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सहारनपुर मामले को लेकर निकाला पैदल मार्च
Updated Sat, 03 Jun 2017 11:23 PM IST
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मऊ। सहारनपुर के दलितों के लिए न्याय की मांग को लेकर शनिवार को वामपंथी दलों के कार्यकर्ता गाजीपुर तिराहे से नारा लगाते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान दलितों को न्याय की मांग को लेकर राष्ट्रपति को संबोधित मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपे।
वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मनुवादी एवं सामंतवादी ताकतें दलितों और अल्पसंख्यकों का अपना निशाना बना रही हैं। पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बना रहता है। जिस तरह पुलिस की मौजूदगी में बूढ़ों, महिलाओं और बच्चों पर हमला किया गया है वह लोकतंत्र के मुंह पर तमाचा है। साथ ही पीड़ित लोगों लोगों को ही झूठे मुकदमे में फंसाकर उन्हें जेल में डाल दिया जा रहा है। यह मोदी सरकार का दलित विरोधी चेहरा है। पिछले तीन वर्षों से देश के तमाम प्रदेशों में दलितों पर जिस प्रकार से जघन्य हमले हो रहे हैं उनका विरोध वामपंथी जनवादी ताकतें ही मुखर होकर कर रही हैं। वक्ताओं ने कहा कि शब्बीरपुर गांव-सहारनपुर के दलितों को न्याय दिलाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
मांग पत्र में घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने, झूठे मुकदमों को वापस लेने, दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने, पीड़ित परिवारों को 15-15 लाख का मुआवजा देने, प्रदेश में अमर चैन को कायम करने की मांग की गई। बैठक में मुख्य रूप से वामपंथी मोर्चा के संयोजक वीरेंद्र कुमार, विनोद राय, बसंत कुमार, शैलेंद्र, लल्लन सिंह, शमसुल हक चौधरी आदि शामिल रहे।
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वक्ताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने के बाद मनुवादी एवं सामंतवादी ताकतें दलितों और अल्पसंख्यकों का अपना निशाना बना रही हैं। पुलिस प्रशासन मूक दर्शक बना रहता है। जिस तरह पुलिस की मौजूदगी में बूढ़ों, महिलाओं और बच्चों पर हमला किया गया है वह लोकतंत्र के मुंह पर तमाचा है। साथ ही पीड़ित लोगों लोगों को ही झूठे मुकदमे में फंसाकर उन्हें जेल में डाल दिया जा रहा है। यह मोदी सरकार का दलित विरोधी चेहरा है। पिछले तीन वर्षों से देश के तमाम प्रदेशों में दलितों पर जिस प्रकार से जघन्य हमले हो रहे हैं उनका विरोध वामपंथी जनवादी ताकतें ही मुखर होकर कर रही हैं। वक्ताओं ने कहा कि शब्बीरपुर गांव-सहारनपुर के दलितों को न्याय दिलाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
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मांग पत्र में घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने, झूठे मुकदमों को वापस लेने, दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने, पीड़ित परिवारों को 15-15 लाख का मुआवजा देने, प्रदेश में अमर चैन को कायम करने की मांग की गई। बैठक में मुख्य रूप से वामपंथी मोर्चा के संयोजक वीरेंद्र कुमार, विनोद राय, बसंत कुमार, शैलेंद्र, लल्लन सिंह, शमसुल हक चौधरी आदि शामिल रहे।
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