तहसील कार्यालय में भ्रष्टाचार का बोलबाला होने एवं शिकायत करने पर उच्च अधिकारियों द्वारा अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए शुक्रवार को तहसील अधिवक्ता संघ के तत्वावधान में अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर नारेबाजी किया। विरोध में अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार किया। अधिवक्ताओं का कहना था कि जब तक भ्रष्टाचार में लिप्ट अधिकारियों कर्मचारियों का स्थानांतरण नहीं हो जाता तब तक उनका न्यायिक कार्य बहिष्कार जारी रहेगा। तहसील अधिवक्ता संघ के संतोष तिवारी की अध्यक्षता में अधिवक्ताओं ने उपजिलधिकारी कोर्ट के बाहर धरना प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं का आरोप था कि तहसील के सभी कार्यालयों में अमल दरामद, खतौनी में मानक से 5 रूपए अधिक की वसूली किसानों से की जाती है। अधिवक्ताओं का कहना था कि जब अधिकारियों से तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार की शिकायत की जाती है तो उसका कोई परिणाम नहीं निकलता है। इनका कहना कि जब तक भ्रष्टाचार में लिप्त तहसील अधिकारियों एवं कर्मचारियों का यहां से स्थानांतरण नहीं हो जाता अधिवक्ता अपने मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे । इस अवसर पर मंत्री सुरेश कुमार, संजय यादव ,देवेन्द्र प्रसाद, प्रदीप कुमार मिश्र,अखिलेश पाण्डेय, रामाश्रय मल्ल, जगदीश सिंह, धनंजय पाण्डेय, देवेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, महेन्द्र नाथ गुप्ता, शिव प्रकाश सिंह आदि रहे।