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घोसी में नहीं चला पीएम के राष्ट्रवाद का मुद्दा
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मतगणना संपन्न होने के बाद आए चुनाव परिणाम ने घोसी लोकसभा क्षेत्र के वोटरों के मत को स्पष्ट कर दिया। यहां भाजपा के राष्ट्रवाद रुपी सोशल कमेस्ट्री के फार्मूले पर गठबंधन का जाति रुपी अंकगणित का जोड़ घटना भारी पड़ा। हालांकि भाजपा प्रत्याशी हरिनारायन राजभर के पक्ष में पीएम से लेकर कई केंद्रीय मंत्रियों ने जनसभा की। पीएम ने सभा के मंच से गठबंधन के प्रत्याशी को बलात्कारी के साथ भगोड़ा बताते हुए महिला सशक्तीकरण पर बोला था। इसके बाद भी घोसी क्षेत्र की जनता ने अतुल राय को बहुमत से विजय दिला दी।
घोसी लोकसभा की चार विधान सभा मऊ जिले में तथा पांचवी विधानसभा रसड़ा पड़ोसी जिले बलिया में है। पांचों विधान सभाओं को मिलाकर लोकसभा क्षेत्र में कुल 1985203 वोटर है। 19 मई को हुए मतदान में कुल 57.46 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 23 मई को 1140879 वोटों की गिनती के बाद गठबंधन प्रत्याशी को 28.91 फीसदी, तो भाजपा प्रत्याशी हरिनारायन राजभर को 22.73 फीसदी वोट मिले। जबकि सुभासपा प्रत्याशी को 2 फीसदी, कांग्रेस प्रत्याशी को 1.19 और भाकपा प्रत्याशी को 0.73 फीसदी वोट मिला। वहीं 0.26 फीसदी मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग भी किया। इस संसदीय क्षेत्र में मौजूद जातीय आंकड़ों पर एक नजर डाले तो यहां दलित करीब 3.75 लाख, मुसलमान करीब 3.50 लाख, चौहान करीब 2.90 लाख, राजभर करीब 3 लाख, यादव करीब 1.50 लाख, सर्वण करीब 2.60 लाख, अन्य 1.75 लाख है।
दूसरी तरफ चुनाव के दौरान हुई घटनाओं पर नजर डाले तो नामांकन के बाद एक युवती ने गठबंधन प्रत्याशी पर बलात्कार जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए वाराणसी के लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद से अतुल राय कार्यकर्ताओं के भरोसे चुनाव छोड़कर फरार हो गए। अतुल के पक्ष में स्टार प्रचारक के रुप में सिर्फ अखिलेश के साथ मायावती ने सभा की। जबकि भाजपा प्रत्याशी हरिनारायन राजभर के पक्ष में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, शिवप्रसाद शुक्ला, मनोज सिंन्हा, स्मृति ईरानी सहित कई दिग्गज नेता रहे। 16 मई को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में जनसभा को संबोधित किया। 19 मई को पड़े मतदान के दिन लगा कि पीएम की बातों का असर जिले की जनता पर होगा, लेकिन 23 मई को हुई गणना में भाजपा के राष्ट्रवाद रुपी सोशन कमेस्ट्री पर गठबंधन का जाति रुपी अंकगणित भारी पड़ा। इस दौरान अतुल राय 122668 मतों से विजयी हुए। मतदाताओं की चुप्पी को गणना के बाद ईवीएम ने तोड़ दिया।
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घोसी लोकसभा की चार विधान सभा मऊ जिले में तथा पांचवी विधानसभा रसड़ा पड़ोसी जिले बलिया में है। पांचों विधान सभाओं को मिलाकर लोकसभा क्षेत्र में कुल 1985203 वोटर है। 19 मई को हुए मतदान में कुल 57.46 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। 23 मई को 1140879 वोटों की गिनती के बाद गठबंधन प्रत्याशी को 28.91 फीसदी, तो भाजपा प्रत्याशी हरिनारायन राजभर को 22.73 फीसदी वोट मिले। जबकि सुभासपा प्रत्याशी को 2 फीसदी, कांग्रेस प्रत्याशी को 1.19 और भाकपा प्रत्याशी को 0.73 फीसदी वोट मिला। वहीं 0.26 फीसदी मतदाताओं ने नोटा का प्रयोग भी किया। इस संसदीय क्षेत्र में मौजूद जातीय आंकड़ों पर एक नजर डाले तो यहां दलित करीब 3.75 लाख, मुसलमान करीब 3.50 लाख, चौहान करीब 2.90 लाख, राजभर करीब 3 लाख, यादव करीब 1.50 लाख, सर्वण करीब 2.60 लाख, अन्य 1.75 लाख है।
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दूसरी तरफ चुनाव के दौरान हुई घटनाओं पर नजर डाले तो नामांकन के बाद एक युवती ने गठबंधन प्रत्याशी पर बलात्कार जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए वाराणसी के लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद से अतुल राय कार्यकर्ताओं के भरोसे चुनाव छोड़कर फरार हो गए। अतुल के पक्ष में स्टार प्रचारक के रुप में सिर्फ अखिलेश के साथ मायावती ने सभा की। जबकि भाजपा प्रत्याशी हरिनारायन राजभर के पक्ष में केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, शिवप्रसाद शुक्ला, मनोज सिंन्हा, स्मृति ईरानी सहित कई दिग्गज नेता रहे। 16 मई को खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में जनसभा को संबोधित किया। 19 मई को पड़े मतदान के दिन लगा कि पीएम की बातों का असर जिले की जनता पर होगा, लेकिन 23 मई को हुई गणना में भाजपा के राष्ट्रवाद रुपी सोशन कमेस्ट्री पर गठबंधन का जाति रुपी अंकगणित भारी पड़ा। इस दौरान अतुल राय 122668 मतों से विजयी हुए। मतदाताओं की चुप्पी को गणना के बाद ईवीएम ने तोड़ दिया।
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