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क्रय केंद्र प्रभारियों के मनमानी से प्रभावित हो रही गेहूं खरीद
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शासन की तरफ से शुरू की गई गेहूं खरीद योजना का लाभ किसानों को मिलता नजर नहीं आ रहा है। कई क्रय केंद्र प्रभारियों की अनियमित दिनचर्या से किसानों को चक्कर लगाना पड़ रहा है। इससे आढ़तियों की खूब चांदी कट रही है। अब तक 53 हजार एमटी के सापेक्ष 5857 किसानों से 0447.74 एमटी ही खरीद हो सकी है। गेहूं बेचने के महीनों बाद भी कई किसानों का बकाया चल रहा है। इससे लाखों का मालिक होते हुए किसानों को कर्ज लेकर काम चलाना पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी विभागीय अधिकारी मौन हैं।
किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए शासन की तरफ से गेहूं खरीद योजना शुरू की गई है। इसके लिए जिले में 73 गेहूं क्रय केंद्र बनाए गए हैं। क्रय केंद्र प्रभारियों की अनियमित दिनचर्या से किसानों को गेहूं बेचने के लिए क्रय केंद्रों का चक्कर काटना पड़ रहा है। किसानों को तीन दिनों के अंदर भुगतान किए जाने का नियम है लेकिन बावजूद इसके किसानों को धनराशि खातों में नहीं भेजी जा रही है। योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन न होने से आढ़तियों की खूब चांदी कट रही है। वह किसानों की फसल को औने पौने दाम में खरीद रहे हैं। जिन किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचा है। वह भुगतान के लिए क्रय केंद्रों से लेकर अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काटने को विवश हैं। इंदारा संवाददाता के अनुसार, कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के कसारा स्थित साधन सहकारी समिति के क्रय केंद्र प्रभारी की अनियमित दिनचर्या से किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। प्रतिदिन क्रय केंद्र न खुलने से किसान अपना गेहूं बेचने के लिए चक्कर लगाना पड़ रहा है। बुधवार को क्रय केंद्र पर ताला लटका रहा। दर्जनों किसान काफी देर तक इंतजार करने के बाद बैरंग लौट गए। अब तक 85 किसानों से 64 लाख 66 हजार 290 रुपये का गेहूं खरीदा गया। 23 किसानों का 21 लाख रुपये का भुगतान किया जा सका है। एक माह से 62 किसानों का लगभग 43 लाख रुपया बकाया चल रहा है। इससे किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में महुआर गांव के किसान सहजानंद सिंह का कहना है कि घर शादी है। गेहूं बेचने के कई माह बीत गया, लेकिन डेढ़ लाख बकाया का भुगतान नहीं किया जा सका है। अधिक ब्याज पर कर्ज लेकर काम चलाना पड़ रहा है। इसी तरह किसान लल्लन सिंह, लालजी सिंह, रणविजय सिंह का कहना है कि कब क्रय केंद्र खुल रहा है पता नहीं चल पा रहा है। बुधवार को क्रय केंद्र बंद रहा। समस्या का समाधान अविलंब नहीं किया गया तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। इस बाबत जिला खाद्य विपणन अधिकारी दिनेश तिवारी का कहना है कि सभी क्रय केंद्रों पर खरीद चल रही है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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किसानों को फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए शासन की तरफ से गेहूं खरीद योजना शुरू की गई है। इसके लिए जिले में 73 गेहूं क्रय केंद्र बनाए गए हैं। क्रय केंद्र प्रभारियों की अनियमित दिनचर्या से किसानों को गेहूं बेचने के लिए क्रय केंद्रों का चक्कर काटना पड़ रहा है। किसानों को तीन दिनों के अंदर भुगतान किए जाने का नियम है लेकिन बावजूद इसके किसानों को धनराशि खातों में नहीं भेजी जा रही है। योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन न होने से आढ़तियों की खूब चांदी कट रही है। वह किसानों की फसल को औने पौने दाम में खरीद रहे हैं। जिन किसानों ने सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचा है। वह भुगतान के लिए क्रय केंद्रों से लेकर अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काटने को विवश हैं। इंदारा संवाददाता के अनुसार, कोपागंज ब्लाक क्षेत्र के कसारा स्थित साधन सहकारी समिति के क्रय केंद्र प्रभारी की अनियमित दिनचर्या से किसानों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। प्रतिदिन क्रय केंद्र न खुलने से किसान अपना गेहूं बेचने के लिए चक्कर लगाना पड़ रहा है। बुधवार को क्रय केंद्र पर ताला लटका रहा। दर्जनों किसान काफी देर तक इंतजार करने के बाद बैरंग लौट गए। अब तक 85 किसानों से 64 लाख 66 हजार 290 रुपये का गेहूं खरीदा गया। 23 किसानों का 21 लाख रुपये का भुगतान किया जा सका है। एक माह से 62 किसानों का लगभग 43 लाख रुपया बकाया चल रहा है। इससे किसानों को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में महुआर गांव के किसान सहजानंद सिंह का कहना है कि घर शादी है। गेहूं बेचने के कई माह बीत गया, लेकिन डेढ़ लाख बकाया का भुगतान नहीं किया जा सका है। अधिक ब्याज पर कर्ज लेकर काम चलाना पड़ रहा है। इसी तरह किसान लल्लन सिंह, लालजी सिंह, रणविजय सिंह का कहना है कि कब क्रय केंद्र खुल रहा है पता नहीं चल पा रहा है। बुधवार को क्रय केंद्र बंद रहा। समस्या का समाधान अविलंब नहीं किया गया तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। इस बाबत जिला खाद्य विपणन अधिकारी दिनेश तिवारी का कहना है कि सभी क्रय केंद्रों पर खरीद चल रही है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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