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हत्या के मामले में तीन आरोपी दोषमुक्त
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट नंबर दो सुरेश कुमार गुप्ता ने हत्या के मामले में नामजद चार आरोपियों में तीन को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। एक आरोपी की दौरान विचारण मौत हो जाने के चलते उसके विरुद्ध मुकदमे की कार्यवाही समाप्त कर दी गई थी। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र का है ।
मामले के अनुसार, सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बकवल गांव निवासी अंकिता सिंह पुत्र रामप्रसाद सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि उसके लड़के विनोद सिंह की पैसे के लेनदेन को लेकर 16 अगस्त 2009 की रात सुनीता और राम प्रताप ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर हत्या करके शव को रायल हयात के हाता के पास फेंक दिया। पुलिसि ने उसका शव 17 अगस्त 2009 को बरामद किया था। वादी की तहरीर पर पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना किया और बकवल गांव निवासी प्रभात सिंह और डब्लू पुत्र शिव प्रसाद, गाजीपुर जनपद के मरदह थाना क्षेत्र के केलही गांव निवासी सुमित कुमार सिंह उर्फ मोनू सिंह पुत्र उदय प्रताप सिंह, रानीपुर थाना क्षेत्र के इटौरा गांव निवासी सुनीता सिंह पत्नी गोपाल सिंह और कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना थाना क्षेत्र के तुलसीपुर कुड़वा गांव निवासी राम प्रताप यादव पुत्र चंद्रबली यादव के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी अनिल कुमार पांडेय ने कुल सात गवाह पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से पैरवी करते हुए अधिवक्ता दिनेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि उनक मुवक्किलों को झूठा फंसाया गया है।
एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण सुनीता सिंह, सुमित कुमार उर्फ मोनू सिंह और प्रभात सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वहीं रामप्रताप यादव की विचारण के दौरान मौत हो जाने के चलते उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्यवाही समाप्त कर दी गई।
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मामले के अनुसार, सरायलखंसी थाना क्षेत्र के बकवल गांव निवासी अंकिता सिंह पुत्र रामप्रसाद सिंह की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज हुई। वादी का कथन है कि उसके लड़के विनोद सिंह की पैसे के लेनदेन को लेकर 16 अगस्त 2009 की रात सुनीता और राम प्रताप ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर हत्या करके शव को रायल हयात के हाता के पास फेंक दिया। पुलिसि ने उसका शव 17 अगस्त 2009 को बरामद किया था। वादी की तहरीर पर पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना किया और बकवल गांव निवासी प्रभात सिंह और डब्लू पुत्र शिव प्रसाद, गाजीपुर जनपद के मरदह थाना क्षेत्र के केलही गांव निवासी सुमित कुमार सिंह उर्फ मोनू सिंह पुत्र उदय प्रताप सिंह, रानीपुर थाना क्षेत्र के इटौरा गांव निवासी सुनीता सिंह पत्नी गोपाल सिंह और कोतवाली मुहम्मदाबाद गोहना थाना क्षेत्र के तुलसीपुर कुड़वा गांव निवासी राम प्रताप यादव पुत्र चंद्रबली यादव के विरुद्ध आरोप पत्र कोर्ट में प्रेषित किया। कोर्ट में अभियोजन की ओर से पैरवी करते हुए एडीजीसी फौजदारी अनिल कुमार पांडेय ने कुल सात गवाह पेश कर अपना पक्ष रखा। बचाव पक्ष से पैरवी करते हुए अधिवक्ता दिनेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि उनक मुवक्किलों को झूठा फंसाया गया है।
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एडीजे ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने तथा पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद आरोपीगण सुनीता सिंह, सुमित कुमार उर्फ मोनू सिंह और प्रभात सिंह को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया। वहीं रामप्रताप यादव की विचारण के दौरान मौत हो जाने के चलते उनके विरुद्ध मुकदमे की कार्यवाही समाप्त कर दी गई।
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