{"_id":"5c3cc4bdbdec2273673658ac","slug":"121547486397-mau-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्टेडियम में है खेल संसाधनों का अभाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्टेडियम में है खेल संसाधनों का अभाव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मऊ। रानीपुर ब्लाक क्षेत्र में बने दो स्टेडियम में खेल संसाधनों का अभाव है। इसके चलते प्रतिभाकएं निखर नहीं पा रही हैं। अधिकारियों तथा कर्मचारियों का पद रिक्त चल रहा है। हालत यह है कि आठ के सापेक्ष मात्र एक ब्लाक क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी की ही तैनाती है। सीमित संसाधन के बाद भी खेल के दम पर खिलाड़ियों ने सरकारी विभागों मेें नौकरी हासिल करने में सफलता हासिल मिली है।
शासन की तरफ से रानीपुर ब्लाक क्षेत्र के सरसेना तथा फत्तेपुर गांव में स्टेडियम बना तो खिलाड़ियों में बेहतर सुविधा की आस जगी, लेकिन यहां खेल संसाधनों का अभाव है। फत्तेेपुर स्टेडियम की बाउंड्र्ी गिरी है। जबकि टिनशेड उड़ गया है। तकनीकी पेंच के चलते मरम्मत कार्य नहीं हो पाया है। यहां खेल अधिकारियों तथा कर्मचारियों का पद वर्षो से रिक्त चल रहा है। प्रत्येक ब्लाक में एक-एक क्षेत्रीय ब्लाक क्रीड़ा अधिकारी की तैनाती करने का प्रावधान है। नौ के सापेक्ष एक क्षेत्रीय ब्लाक क्रीड़ा अधिकारी की तैनाती है। स्टेडियम में दो कोच, तीन चौकीदार, तीन प्रशिक्षक की जरूरत होती है, लेकिन तैनाती न होने से किसी तरह काम चलाया जा रहा है। बजट का आवंटन न होने से खिलाड़ियों को स्तरीय प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है।
खिलाड़ी मनीष सिंह, शशिभूषण सिंह, आनंद यादव, अजय सिंह, शिवप्रकाश शर्मा का कहना है कि खेल संसाधनों का अकाल रहता है। स्तरीय प्रशिक्षण न मिल पाने से खिलाड़ियों की प्रतिभा में निखार नहीं आ पा रहा है। स्टेडियम में आधुनिक संसाधनों को बहाल किया जाए।
विज्ञापन
इस बाबत जिला युवा कल्याण अधिकारी कृष्णमोहन पाठक का कहना है कि सीमित संसाधनों से सुविधाएं बहाल करने का प्रयास जारी है। स्टेडियम में सुविधा के लिए जिला योजना समिति में 4.50 लाख का प्रस्ताव भेजा जाएगा।
विज्ञापन
शासन की तरफ से रानीपुर ब्लाक क्षेत्र के सरसेना तथा फत्तेपुर गांव में स्टेडियम बना तो खिलाड़ियों में बेहतर सुविधा की आस जगी, लेकिन यहां खेल संसाधनों का अभाव है। फत्तेेपुर स्टेडियम की बाउंड्र्ी गिरी है। जबकि टिनशेड उड़ गया है। तकनीकी पेंच के चलते मरम्मत कार्य नहीं हो पाया है। यहां खेल अधिकारियों तथा कर्मचारियों का पद वर्षो से रिक्त चल रहा है। प्रत्येक ब्लाक में एक-एक क्षेत्रीय ब्लाक क्रीड़ा अधिकारी की तैनाती करने का प्रावधान है। नौ के सापेक्ष एक क्षेत्रीय ब्लाक क्रीड़ा अधिकारी की तैनाती है। स्टेडियम में दो कोच, तीन चौकीदार, तीन प्रशिक्षक की जरूरत होती है, लेकिन तैनाती न होने से किसी तरह काम चलाया जा रहा है। बजट का आवंटन न होने से खिलाड़ियों को स्तरीय प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है।
विज्ञापन
खिलाड़ी मनीष सिंह, शशिभूषण सिंह, आनंद यादव, अजय सिंह, शिवप्रकाश शर्मा का कहना है कि खेल संसाधनों का अकाल रहता है। स्तरीय प्रशिक्षण न मिल पाने से खिलाड़ियों की प्रतिभा में निखार नहीं आ पा रहा है। स्टेडियम में आधुनिक संसाधनों को बहाल किया जाए।
विज्ञापन
इस बाबत जिला युवा कल्याण अधिकारी कृष्णमोहन पाठक का कहना है कि सीमित संसाधनों से सुविधाएं बहाल करने का प्रयास जारी है। स्टेडियम में सुविधा के लिए जिला योजना समिति में 4.50 लाख का प्रस्ताव भेजा जाएगा।