फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mau News ›   जाम से गंभीर मरीजों की बिगड़ रही हालत

जाम से गंभीर मरीजों की बिगड़ रही हालत

Wed, 23 May 2018 10:48 PM IST
Updated Wed, 23 May 2018 10:48 PM IST
विज्ञापन
जाम से गंभीर मरीजों की बिगड़ रही हालत
बाल निकेतन स्थित रेलवे क्रासिंग पर प्रतिदिन जाम लगने से मरीजों की हालत बिगड़ रही है। जहां आम लोग परेशान हो रहे वहीं अब बीमार भी इससे नहीं बच पा रहे। चिकित्सकों की मानें तो जाम में फंसने के चलते गंभीर मरीज समय रहते अस्पताल नहीं पहुुंच पा रहे और उनकी हालत बिगड़ जा रही। प्रबुद्ध वर्ग के साथ ही अन्य लोग भी आरओबी बनाए जाने की मांग करने लगे हैं।
विज्ञापन

बाल निकेतन क्रासिंग के पश्चिमी तरफ बड़ी आबादी निवास करती है। जबकि पूर्वी तरफ सरकारी अस्पताल, तमाम निजी अस्पताल, सरकारी विभाग सहित निजी प्रतिष्ठान हैं। भारी संख्या में लोगों का हमेशा आना जाना लगा रहता है। ट्रेनों की लगातार संचालन से क्रासिंग बंद होने से जाम लगना आम बात है। ऐसे में यह जाम लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा। काफी देर तक जाम लगने से वाहनों से निकलने वाला घातक धुंआ लोगों को बीमार बना रहा।
विज्ञापन

नगर के वरिष्ठ सर्जन डॉ. एससी तिवारी कहते हैं कि बाल निकेतन रेलवे क्रासिंग पर ओवरब्रिज न बनने से लग रहे जाम से आम लोगों के साथ ही गंभीर भी फंस जा रहे। प्रशासन अविलंब समस्या का समाधान कराए। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. एसएन खत्री कहते हैं कि क्रासिंग पर आरओबी न बनने से आए दिन लोग जाम से जूझ रहे। प्राथमिकता के आधार पर इसे बनाया जाना चाहिए। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. पीएल गुप्ता का कहना है कि लंबे समय से लंबित समस्या का जल्द समाधान होना चाहिए। वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. ओपी सिंह कहते ह्रैं कि क्रासिंग पर आरओबी न बनने से जिले के विकास की गति पर असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed