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मिलावटी दूध की जांच में 13 नमूने फेल, मुकदमा
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मऊ। खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से विगत दिनों अभियान चलाकर लिए गए खाद्य पदार्थों के 34 नमूनों में 13 दूध, पनीर व उससे तैयार सामग्रियां असुरक्षित पाई गईं हैं। सभी में भारी मात्रा में रसायनिक पदार्थों का मिलावट होना पाया गया है। ऐसे में अब लखनऊ लैब की रिपोर्ट आने के बाद इसकी बिक्री करने वाले दुकानदारों के खिलाफ विभाग एडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई मेें जुट गया है। दिसंबर 2019 में अभियान के दौरान लिए गए13 नमूने फेल पाए गए हैं।
दूध में मिलावट को रोकने के लिए शासन के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा बीते दिसंबर माह में जिले में दूध कारोबारियों के विरुद्ध अभियान चलाया गया था। विभाग द्वारा 34 बिना पंजीकृत दूध व्यापारियों से दूध को नमूना लिया था। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार लखनऊ लैब भेजे गए 13 दूध के नमूनों की रिपोर्ट आ चुकी है, जिसमें यह नमूने फेल पाए गए है। इनमें अधिकांश दूध और पनीर के नमूने शामिल हैं। जिनको रसायनिक पदार्थ अथवा केमिकल मिलाकर तैयार किया गया। ऐसे में इनमें अधिकांश नगरीय क्षेत्र के दुकानदार व दूधिए शामिल हैं। अब इनको चिह्नित कर लिया गया है। इसके साथ ही विभाग की ओर से दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने के लिए पत्रावली भेज दी गई है। जल्द ही सुनवाई होगी।
इनसेट
सात गुना बढ़ गए दूधियों के रजिस्ट्रेशन
मऊ। जिले में पंजीकृत दूधियों की संख्या में बीते डेढ़ माह में सात गुना वृद्धि हुई है। बीते दिसंबर तक यह संख्या जहां केवल 20 थी, वर्तमान में यह संख्या 180 तक पहुंच चुकी है।विभाग का दावा है कि पंजीकृत दूधियों की संख्या में अभी ओर वृद्धि होगी। बीते दिसंबर माह तक जहां पंजीकृत दूध व्यापारी की संख्या 20 थी, वहीं 11 फरवरी 2020 तक 160 से ज्यादा पहुंच चुकी है। इसमें जनवरी से अब तक 160 ने पंजीयन कराया है। जिसमें नगर में 70, मुहम्मदाबाद गोहना में 41, घोसी में 30, सदर में 17 और मधुबन में 2 व्यापारी शामिल है। इस बाबत अभिहित अधिकारी श्रवण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि अभियान चलाए जाने के बाद पंजीयन कराने वाले दूध व्यापारियों की संख्या में इजाफा हुआ है। बोले कि यह आंकड़ा अभी ओर बढ़ेगा।
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दूध में मिलावट को रोकने के लिए शासन के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा बीते दिसंबर माह में जिले में दूध कारोबारियों के विरुद्ध अभियान चलाया गया था। विभाग द्वारा 34 बिना पंजीकृत दूध व्यापारियों से दूध को नमूना लिया था। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी के अनुसार लखनऊ लैब भेजे गए 13 दूध के नमूनों की रिपोर्ट आ चुकी है, जिसमें यह नमूने फेल पाए गए है। इनमें अधिकांश दूध और पनीर के नमूने शामिल हैं। जिनको रसायनिक पदार्थ अथवा केमिकल मिलाकर तैयार किया गया। ऐसे में इनमें अधिकांश नगरीय क्षेत्र के दुकानदार व दूधिए शामिल हैं। अब इनको चिह्नित कर लिया गया है। इसके साथ ही विभाग की ओर से दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एडीएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराने के लिए पत्रावली भेज दी गई है। जल्द ही सुनवाई होगी।
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सात गुना बढ़ गए दूधियों के रजिस्ट्रेशन
मऊ। जिले में पंजीकृत दूधियों की संख्या में बीते डेढ़ माह में सात गुना वृद्धि हुई है। बीते दिसंबर तक यह संख्या जहां केवल 20 थी, वर्तमान में यह संख्या 180 तक पहुंच चुकी है।विभाग का दावा है कि पंजीकृत दूधियों की संख्या में अभी ओर वृद्धि होगी। बीते दिसंबर माह तक जहां पंजीकृत दूध व्यापारी की संख्या 20 थी, वहीं 11 फरवरी 2020 तक 160 से ज्यादा पहुंच चुकी है। इसमें जनवरी से अब तक 160 ने पंजीयन कराया है। जिसमें नगर में 70, मुहम्मदाबाद गोहना में 41, घोसी में 30, सदर में 17 और मधुबन में 2 व्यापारी शामिल है। इस बाबत अभिहित अधिकारी श्रवण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि अभियान चलाए जाने के बाद पंजीयन कराने वाले दूध व्यापारियों की संख्या में इजाफा हुआ है। बोले कि यह आंकड़ा अभी ओर बढ़ेगा।
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