{"_id":"5963ba4d4f1c1b74028b465e","slug":"151499707981-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बुनकरों ने किया बंदी का ऐलान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बुनकरों ने किया बंदी का ऐलान
Updated Mon, 10 Jul 2017 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुहम्मदाबाद गोहना कपड़ों पर लगे टैक्स जीएसटी से नाराज बुनकरों ने सोमवार को खैराबाद गांव स्थित इकरा पब्लिक स्कूल में बैठक की। इस दौरान एक सुर में जीएसटी के खिलाफ आरपार की लड़ाई लड़ने का एलान किया। साथ ही साथ यह निर्णय भी लिया गया कि मंगलवार बंदी करके सैकड़ों की संख्या में बुनकर उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचेंगे और जीएसटी के खिलाफ एसडीएम को ज्ञापन सौंपेंगे।
बैठक में खैराबाद वलीदपुर भीरा आदि गांव के पावरलूम सहित दूकानों को भी बंद रखने का फैसला लिया गया। बुनकर नेता मौलवी अजीजुर्रहमान ने कहा कि देश में कृषि के बाद दूसरे नंबर पर कपड़ा व्यवसाय ही आता है जिस पर टेक्स थोप कर सरकार छोटे बुनकरों को समाप्त करने की योजना बना रही है। बुनकर नेता हाजी अब्दुलहई ने कहा कि आर्थिक मंदी झेल रहे बुनकरों की दशा पहले से काफी दयनीय है और अगर इन पर जीएसटी लगा दी गई तो बुनकर समाज भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएगा। इसलिए कपड़ा पर से जीएसटी समाप्त किया जाना चाहिए। कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल में कपड़ों पर एक्साईड ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन बुनकरों व कपड़ा व्यवसायियों के विरोध व आंदोलन के बाद इसे मुक्त कर दिया गया था। कुटीर उद्योग पर टैक्स लगा कर सरकार गरीबी बढ़ाना चाहती है। कहा कि देश की आजादी से लेकर आज तक मूलभूत सुविधा प्रदान करने वाले बुनकर समाज पर कोई टैक्स नहीं लगाया गया लेकिन केंद्र सरकार बिना तैयारी के जीएसटी का एलान कर लोकतंत्र का मजाक बना रही है। संयुक्त व्यापार मंडल ने कल पूरे देश में राष्ट्रीय स्तर पर बंदी कराने का एलान कर रखा है। एक जुलाई से लगने वाली जीएसटी में कपड़ा पर भी पांच प्रतिशत लगाई गई है जिसके विरोध में मंगलवार से बुनकर खैराबाद सहित अन्य जगहों में भी बंदी का एलान किया गया। साथ ही साथ यह निर्णय भी लिया गया कि मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में बुनकर उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचेंगे तथा जीएसटी को समाप्त करने हेतु एक ज्ञापन देंगे। इस अवसर पर हाजी इक़बाल, सेठ मौलवी अजीजुर्रहमान, हाजी शाहिद रजा, हाजी कमरुज्जमा, हाजी सगीर प्रधान, हाजी एजाज, अशफाक अहमद, अबुहोरैरा अंसारी, इरशाद अहमद, हाजी मंसूर आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
बैठक में खैराबाद वलीदपुर भीरा आदि गांव के पावरलूम सहित दूकानों को भी बंद रखने का फैसला लिया गया। बुनकर नेता मौलवी अजीजुर्रहमान ने कहा कि देश में कृषि के बाद दूसरे नंबर पर कपड़ा व्यवसाय ही आता है जिस पर टेक्स थोप कर सरकार छोटे बुनकरों को समाप्त करने की योजना बना रही है। बुनकर नेता हाजी अब्दुलहई ने कहा कि आर्थिक मंदी झेल रहे बुनकरों की दशा पहले से काफी दयनीय है और अगर इन पर जीएसटी लगा दी गई तो बुनकर समाज भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएगा। इसलिए कपड़ा पर से जीएसटी समाप्त किया जाना चाहिए। कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के कार्यकाल में कपड़ों पर एक्साईड ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन बुनकरों व कपड़ा व्यवसायियों के विरोध व आंदोलन के बाद इसे मुक्त कर दिया गया था। कुटीर उद्योग पर टैक्स लगा कर सरकार गरीबी बढ़ाना चाहती है। कहा कि देश की आजादी से लेकर आज तक मूलभूत सुविधा प्रदान करने वाले बुनकर समाज पर कोई टैक्स नहीं लगाया गया लेकिन केंद्र सरकार बिना तैयारी के जीएसटी का एलान कर लोकतंत्र का मजाक बना रही है। संयुक्त व्यापार मंडल ने कल पूरे देश में राष्ट्रीय स्तर पर बंदी कराने का एलान कर रखा है। एक जुलाई से लगने वाली जीएसटी में कपड़ा पर भी पांच प्रतिशत लगाई गई है जिसके विरोध में मंगलवार से बुनकर खैराबाद सहित अन्य जगहों में भी बंदी का एलान किया गया। साथ ही साथ यह निर्णय भी लिया गया कि मंगलवार को सैकड़ों की संख्या में बुनकर उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचेंगे तथा जीएसटी को समाप्त करने हेतु एक ज्ञापन देंगे। इस अवसर पर हाजी इक़बाल, सेठ मौलवी अजीजुर्रहमान, हाजी शाहिद रजा, हाजी कमरुज्जमा, हाजी सगीर प्रधान, हाजी एजाज, अशफाक अहमद, अबुहोरैरा अंसारी, इरशाद अहमद, हाजी मंसूर आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन