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आलू की खुदाई शुरू, नहीं बने आलू क्रय केंद्र
Updated Tue, 06 Mar 2018 11:32 PM IST
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मऊ। सब्जियों का राजा कहे जाने वाले आलू की बंपर पैदावार के बाद भी जिले में आलू भंडारण की समुचित व्यवस्था नहीं की जा सकी है। इसके चलते किसानों को बीते कई वर्षों से खासा घाटा हो रहा है। इस वर्ष भी आलू भंडारण के लिए ठोस कार्य योजना न बनाए जाने से किसानों को घाटे की चिंता सताने लगी है। शासन की तरफ से आलू खरीद की घोषणा तो की गई है, लेकिन अभी तक आलू खरीद का शासनादेश न मिलने से क्रय केंद्र नहीं खोले जा सके हैं। इससे किसान चिंतित हैं। जिले में लगभग 1500 हेक्टेयर में आलू की खेती की जाती है। कई वर्षों से आलू की फसल का उचित मूल्य न मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति दयनीय होती जा रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. कल्पनाथ ने सेमरी जमालपुर, दोहरीघाट, टड़ियांव में कोल्ड स्टोरेज की स्थापना कराई थी, लेकिन उनके निधन के बाद विभागीय लापरवाही से सरकारी कोल्ड स्टोरेज बंद हो गए। इसके बाद आलू किसानों की बदहाली शुरू हो गई। जिले में दो निजी कोल्ड स्टोरेज तो हैं, लेकिन मानक के अनुरूप कोल्ड स्टोरेज का संचालन न होने से किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है। इस वर्ष फसल अच्छी होने का अनुमान है। इस समय मंडी में आलू का रेट तो लगभग आठ सौ रुपया प्रति कुंतल चल रहा है। किसानों की मानें तो आलू की अब खुदाई शुरू हुई है। आलू की खुदाई हो जाने के बाद रेट गिरने लगता है। आलू भंडारण की समुचित व्यवस्था न होने से गैर जनपद जाने पर आलू की लागत बढ़ जाती है। गत वर्ष आलू की खेती से किसानों को घाटा हुआ था। उद्यान विभाग के आंकड़े के अनुसार गत वर्ष एक लाख 60 हजार एमटी आलू का उत्पादन हुुआ था। बंपर पैैदावार होने के बाद भी भंडारण की सुविधा न होने से किसानों को फसल औने पौने दाम पर बेचना पड़ा। कुछ किसानों ने निजी कोल्ड स्टोरेज में आलू तो रखा था, लेकिन आलू का रेट गिर जाने से काफी संख्या में किसानों ने आलू कोल्ड स्टोरेज में ही छोड़ दिया था। इस संबंध में पिपरीडीह क्षेत्र के किसान रविंद्र सिंह, मनोज यादव, सत्या मौर्य का कहना है कि जनपद में सरकारी कोल्ड स्टोरेज न होने से आलू भंडारण काफी महंगा पड़ रहा है। जनपद में दो निजी कोल्डस्टोरेज हैं, लेकिन मानक के अनुरूप संचालन न होने से काफी नुकसान उठाना पड़ता है। इस बाबत जिला उद्यान विभाग के उद्यान निरीक्षक सतिराज यादव का कहना है कि शासन की तरफ से 549 रुपये आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। लेकिन अभी तक आलू खरीद करने के मामले में आदेश नहीं आया है। प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी सुभाष राम ने बताया कि इस वर्ष दो लाख एमटी आलू उत्पादन का अनुमान है, खुदाई का कार्य शुरू हो चुका है। मार्च माह के अंत तक उत्पादन की जानकारी हो जाएगी।
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