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भरत का भगवान राम के प्रति अगाध प्रेम देख दर्शक हुए भावविह्वल
Updated Sun, 15 Oct 2017 12:34 AM IST
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मऊ। आदर्श रामलीला समिति के तत्वावधान में रतनपुरा ब्लाक मुख्यालय के रतनपुरा बाजार स्थित नेहरू इंटर कालेज के प्रांगण में चल रही रामलीला में भरत मिलाप तथा चारों भाइयों के मिलन का मंचन किया गया। राम भरत मिलन होते ही दर्शकों के जयश्रीराम के उद्घोष से पंडाल गूंज उठा।
14 वर्ष की अवधि बीतने में एक दिन शेष रहने पर नंदी ग्राम में प्रतीक्षारत भरत जी को भगवान के आने की सुधि न मिलने पर काफी अधीर हो जाते हैं और मन ही मन सोचते हैं कि क्या कारण है कि भगवान नहीं आए। कहीं मुझे कुटील जानकर भुला तो नहीं दिए। भरत का भगवान राम के प्रति अगाध प्रेम देख दर्शक भाव विह्वल हो गए। इसी सोच विचार में पड़े हुए थे कि तभी पवन पुत्र हनुमान भगवान राम के अयोध्या वापसी का संदेश लेकर भरत जी के यहां पहुंचते हैं। उनके चरणों में प्रणाम कर भगवान के आने का शुभ संदेश देते हैं। भरत जी को भगवान राम के आने की सूचना मिलते ही उनके खुशी के ठिकाना नहीं रहता है। भगवान राम के आने की सूचना अयोध्यावासियों को देते हैं। साथ ही पूरे नगर को सजाने तथा भगवान श्रीराम के स्वागत की तैयारियों में जुट जाते हैं। भगवान राम का पुष्पक विमान जिस रास्ते से गुजरने वाला था लोग पुष्प लिए हुए कतारबद्ध खड़े थे। जैसे ही पुष्पक विमान पहुंचता है लोग जयश्रीराम का जयकारा लगाते हैं और पुष्प वर्षा करते हैं। भगवान राम, लक्ष्मण साथ भरत से मिलने के लिए दौड़ पड़े। भरत जी भगवान राम के चरण पर गिर जाते हैं। भगवान राम भरत को हृदय से लगा लेते हैं। चारों भाई गले मिलते हैं। श्रद्धालुुओं के हर-हर महादेव व जयश्रीराम के जयकारे से वातावरण गूंज उठा।
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14 वर्ष की अवधि बीतने में एक दिन शेष रहने पर नंदी ग्राम में प्रतीक्षारत भरत जी को भगवान के आने की सुधि न मिलने पर काफी अधीर हो जाते हैं और मन ही मन सोचते हैं कि क्या कारण है कि भगवान नहीं आए। कहीं मुझे कुटील जानकर भुला तो नहीं दिए। भरत का भगवान राम के प्रति अगाध प्रेम देख दर्शक भाव विह्वल हो गए। इसी सोच विचार में पड़े हुए थे कि तभी पवन पुत्र हनुमान भगवान राम के अयोध्या वापसी का संदेश लेकर भरत जी के यहां पहुंचते हैं। उनके चरणों में प्रणाम कर भगवान के आने का शुभ संदेश देते हैं। भरत जी को भगवान राम के आने की सूचना मिलते ही उनके खुशी के ठिकाना नहीं रहता है। भगवान राम के आने की सूचना अयोध्यावासियों को देते हैं। साथ ही पूरे नगर को सजाने तथा भगवान श्रीराम के स्वागत की तैयारियों में जुट जाते हैं। भगवान राम का पुष्पक विमान जिस रास्ते से गुजरने वाला था लोग पुष्प लिए हुए कतारबद्ध खड़े थे। जैसे ही पुष्पक विमान पहुंचता है लोग जयश्रीराम का जयकारा लगाते हैं और पुष्प वर्षा करते हैं। भगवान राम, लक्ष्मण साथ भरत से मिलने के लिए दौड़ पड़े। भरत जी भगवान राम के चरण पर गिर जाते हैं। भगवान राम भरत को हृदय से लगा लेते हैं। चारों भाई गले मिलते हैं। श्रद्धालुुओं के हर-हर महादेव व जयश्रीराम के जयकारे से वातावरण गूंज उठा।
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