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कांवरियों के बम-बम संग सावन का आगाज
Updated Sat, 28 Jul 2018 12:05 AM IST
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मऊ। सावन माह की शुरुआत आज से होने के साथ ही कांवरियों का जत्था बाबा बैजनाथ के लिए रवाना हो गया है। कांवरियों के दल से बम-बम भोले के जयघोष गूंज रहे है। पूरे सावन माह भर भगवान शिव की विधिवत पूजा के क्रम में जिले के शिव मंदिरों व प्रमुख मंदिरों को सजाने, संवारने का कार्य देर शाम तक चलता रहा। मान्यता है कि सावन माह में भगवान शिव का जलाभिषेक करने से सभी मनोकामना पूरी हो जाती है।
इंदारा प्रतिनिधि के अनुसार थानी दास कांवर संघ चकरा के तत्वावधान में शिवभक्तों का जत्था शुक्रवार को बाबा धाम को रवाना हुआ। शुक्रवार को बम बम भोले, ओम नम: शिवाय लिखे गेरुआ वस्त्रों को धारण कर तमाम युवा नाचते गाते और झूमते हुए चकरा बाजार स्थिति थानी दास मंदिर पर एकत्र हुए। यहां पर श्रद्घालुओं ने थानी दास मंदिर में माथा टेकने के बाद समूह के रुप में बैजनाथ धाम को रवाना हुए। समूह में शामिल सोनू मद्वेशिया, अशोक गुप्ता, घुरा गुप्ता, संजय,अजय,शिवकुमार, गांधी गौतम, सुखारी, गुड्डू गोड़, विजय रावत, सीताराम, नाटी घनश्याम, हरिलाल शंकर ,सुनील, रामप्रसाद, विनोद, शिवकुमार, राजकुमार आदि रवाना हुए।
वहीं, अमिला संवाददाता के अनुसार बड़राव ब्लाक के बोझी बजार से शुक्रवार को गुरुपूर्णिमा के अवसर पर शिव भक्तों का जत्था बाबा बैजनाथ धाम के लिए रवाना हुआ। सोनू निषाद व पारस यादव के नेतृत्व में रवाना हुआ यह जत्था बाबा बैजनाथ धाम के साथ बाबा बासुकी नाथ, बाबा विश्वनाथ, ओकालेश्वर, महाकालेश्वर पहुंचकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करेगा। सोनू और पारस ने बताया कि पहले यह जत्था बिहार के सुल्तानगंज पहुंचेगा। यहां से संकल्प कर कावड़ में गंगा जल ऌलेकर झारखंड स्थित बैजनाथ धाम और बासुकी नाथ का जलाभिषेक करेंगा। इसके बाद वाराणसी पहुंचकर काशी विश्वनाथ का दर्शन कर मध्यप्रदेश प्रदेश के धार्मिक नगरी उज्जैन में ओकालेश्वर और महाकालेश्वर का जलाभिषेक करेंगे। रवाना हुए जत्थे में सोनू निषाद,पारस यादव, रामधीरज यादव, प्रेमचंद गुप्त, रामसिंह, जयराम प्रजा पति, उमेश राजभर, सुरेश यादव, राम बदन,बृजेश यादव, जयसिंह मौर्य आदि शामिल रहे ।
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वहीं सावन माह भर नगर क्षेत्र में खास तौर से शीतला माता धाम स्थित शिव मंदिर, मठिया टोला शिवाला, हट्ठीमदारी स्थित कैलाशपुरी मंदिर, भीटी स्थित शिव मंदिर, कतुआ पुरा स्थित शिव मंदिर, आजमगढ़ मोड़ स्थित शिव मंदिर, जिला अस्पताल स्थित शिव मंदिर, ब्रह्मस्थान स्थित और रोडवेज शिव मंदिर सहित मधुबन का शिवपुर पांति, कोपागंज, लैरोदोनवार सहित विभिन्न शिव मंदिरों पर शिव भक्तों व कांवरियों का रेला लगता है। मंदिर समिति के पदाधिकारी व भक्तगण बिजली, पेयजल सहित विभिन्न सुविधाओं को चुस्त दुरुस्त करने में तन्मयता से लगे रहे। कई मंदिरों पर रुद्राभिषेक सहित विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है।
गौरीशंकर मंदिर पर उमड़ता हैे कांवरियों का हुुजूम
कोपागंज। थाने के सामने स्थित 600 वर्ष पुराने गौरीशंकर मंदिर पर तड़के ही भगवान शिव को गंगा जल चढ़ाने के लिए कांवरियों का हुजूम उमड़ना शुरू हो जाता है। इस मंदिर ने अपने गर्भ में कई किंवदंतियां समेटे हुए है। मध्य प्रदेश के खोड़िया स्टेट के राजा पिथौरा ने मंदिर का भव्य निर्माण संवत 1529 में कराया था। कहा जाता है कि राजा कुष्ठ रोग से ग्रसित थे। उस समय कोपागंज का इलाका जंगल था। राजा को जंगल में एक गड्ढे में शिवलिंग मिला जिसे छूते ही उसका कुष्ठ ठीक हो गया। इससे प्रसन्न होकर राजा ने मंदिर की स्थापना की। मंदिर के प्रवेश द्वार पर फारसी भाषा में संवत 1529 और राजा पिथौरा का नाम टूटेफूटे अक्षरों मेें आज भी अंकित नजर आता है।
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इंदारा प्रतिनिधि के अनुसार थानी दास कांवर संघ चकरा के तत्वावधान में शिवभक्तों का जत्था शुक्रवार को बाबा धाम को रवाना हुआ। शुक्रवार को बम बम भोले, ओम नम: शिवाय लिखे गेरुआ वस्त्रों को धारण कर तमाम युवा नाचते गाते और झूमते हुए चकरा बाजार स्थिति थानी दास मंदिर पर एकत्र हुए। यहां पर श्रद्घालुओं ने थानी दास मंदिर में माथा टेकने के बाद समूह के रुप में बैजनाथ धाम को रवाना हुए। समूह में शामिल सोनू मद्वेशिया, अशोक गुप्ता, घुरा गुप्ता, संजय,अजय,शिवकुमार, गांधी गौतम, सुखारी, गुड्डू गोड़, विजय रावत, सीताराम, नाटी घनश्याम, हरिलाल शंकर ,सुनील, रामप्रसाद, विनोद, शिवकुमार, राजकुमार आदि रवाना हुए।
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वहीं, अमिला संवाददाता के अनुसार बड़राव ब्लाक के बोझी बजार से शुक्रवार को गुरुपूर्णिमा के अवसर पर शिव भक्तों का जत्था बाबा बैजनाथ धाम के लिए रवाना हुआ। सोनू निषाद व पारस यादव के नेतृत्व में रवाना हुआ यह जत्था बाबा बैजनाथ धाम के साथ बाबा बासुकी नाथ, बाबा विश्वनाथ, ओकालेश्वर, महाकालेश्वर पहुंचकर शिवलिंग पर जलाभिषेक करेगा। सोनू और पारस ने बताया कि पहले यह जत्था बिहार के सुल्तानगंज पहुंचेगा। यहां से संकल्प कर कावड़ में गंगा जल ऌलेकर झारखंड स्थित बैजनाथ धाम और बासुकी नाथ का जलाभिषेक करेंगा। इसके बाद वाराणसी पहुंचकर काशी विश्वनाथ का दर्शन कर मध्यप्रदेश प्रदेश के धार्मिक नगरी उज्जैन में ओकालेश्वर और महाकालेश्वर का जलाभिषेक करेंगे। रवाना हुए जत्थे में सोनू निषाद,पारस यादव, रामधीरज यादव, प्रेमचंद गुप्त, रामसिंह, जयराम प्रजा पति, उमेश राजभर, सुरेश यादव, राम बदन,बृजेश यादव, जयसिंह मौर्य आदि शामिल रहे ।
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वहीं सावन माह भर नगर क्षेत्र में खास तौर से शीतला माता धाम स्थित शिव मंदिर, मठिया टोला शिवाला, हट्ठीमदारी स्थित कैलाशपुरी मंदिर, भीटी स्थित शिव मंदिर, कतुआ पुरा स्थित शिव मंदिर, आजमगढ़ मोड़ स्थित शिव मंदिर, जिला अस्पताल स्थित शिव मंदिर, ब्रह्मस्थान स्थित और रोडवेज शिव मंदिर सहित मधुबन का शिवपुर पांति, कोपागंज, लैरोदोनवार सहित विभिन्न शिव मंदिरों पर शिव भक्तों व कांवरियों का रेला लगता है। मंदिर समिति के पदाधिकारी व भक्तगण बिजली, पेयजल सहित विभिन्न सुविधाओं को चुस्त दुरुस्त करने में तन्मयता से लगे रहे। कई मंदिरों पर रुद्राभिषेक सहित विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाने की योजना है।
गौरीशंकर मंदिर पर उमड़ता हैे कांवरियों का हुुजूम
कोपागंज। थाने के सामने स्थित 600 वर्ष पुराने गौरीशंकर मंदिर पर तड़के ही भगवान शिव को गंगा जल चढ़ाने के लिए कांवरियों का हुजूम उमड़ना शुरू हो जाता है। इस मंदिर ने अपने गर्भ में कई किंवदंतियां समेटे हुए है। मध्य प्रदेश के खोड़िया स्टेट के राजा पिथौरा ने मंदिर का भव्य निर्माण संवत 1529 में कराया था। कहा जाता है कि राजा कुष्ठ रोग से ग्रसित थे। उस समय कोपागंज का इलाका जंगल था। राजा को जंगल में एक गड्ढे में शिवलिंग मिला जिसे छूते ही उसका कुष्ठ ठीक हो गया। इससे प्रसन्न होकर राजा ने मंदिर की स्थापना की। मंदिर के प्रवेश द्वार पर फारसी भाषा में संवत 1529 और राजा पिथौरा का नाम टूटेफूटे अक्षरों मेें आज भी अंकित नजर आता है।