{"_id":"5b32892c4f1c1bf86e8ba11f","slug":"151530038572-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"करंट की चपेट में आने से युवक की मौत","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
करंट की चपेट में आने से युवक की मौत
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोनभद्र। करमा थाना क्षेत्र के मगरदहा गांव में शुक्रवार को हाइटेंशन तार टूटकर एक युवक पर गिर पड़ा। करंट से धीरज (27) की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने विरोध करते हुए प्रशासनिक अधिकारी मौके पर बुलाने की मांग करने लगे। भाई सुधीर ने बिजली विभाग के खिलाफ तहरीर देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस के मुताबिक सुबह करीब साढ़े दस बजे मगरदहा गांव से गुजरी 11 हजार वोल्टेज के तारों में शार्टसर्किट होने लगी। इसकी आवाज सुन कर धीरज अपने घर के बाहर निकल कर तारों को देखने लगा। उसी वक्त तार टूट कर उसके ऊपर गिर पड़ा और करंट से उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने बिजली विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर आपूर्ति को ठप कराया और मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे मेें लेने लगी। लेकिन कुछ ग्रामीणों ने शव ले जाने से रोक दिया। उनका कहना था कि प्रशासनिक अधिकारी मौके पर आकर मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा देने और सूचना देने के बाद भी बिजली के जर्जर तारों को न बदलने वाले बिजली कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दें, तब शव को जाने दिया जाएगा। थानाध्यक्ष ने मोबाइल से एसडीएम को मामले से अवगत कराया। एसडीएम के निर्देश पर क्षेत्रीय लेखपाल ने मौके पर पहुंच कर मृतक को मुआवजा देने के लिए रिपोर्ट तैयार की। तब जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुआ और शव को ले जाने दिया। पुलिस ने कहा कि मृतक के भाई ने बिजली विभाग के खिलाफ तहरीर देकर आरोप लगाया गया है कि जर्जर तारों के चलते उसके भाई की मौत हुई है।
विज्ञापन
पुलिस के मुताबिक सुबह करीब साढ़े दस बजे मगरदहा गांव से गुजरी 11 हजार वोल्टेज के तारों में शार्टसर्किट होने लगी। इसकी आवाज सुन कर धीरज अपने घर के बाहर निकल कर तारों को देखने लगा। उसी वक्त तार टूट कर उसके ऊपर गिर पड़ा और करंट से उसकी मौत हो गई। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने बिजली विभाग के अधिकारियों से वार्ता कर आपूर्ति को ठप कराया और मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे मेें लेने लगी। लेकिन कुछ ग्रामीणों ने शव ले जाने से रोक दिया। उनका कहना था कि प्रशासनिक अधिकारी मौके पर आकर मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा देने और सूचना देने के बाद भी बिजली के जर्जर तारों को न बदलने वाले बिजली कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दें, तब शव को जाने दिया जाएगा। थानाध्यक्ष ने मोबाइल से एसडीएम को मामले से अवगत कराया। एसडीएम के निर्देश पर क्षेत्रीय लेखपाल ने मौके पर पहुंच कर मृतक को मुआवजा देने के लिए रिपोर्ट तैयार की। तब जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुआ और शव को ले जाने दिया। पुलिस ने कहा कि मृतक के भाई ने बिजली विभाग के खिलाफ तहरीर देकर आरोप लगाया गया है कि जर्जर तारों के चलते उसके भाई की मौत हुई है।
विज्ञापन