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सड़क हादसे में बाइक सवार अध्यापक की मौत
Updated Wed, 11 Apr 2018 11:51 PM IST
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मधुबन। क्षेत्र के दुबारी रोड पर बौला पुल के पास बुधवार की शाम को दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। घायल हुए बाइक सवार शिक्षक की अस्पताल जाते समय रास्ते में मौत हो गई जबकि दूसरा बाइक सवार गंभीर रुप से घायल हुआ। उन्हें सीएचसी फतेहपुर में भर्ती कराया गया। मौत की खबर सुनते ही शिक्षक के परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृत शिक्षक दुर्ग विजय यादव (32) पुत्र रामप्रताप यादव मधुबन क्षेत्र के गुलौरी दरगाह गांव का निवासी था। उसकी तैनाती देवरिया में विशुनपुरा गांव में है, यह गांव घाघरा नदी के दूसरे छोर पर बसा है। बुधवार को दुर्गविजय स्कूल से छुट्टी होने के बाद शाम को तीन बजे वह बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह बौला गांव पुल के करीब पहुंचे, तभी सामने से आ रही एक अन्य बाइक से टकरा गई। दूसरी बाइक सवार व्यक्ति अमित मौर्य पुत्र रामचंद्र सुवाह गांव का निवासी है। टक्कर इतनी गंभीर थी कि शिक्षक दुर्गविजय और अमित मौर्य बाइक से छीटक कर दूर जा गिरे। स्थानीय लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचित किया। लोगों ने एक ट्रैक्टर ट्राली को रोककर शिक्षक को मधुबन अस्पताल पहुंचाया। जहां कोई डाक्टर नहीं था। वहां जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दी। जबकि दूसरे घायल अमित को सीएचसी फतेहपुर मंडाव में भर्ती कराया गया। शिक्षक की मौत की सूचना पाकर परिजनों पर द़ु:खों का पहाड़ टूट पड़ुा।
आंधी से बचने को दुबारी के रास्ते आ रहा था
मधुबन। हिले रोजी बहाने मौत की कहावत दुर्गविजय पर चरितार्थ होती है। जो दुर्गविजय रोज दरगाह सिकडीकोल बंधा होकर सिर पर हेलमेट लगाकर अपने स्कूल जाता था। लेकिन आज आंधी और बारिश से बचने के लिए बंधे वाले रास्ते से वापस नहीं आकर दुबारी वाले रास्ते से घर आ रहा था। रोज की तरह वह उस दिन हेलमेट नहीं पहना था। जिससे उसके सिर में गंभीर चोट लग जाने से उसकी मौत हो गई। मृतक दुर्गविजय यादव आपस मे दो भाई थे। दूसरा मुलायम यादव गांव के पास दरगाह में कम्प्यूटर की दुकान खोल रखा है जबकि उसके पिता रामप्रताप यादव आरटीओ मऊ में ड्राइवर के रूप में तैनात है। दुर्गविजय के दो छोटे छोटे बच्चे आदित्य और अरुण है।
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मृत शिक्षक दुर्ग विजय यादव (32) पुत्र रामप्रताप यादव मधुबन क्षेत्र के गुलौरी दरगाह गांव का निवासी था। उसकी तैनाती देवरिया में विशुनपुरा गांव में है, यह गांव घाघरा नदी के दूसरे छोर पर बसा है। बुधवार को दुर्गविजय स्कूल से छुट्टी होने के बाद शाम को तीन बजे वह बाइक से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह बौला गांव पुल के करीब पहुंचे, तभी सामने से आ रही एक अन्य बाइक से टकरा गई। दूसरी बाइक सवार व्यक्ति अमित मौर्य पुत्र रामचंद्र सुवाह गांव का निवासी है। टक्कर इतनी गंभीर थी कि शिक्षक दुर्गविजय और अमित मौर्य बाइक से छीटक कर दूर जा गिरे। स्थानीय लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचित किया। लोगों ने एक ट्रैक्टर ट्राली को रोककर शिक्षक को मधुबन अस्पताल पहुंचाया। जहां कोई डाक्टर नहीं था। वहां जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दी। जबकि दूसरे घायल अमित को सीएचसी फतेहपुर मंडाव में भर्ती कराया गया। शिक्षक की मौत की सूचना पाकर परिजनों पर द़ु:खों का पहाड़ टूट पड़ुा।
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आंधी से बचने को दुबारी के रास्ते आ रहा था
मधुबन। हिले रोजी बहाने मौत की कहावत दुर्गविजय पर चरितार्थ होती है। जो दुर्गविजय रोज दरगाह सिकडीकोल बंधा होकर सिर पर हेलमेट लगाकर अपने स्कूल जाता था। लेकिन आज आंधी और बारिश से बचने के लिए बंधे वाले रास्ते से वापस नहीं आकर दुबारी वाले रास्ते से घर आ रहा था। रोज की तरह वह उस दिन हेलमेट नहीं पहना था। जिससे उसके सिर में गंभीर चोट लग जाने से उसकी मौत हो गई। मृतक दुर्गविजय यादव आपस मे दो भाई थे। दूसरा मुलायम यादव गांव के पास दरगाह में कम्प्यूटर की दुकान खोल रखा है जबकि उसके पिता रामप्रताप यादव आरटीओ मऊ में ड्राइवर के रूप में तैनात है। दुर्गविजय के दो छोटे छोटे बच्चे आदित्य और अरुण है।
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