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जर्जर तारों के टूटने से दहशत में हैं लोग
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क्षेत्र के मेऊड़ीकला गांव में जर्जर तारों के आए दिन टूटने से लोग दहशत में हैं। तार टूटने से घंटों विद्युत आपूर्ति ठप हो जा रही है। इससे खेती किसानी सहित कुटीर उद्योग पर विपरीत असर पड़ रहा है। शिकायत के बाद भी जर्जर तारों को बदला नहीं जा सका है।
क्षेत्र के मेऊड़ीकला गांव में दशकों पूर्व विद्युतीकरण किया गया है। जर्जर तार ढीले होने से तार काफी नीचे तक लटक गए हैं। तेज हवा चलने से ढीले तारों के आपस में टकराने से स्पार्किंग हो जा रही है। इसके चलते जर्जर तारों के टूटने से लोग दहशत में जी रहे हैं। ग्रामीणों की मानें तो जर्जर तारों को बदलने का काम कागज पर हो रहा है। हालत यह है कि तेज हवा बहने पर तारों के टूटने से घंटों विद्युत आपूर्ति ठप हो जा रही है। इससे कृषि सहित कुटीर उद्योग पर विपरीत असर पड़ रहा है। इस संबंध में गांव के मुमताज अहमद, उदय भान सिंह, रामबड़ाई सिंह, राजेश कुमार, अशोक राम, मतलूब अहमद, ओपी सिंह का कहना था कि जर्जर तार प्रत्येक दिन एक दो दो बार तार टूटता है। जानमाल का हमेशा खतरा बना रहता है। शिकायत के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा सका है। इस बाबत एसडीओ भानु प्रताप का कहना है कि जर्जर तारों को बदलने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।
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क्षेत्र के मेऊड़ीकला गांव में दशकों पूर्व विद्युतीकरण किया गया है। जर्जर तार ढीले होने से तार काफी नीचे तक लटक गए हैं। तेज हवा चलने से ढीले तारों के आपस में टकराने से स्पार्किंग हो जा रही है। इसके चलते जर्जर तारों के टूटने से लोग दहशत में जी रहे हैं। ग्रामीणों की मानें तो जर्जर तारों को बदलने का काम कागज पर हो रहा है। हालत यह है कि तेज हवा बहने पर तारों के टूटने से घंटों विद्युत आपूर्ति ठप हो जा रही है। इससे कृषि सहित कुटीर उद्योग पर विपरीत असर पड़ रहा है। इस संबंध में गांव के मुमताज अहमद, उदय भान सिंह, रामबड़ाई सिंह, राजेश कुमार, अशोक राम, मतलूब अहमद, ओपी सिंह का कहना था कि जर्जर तार प्रत्येक दिन एक दो दो बार तार टूटता है। जानमाल का हमेशा खतरा बना रहता है। शिकायत के बाद भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा सका है। इस बाबत एसडीओ भानु प्रताप का कहना है कि जर्जर तारों को बदलने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।
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