर्व सपा सचिव वृजेश राय, पंकज तिवारी, इंद्रकैलाश यादव, रामदास यादव, प्रभुनाथ गोंड, राममनोहर यादव, मुन्नीलाल गोंड़, राजेंद्र यादव का कहना है कि भीषण गर्मी के मौसम में अघोषित बिजली कटौती से एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा है। अगर समय रहते विद्युत आपूर्ति व्यवस्था मेें सुधार नहीं किया गया तो हम लोग आंदोलन करने को बाध्य होंगे। इस बाबत उपखंड अधिकारी विवेक पांडेय का कहना है कि कंट्रोल रुम से जितनी बिजली मिल रही है उतनी दी जा रही है। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर करने का प्रयास जारी है।
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