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एक दूसरे की पूरक हैं हिंदी एवं उर्दू
Updated Wed, 20 Dec 2017 11:33 PM IST
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मऊ। परदहां मिल रोड पर स्थित राजीव गांधी पीजी कालेज में बुधवार को उर्दू और हिंदी विभाग के अंर्तगत हिंदी उर्दू सांझी विरासत र्काक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डा. मुनौव्वरअंजुम पूर्व विभागाध्यक्ष डीसीएसकेपीजी कालेज, आलम बरियालवी, इम्तियाज साकिब, डा.शमीम और सइदूर्रहमान रहे । कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने हिंदी में और उर्दू में विभिन कवियों और शायरों की रचनाओ को प्रस्तुत किया। उर्दू विभाग के प्रवक्ता तैयब हसन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कि हिंदी एवं उर्दू दोनो भाषाएं एक दूसरे की पुरक हैं। दोनों भाषाएं हमारे देश मे गंगा जमुनी तहजीब को दर्शाती है । हिंदी विभाग की अर्चना राजभर ने स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। उर्दू से सुमैया परवीन ने बताया कि कैसे हिंदू शायरों ने उर्दू की सेवा की तथा मुस्लिम कवियों ने और लेखको ने हिंदी रचनाकर गंगा जमुनी तहजीब की मिशाल पेश किया। कार्यक्रम में निवेदिता ने ग़जल प्रस्तुत किया। सादिया खातून ने सुमित्रा नंदन पंत की कविताओं को प्रस्तुत किया। उर्दू विभाग की ओर से तहसीन ने मजाकिया शेर पढ़ कर सबको हंसने पर मजबूर किया। रेहाना खातुन ने अललामा इकबाल और उनके विचारों पर प्रकाश डाला। राना खातुन ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। आलम बरियालवी एवं मऊवी अचानक ने शायरी प्रस्तुत किया। डा. मुनौवर अंजुम ने ऐसे कार्यक्रम द्वारा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। डा. शमां दरकश ने आए हुए अतिथियों के प्रति आभार प्रकट किया ।
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