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आवेदनकर्ताओं को नहीं मिल पा रहा है योजनाओं का लाभ
Updated Fri, 25 May 2018 10:52 PM IST
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बैंक से जुड़ी प्रधानमंत्री की विभिन्न योजनाओं में प्रधानमंत्री मुद्रा लोन योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत बैंक लाभार्थियों को ऋण ही नहीं दे पा रहे हैं। ऋण नहीं मिलने से इस योजना में जिला काफी पीछे रह गया है। संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा भी योजनाओं को लाभ दिलाने में उदासीनता बरती जा रही है।
जिले में केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को स्वावलंबी बनाने का प्रयास विफल होता प्रतीत हो रहा है। युवाओं को स्व रोजगार के आवेदन देने के बाद योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि रोजाना कई युवा जिला उद्योग केंद्र का चक्कर काटने के बाद उन्हें संबंधित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा जानकारी नहीं दी जा रही है। हालात यह है कि प्रधानमंत्री का ड्रीम योजनाओं में शुमार प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 5330 युवाओं को बिजनेस के लिए ऋण मुहैया कराना था। इसके सापेक्ष केवल 25 युवाओं ने आवेदन दिया। लेकिन इसमें अभी एक भी आवेदक को योजना का लाभ नहीं मिल सका है। इसी तरह मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 30 आवेदकों ने विभाग में आवेदन दिया। बता दे कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना 8 अप्रैल 2015 को प्रक्षेपित किया गया था। इस योजना का उद्देश्य युवाओं के साथ महिला उद्यमी को आर्थिक सहायता प्रदान करना था। योजना के तहत आवेदनकर्ता को एक हजार से लेकर 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत होना है। इसी तरह से मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में सामान्य वर्ग के आवेदक को कुल बिजनेस का15 प्रतिशत और ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग के आवेदक को 30 प्रतिशत देने की प्रक्रिया है। इस बाबत जिला उद्योग केन्द्र के सहायक प्रबंधक अशोक उपाध्याय से पूछने पर उन्होंने बताया कि उद्योग लगाने के लिए आवश्यक कागजातों के साथ आवेदनों को बैंकों को भेज दिए गए हैं। लेकिन उनके द्वारा आवेदनों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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जिले में केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा युवाओं को स्वावलंबी बनाने का प्रयास विफल होता प्रतीत हो रहा है। युवाओं को स्व रोजगार के आवेदन देने के बाद योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। जबकि रोजाना कई युवा जिला उद्योग केंद्र का चक्कर काटने के बाद उन्हें संबंधित विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा जानकारी नहीं दी जा रही है। हालात यह है कि प्रधानमंत्री का ड्रीम योजनाओं में शुमार प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत 5330 युवाओं को बिजनेस के लिए ऋण मुहैया कराना था। इसके सापेक्ष केवल 25 युवाओं ने आवेदन दिया। लेकिन इसमें अभी एक भी आवेदक को योजना का लाभ नहीं मिल सका है। इसी तरह मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना के तहत 30 आवेदकों ने विभाग में आवेदन दिया। बता दे कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना 8 अप्रैल 2015 को प्रक्षेपित किया गया था। इस योजना का उद्देश्य युवाओं के साथ महिला उद्यमी को आर्थिक सहायता प्रदान करना था। योजना के तहत आवेदनकर्ता को एक हजार से लेकर 10 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत होना है। इसी तरह से मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में सामान्य वर्ग के आवेदक को कुल बिजनेस का15 प्रतिशत और ओबीसी, एससी, एसटी वर्ग के आवेदक को 30 प्रतिशत देने की प्रक्रिया है। इस बाबत जिला उद्योग केन्द्र के सहायक प्रबंधक अशोक उपाध्याय से पूछने पर उन्होंने बताया कि उद्योग लगाने के लिए आवश्यक कागजातों के साथ आवेदनों को बैंकों को भेज दिए गए हैं। लेकिन उनके द्वारा आवेदनों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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