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Mau News: मधुबन में बनेगा 132 केवी का विद्युत पावर हाउस
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मधुबन तहसील के फरही नाला के पास जिले का 10 वां 132 केवी का विद्युत पावर हाउस बनेगा। भवन निर्माण और मशीनें स्थापित करने के लिए बिजली निगम के ट्रांसमिशन खंड ने चार बीघे जमीन खोजकर प्रशासन को पत्र भेजा है।
डीएम ने जमीन अधिग्रहण अनुमति के लिए मंडलायुक्त को पत्र भेज दिया है। विद्युत ट्रांसमिशन खंड ने 62 लाख रुपए खर्च का अनुमान लगाते हुए शासन को प्रस्ताव भेजा है।
इस पावर हाउस के निर्माण से बलिया और मऊ जिले के सीमावर्ती देवारा क्षेत्र के गांवों में निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलने की संभावना है। मधुबन तहसील में केवल एक कटघरा महलू में 132 केवी का पावर हाउस है, जिससे 100 से अधिक ग्राम पंचायतों को बिजली आपूर्ति होती है।
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बरसात के दिन में सरयू नदी में बाढ़ के समय देवारा क्षेत्र के मऊ और बलिया जिले के करीब 30 से अधिक ग्राम पंचायतों में बिजली का संकट हो जाता है। इसके साथ ही गर्मी के दिनों में लोड बढ़ने से देवारा में निर्धारित रोस्टर के अनुसार आपूर्ति कठिन हो जाता है।
आए दिन ट्रांसफार्मर फुंकने से बिजली निगम के साथ उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। 132 केवी के पावर हाउस में 50 एमवीए या उससे अधिक क्षमता के ट्रांसफार्मर, टावर, इंसुलेटर सहित अन्य उपकरण लगेंगे।
उच्च क्षमता का नया पावर हाउस बनने से लोड कम होगा। 33/11 केवी के विद्युत उपकेंद्रों को निर्बाध बिजली मिलेगी और वहां से बिजली उपभोक्ता के घर में पहुंचेगी।
............
इनसेट
नौ पावर हाउस से 49 उपकेंद्रों को मिलती है सप्लाई
घोसी, बड़ागांव, नया मऊ, पुराना मऊ, सेमरी जमालपुर, हलधरपुर, कटघरा महलू और दोहरीघाट में 132 केवी के पावर हाउस है। इनसे 33/11 केवी क्षमता वाले जिले में मौजूद 49 विद्युत उपकेंद्रों को सप्लाई दी जाती है। विभागीय आंकड़े के अनुसार सभी स्टेशनों से मंगलवार को जिले में 309 मेगावाट की बिजली आपूर्ति हुई थी।
132 केवी के नए स्टेशन के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। जमीन अधिग्रहण के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है। अनुमति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। -नरेश कुमार, अधिशासी अभियंता, ट्रांसमिशन
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डीएम ने जमीन अधिग्रहण अनुमति के लिए मंडलायुक्त को पत्र भेज दिया है। विद्युत ट्रांसमिशन खंड ने 62 लाख रुपए खर्च का अनुमान लगाते हुए शासन को प्रस्ताव भेजा है।
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इस पावर हाउस के निर्माण से बलिया और मऊ जिले के सीमावर्ती देवारा क्षेत्र के गांवों में निर्बाध बिजली आपूर्ति मिलने की संभावना है। मधुबन तहसील में केवल एक कटघरा महलू में 132 केवी का पावर हाउस है, जिससे 100 से अधिक ग्राम पंचायतों को बिजली आपूर्ति होती है।
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बरसात के दिन में सरयू नदी में बाढ़ के समय देवारा क्षेत्र के मऊ और बलिया जिले के करीब 30 से अधिक ग्राम पंचायतों में बिजली का संकट हो जाता है। इसके साथ ही गर्मी के दिनों में लोड बढ़ने से देवारा में निर्धारित रोस्टर के अनुसार आपूर्ति कठिन हो जाता है।
आए दिन ट्रांसफार्मर फुंकने से बिजली निगम के साथ उपभोक्ताओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। 132 केवी के पावर हाउस में 50 एमवीए या उससे अधिक क्षमता के ट्रांसफार्मर, टावर, इंसुलेटर सहित अन्य उपकरण लगेंगे।
उच्च क्षमता का नया पावर हाउस बनने से लोड कम होगा। 33/11 केवी के विद्युत उपकेंद्रों को निर्बाध बिजली मिलेगी और वहां से बिजली उपभोक्ता के घर में पहुंचेगी।
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इनसेट
नौ पावर हाउस से 49 उपकेंद्रों को मिलती है सप्लाई
घोसी, बड़ागांव, नया मऊ, पुराना मऊ, सेमरी जमालपुर, हलधरपुर, कटघरा महलू और दोहरीघाट में 132 केवी के पावर हाउस है। इनसे 33/11 केवी क्षमता वाले जिले में मौजूद 49 विद्युत उपकेंद्रों को सप्लाई दी जाती है। विभागीय आंकड़े के अनुसार सभी स्टेशनों से मंगलवार को जिले में 309 मेगावाट की बिजली आपूर्ति हुई थी।
132 केवी के नए स्टेशन के लिए शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है। जमीन अधिग्रहण के लिए जिला प्रशासन को पत्र भेजा गया है। अनुमति मिलते ही काम शुरू हो जाएगा। -नरेश कुमार, अधिशासी अभियंता, ट्रांसमिशन