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लोकल फाल्ट से घंटों गुल हो रही बिजली, गहराया बिजली संकट
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मऊ। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के विद्युत उपकेंद्रों में आए दिन तकनीकी खामी के चलते घंटों बिजली गुल होने से आम लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। इसके चलते जहां कृषि कार्य पर असर पड़ रहा है। वहीं बिजली अप डाउन होने के चलते लोगों को दिन व रात एक-एक पल बिताना मुश्किल हो रहा है। नींद पूरी न हो पाने से लोग विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी समस्या जस की तस है।
जिले में 42 विद्युत उपकेंद्र हैं। ग्रामीण इलाकों के अधिकांश विद्युत उपकेंद्रों का रख रखाव भगवान भरोसे हो रहा है। आए दिन तकनीकी तथा लोकल फाल्ट होने से घंटों बिजली गुल हो जा रही है। ओवलोड के चलते बिजली अप डाउन होने से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। शासन की तरफ से 18 घंटे का शेड्यूल बनाया गया है। लेकिन किसी तरह 12-15 घंटे ही बिजली पा रही है।
कभी जर्जर तारों के टूटने तो कभी विद्युत उपकेंद्र में तकनीकी खामी के चलते घंटों बिजली गुल हो जा रही है। रात के समय बिजली अप डाउन होने से लोग चैन से सो तक नहीं पा रहे हैं।
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मझवारा: सेमरी विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। शासन की तरफ से निर्धारित शेड्यूल के हिसाब से बिजली नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों की मानें तो विद्युत उपकेंद्र में लगे विद्युत उपकरण जर्जर हाल में हैं। कभी विद्युत उपकेंद्र में तकनीकी खामी, तो कभी जर्जर तारों के टूटने से घंटों बिजली गुल हो जाती है। इससे जहां कृषि तथा कुटीर उद्योग पर विपरीत असर तो पड़ रहा है। वहीं दिन व रात बिताना मुश्किल हो रहा है। इस संबंध में क्षेत्र के अभिषेक यादव, सत्यनारायण सिंह, सुरेश प्रजापति, जयप्रकाश राय का कहना है कि विद्युत उपकेंद्र में लगे जर्जर विद्युत उपकरणों को बदला जाए। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त नहीं किया गया तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। मुहम्मदाबादगोहना: लोकल फाल्ट से ग्रामीण क्षेत्रों में किसी तरह 13-15 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। रात के समय बिजली अप डाउन होने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। लोग अनिद्रा, अपच सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। यही हाल अन्य ग्रामीण इलाकों की है। इस बाबत अधीक्षण अभियंता एसके सरोज का कहना है कि ग्रामीण इलाकों का शेड्यूल 18 घंटे का है। लोकल फाल्ट समस्या का समाधान कराने के लिए तीनों खंड के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया गया हे।
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जिले में 42 विद्युत उपकेंद्र हैं। ग्रामीण इलाकों के अधिकांश विद्युत उपकेंद्रों का रख रखाव भगवान भरोसे हो रहा है। आए दिन तकनीकी तथा लोकल फाल्ट होने से घंटों बिजली गुल हो जा रही है। ओवलोड के चलते बिजली अप डाउन होने से लोगों की परेशानी बढ़ती ही जा रही है। शासन की तरफ से 18 घंटे का शेड्यूल बनाया गया है। लेकिन किसी तरह 12-15 घंटे ही बिजली पा रही है।
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कभी जर्जर तारों के टूटने तो कभी विद्युत उपकेंद्र में तकनीकी खामी के चलते घंटों बिजली गुल हो जा रही है। रात के समय बिजली अप डाउन होने से लोग चैन से सो तक नहीं पा रहे हैं।
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मझवारा: सेमरी विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांवों को विद्युत आपूर्ति की जाती है। शासन की तरफ से निर्धारित शेड्यूल के हिसाब से बिजली नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों की मानें तो विद्युत उपकेंद्र में लगे विद्युत उपकरण जर्जर हाल में हैं। कभी विद्युत उपकेंद्र में तकनीकी खामी, तो कभी जर्जर तारों के टूटने से घंटों बिजली गुल हो जाती है। इससे जहां कृषि तथा कुटीर उद्योग पर विपरीत असर तो पड़ रहा है। वहीं दिन व रात बिताना मुश्किल हो रहा है। इस संबंध में क्षेत्र के अभिषेक यादव, सत्यनारायण सिंह, सुरेश प्रजापति, जयप्रकाश राय का कहना है कि विद्युत उपकेंद्र में लगे जर्जर विद्युत उपकरणों को बदला जाए। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त नहीं किया गया तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। मुहम्मदाबादगोहना: लोकल फाल्ट से ग्रामीण क्षेत्रों में किसी तरह 13-15 घंटे ही बिजली मिल पा रही है। रात के समय बिजली अप डाउन होने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। लोग अनिद्रा, अपच सहित विभिन्न बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। यही हाल अन्य ग्रामीण इलाकों की है। इस बाबत अधीक्षण अभियंता एसके सरोज का कहना है कि ग्रामीण इलाकों का शेड्यूल 18 घंटे का है। लोकल फाल्ट समस्या का समाधान कराने के लिए तीनों खंड के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिया गया हे।