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घाघरा के तटीय क्षेत्रों से हो रहा बालू का अवैध खनन
Updated Tue, 17 Apr 2018 11:35 PM IST
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मधुबन (मऊ)। थाना क्षेत्र अंतर्गत घाघरा के तटीय क्षेत्रों से रोक के बावजूद पुलिस की साठगांठ से अवैध सफेद बालू की जमकर तस्करी हो रही है। इससे सरकार को लाखों रुपयों के राजस्व का चूना प्रतिमाह लग रहा है। खनन माफिया बेखौफ होकर सरकार की इस रोक का मजाक उड़ा रहे हैं। खनन माफिया शासन के निर्देश को ठेंगे पर रख कर अच्छी कमाई कर रहे हैं। स्थानीय पुलिस की संलिप्तता के कारण ये माफिया बेखौफ होकर अपने कार्य को अंजाम दे रहे हैं।
बता दें थाना क्षेत्र मधुबन के उत्तरी तरफ दुबारी, भठियां, सुवाह सुग्गीचौरी, धर्मपुर से सटे घाघरा का तटीय क्षेत्र है। यह क्षेत्र सफेद बालू के लिए मुफीद माना जाता है। स्थानीय लोगों की मानें तो पिछले एक साल से मोरंग बालू महंगा होने के कारण सफेद बालू की मांग बढ़ी है। इसके चलते खनन माफियाओं की चांदी कट रही है। बिना ठेके के ही दर्जनों ट्राली बालू रोजाना घाघरा की तलहटी से निकालकर सरेआम बाजार से लेकर जरूरत मंदों को पहुंचाया जा रहा है। पहले जो सफेद बालू एक हजार से लेकर 12 सौ में मिल जाता था वहीं बालू इन माफियाओं द्वारा दिन हो रात चार से पांच हजार रुपये में खुलेआम बेचा जा रहा है। इनका प्रभुत्व इतना बढ़ गया है कि जब कोई दूसरा व्यक्ति सफेद बालू ले जाता है तो ये पुलिस को सूचना देकर पकड़वा देते हैं, जिससे पुलिस की खाना पूर्ति भी हो जाती है और फिर छोटे-मोटे लोग सफेद बालू निकालने की हिम्मत नही जुटा पाते हैं।
सूत्रों की माने तो यही खनन माफिया छोटे-मोटे लोगों को पुलिस और तहसील के अधिकारियों से बचाने के एवज में प्रति ट्राली पांच से सात सौ रुपये रंगदारी भी वसूलते हैं। कुछ प्रधानों और दुकानदारों की मानें तो ये माफिया दिन भर पुलिस थाने और तहसील के इर्द गिर्द मंडराते रहते हैं। इस संबंध में कई बार लोगों ने शिकायत कर अवैध खनन बंद करवाने की मांग की लेकिन स्थानीय प्रशासन शिकायतकर्ता से ही बालू लदी ट्राली पकड़वाने की बात करता है। यही नहीं जिनके कंधों पर अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी है वे ही शिकायत कर्ता के नाम माफियाओं को बता देते हैं। इसके कारण जल्दी कोई शिकायत भी करने का साहस नही करता है। इससे यह धंधा बेखौफ चल रहा है। इस गोरखधंधे में तहसील के भी कुछ कर्मियों की संलिप्तता बताई जाती है। यही कारण है कि इन माफियाओं को तहसील और थाने का जरा भी खौफ नहीं है। ये माफिया धड़ल्ले से बालू खनन का काम कर रहे हैं। इस बाबत एसडीएम निरंकार सिंह का कहना है कि शासन की मंशा के अनुरूप अवैध खनन पर सख्ती से अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए हैं यदि कहीं अवैध खनन होता पाया जाएगा तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
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बता दें थाना क्षेत्र मधुबन के उत्तरी तरफ दुबारी, भठियां, सुवाह सुग्गीचौरी, धर्मपुर से सटे घाघरा का तटीय क्षेत्र है। यह क्षेत्र सफेद बालू के लिए मुफीद माना जाता है। स्थानीय लोगों की मानें तो पिछले एक साल से मोरंग बालू महंगा होने के कारण सफेद बालू की मांग बढ़ी है। इसके चलते खनन माफियाओं की चांदी कट रही है। बिना ठेके के ही दर्जनों ट्राली बालू रोजाना घाघरा की तलहटी से निकालकर सरेआम बाजार से लेकर जरूरत मंदों को पहुंचाया जा रहा है। पहले जो सफेद बालू एक हजार से लेकर 12 सौ में मिल जाता था वहीं बालू इन माफियाओं द्वारा दिन हो रात चार से पांच हजार रुपये में खुलेआम बेचा जा रहा है। इनका प्रभुत्व इतना बढ़ गया है कि जब कोई दूसरा व्यक्ति सफेद बालू ले जाता है तो ये पुलिस को सूचना देकर पकड़वा देते हैं, जिससे पुलिस की खाना पूर्ति भी हो जाती है और फिर छोटे-मोटे लोग सफेद बालू निकालने की हिम्मत नही जुटा पाते हैं।
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सूत्रों की माने तो यही खनन माफिया छोटे-मोटे लोगों को पुलिस और तहसील के अधिकारियों से बचाने के एवज में प्रति ट्राली पांच से सात सौ रुपये रंगदारी भी वसूलते हैं। कुछ प्रधानों और दुकानदारों की मानें तो ये माफिया दिन भर पुलिस थाने और तहसील के इर्द गिर्द मंडराते रहते हैं। इस संबंध में कई बार लोगों ने शिकायत कर अवैध खनन बंद करवाने की मांग की लेकिन स्थानीय प्रशासन शिकायतकर्ता से ही बालू लदी ट्राली पकड़वाने की बात करता है। यही नहीं जिनके कंधों पर अवैध खनन रोकने की जिम्मेदारी है वे ही शिकायत कर्ता के नाम माफियाओं को बता देते हैं। इसके कारण जल्दी कोई शिकायत भी करने का साहस नही करता है। इससे यह धंधा बेखौफ चल रहा है। इस गोरखधंधे में तहसील के भी कुछ कर्मियों की संलिप्तता बताई जाती है। यही कारण है कि इन माफियाओं को तहसील और थाने का जरा भी खौफ नहीं है। ये माफिया धड़ल्ले से बालू खनन का काम कर रहे हैं। इस बाबत एसडीएम निरंकार सिंह का कहना है कि शासन की मंशा के अनुरूप अवैध खनन पर सख्ती से अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए हैं यदि कहीं अवैध खनन होता पाया जाएगा तो संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई की जाएगी।
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