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जिले को सूखाग्रस्त घोषित कर किसानों को दिया जाए मुआवजा
Updated Thu, 20 Sep 2018 11:52 PM IST
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मऊ। जिला पंचायत पूर्व अध्यक्ष तथा किसान नेता राकेश सिंह ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर किसान नेता राकेश सिंह ने कहा कि जिले में अघोषित विद्युत कटौती से किसान आजिज हो गया है। आए दिन रात में विद्युत कटौती किसानों को रुला रही है।
उन्होंने कहा कि नहरों में पानी टेल तक नहीं पहुंचा है। बारिश कम होने से भूमिगत जलस्तर नीचे चला गया है। खेतों में नमी नहीं रहने से धान की फसल में कीटों का प्रकोप बढ़ गया है। राजकीय नलकूप 50 प्रतिशत निष्क्रिय हो गए हैं। उन्होंने जिले को सूखाग्रस्त घोषित करके राहत राशि दिया जाए। कम बारिश होने से आलू, मटर, चना, मसूर की खेती पर असर पड़ने की संभावना प्रबल हो गई है। जून, जुलाई में बारिश बहुत ही कम हुई है। सूखे के चलते धान की फसल पर विपरीत असर पड़ रहा है। कम बारिश होने के चलते धान की रोपाई 92500 हैक्टेयर के सापेक्ष 50 प्रतिशत भी नहीं हुई है। धान के उत्पादन पर 50 प्रतिशत की कमी निश्चित ही होगी। सूखे के कारण अरहर की पूरी फसल जुलाई में ही सूख गई। इन स्थितियों को देखते हुए मऊ जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित किया जाए।
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उन्होंने कहा कि नहरों में पानी टेल तक नहीं पहुंचा है। बारिश कम होने से भूमिगत जलस्तर नीचे चला गया है। खेतों में नमी नहीं रहने से धान की फसल में कीटों का प्रकोप बढ़ गया है। राजकीय नलकूप 50 प्रतिशत निष्क्रिय हो गए हैं। उन्होंने जिले को सूखाग्रस्त घोषित करके राहत राशि दिया जाए। कम बारिश होने से आलू, मटर, चना, मसूर की खेती पर असर पड़ने की संभावना प्रबल हो गई है। जून, जुलाई में बारिश बहुत ही कम हुई है। सूखे के चलते धान की फसल पर विपरीत असर पड़ रहा है। कम बारिश होने के चलते धान की रोपाई 92500 हैक्टेयर के सापेक्ष 50 प्रतिशत भी नहीं हुई है। धान के उत्पादन पर 50 प्रतिशत की कमी निश्चित ही होगी। सूखे के कारण अरहर की पूरी फसल जुलाई में ही सूख गई। इन स्थितियों को देखते हुए मऊ जिले को तत्काल सूखाग्रस्त घोषित किया जाए।
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