{"_id":"6855a930cb9cb478b00af7e9","slug":"12-ration-dealers-shops-were-suspended-in-six-months-after-being-found-guilty-in-the-investigation-mau-news-c-295-1-mau1002-129518-2025-06-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mau News: जांच में गलत मिलेने पर छह माह में 12 कोटेदारों की दुकानें हुई निलंबित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mau News: जांच में गलत मिलेने पर छह माह में 12 कोटेदारों की दुकानें हुई निलंबित
विज्ञापन
मऊ। पूर्ति विभाग की सख्ती के बाद भी कोटेदारों के रवैये में सुधार नहीं हो रहा है। कोटेदारों द्वारा हर यूनिट में 500 ग्राम अनाज करने की कार्डधारक शिकायत करते हैं। जांच में आरोप सही मिलने पर जनवरी से अब तक 12 कोटेदारों की दुकानें निलंबित की जा चुकी हैं।
जनपद के 11 नगर निकायों और 645 ग्राम पंचायतों में कोटे की 1027 दुकानें हैं। इन दुकानों पर 3,78,386 राशनकार्ड हैं, इन कार्डों पर 16,07,536 लाभार्थी हैं। इनमें 56,565 अंत्योदय और 3,21,823 पात्र गृहस्थी कार्ड हैं। बीते 20 दिन में कालाबाजारी के दो मामले उजागर हुए। आए दिन कार्डधारक घटतौली का आरोप लगाकर ब्लॉक और कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए पहुंचते हैं।
घटतौली रोकने के उद्देश्य से फरवरी 2024 से फरवरी 2025 तक कोटेदारों को इलेक्ट्रानिक वेइंग मशीन दी गई। लेकिन कोटेदार मशीन से राशन न तौलकर अब भी दूसरे कांटे पर या तराजू से राशन तौलकर दे रहे हैं। ई-पॉश मशीन पर अंगूठा लगाने के बाद ई-वेइंग मशीन पर राशन रखने पर पर्ची निकलती है। उतना ही राशन कार्डधारकों को देने का नियम है। लेकिन कोटेदार न तो यूनिट के हिसाब से राशन देते हैं। न ही पर्ची देते हैं। लाभार्थियों का हमेशा आरोप रहता है कि कोटेदारों हर यूनिट में 500 ग्राम अनाज कम दिया जाता है। छह सदस्यों वाले परिवार को 30 किलो अनाज देना होता है, लेकिन केवल 27 किलो अनाज मिलता है।
विज्ञापन
केस एक : सरकारी राशन की कालाबाजारी करने पर पूर्ति निरीक्षक ने बीते 23 मई को परदहां ब्लॉक के कंधेरी के कोटेदार राधेश्याम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। कोटेदार ने लाभार्थियों को न देकर 22.18 क्विंटल गेहूं, 40.02 क्विंटल चावल और 21 क्विंटल चीनी बेच दिया था।
केस दो : रतनपुरा ब्लॉक के गहना गांव के कोटेदार रामचंद्र को ग्रामीणों ने राशन की कालाबाजारी करते पकड़ा था। वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के बाद पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। घटना बीते अप्रैल माह की है।
केस तीन : बड़राव ब्लॉक के पकड़ी बुजुर्ग गांव के कोटेदार हरिशंकर पर घटतौली और समय से राशन वितरण नहीं करने पर तीन माह पहले पूर्ति निरीक्षक ने मुकदमा दर्ज कराया था। कार्डधारकों की शिकायत पर जांच में दो बार दुकान निलंबित किया गया। अब दुकान आवंटित करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
केस चार : बीते 11 जून को मधुबन तहसील क्षेत्र के फतेहपुर गांव के कोटेदार द्वारा डीसीएम में राशन भरा जा रहा था। अभी 15 बोरी खाद्यान्न लोड हुआ था तभी ग्रामीणों ने पहुंचकर वीडियो बना लिया और पुलिस सहित पूर्ति निरीक्षक को मौके पर बुलाया। पिकअप चालक ने पहले भी राशन ले जाने की पुष्टि की थी। अब इस मामले में विभागीय जांच चल रही है।
प्रयास रहता है कि कोटेदारों द्वारा खाद्यान्न की घटतौली न की जाए। कार्डधारकों की शिकायत पर जांच की जाती है। दोषी मिलने पर संबंधित कोटेदार पर मुकदमा दर्ज कराकर दुकान निलंबित की जाती है। - विकास गौतम, जिला पूर्ति अधिकारी, मऊ
विज्ञापन
जनपद के 11 नगर निकायों और 645 ग्राम पंचायतों में कोटे की 1027 दुकानें हैं। इन दुकानों पर 3,78,386 राशनकार्ड हैं, इन कार्डों पर 16,07,536 लाभार्थी हैं। इनमें 56,565 अंत्योदय और 3,21,823 पात्र गृहस्थी कार्ड हैं। बीते 20 दिन में कालाबाजारी के दो मामले उजागर हुए। आए दिन कार्डधारक घटतौली का आरोप लगाकर ब्लॉक और कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते हुए पहुंचते हैं।
विज्ञापन
घटतौली रोकने के उद्देश्य से फरवरी 2024 से फरवरी 2025 तक कोटेदारों को इलेक्ट्रानिक वेइंग मशीन दी गई। लेकिन कोटेदार मशीन से राशन न तौलकर अब भी दूसरे कांटे पर या तराजू से राशन तौलकर दे रहे हैं। ई-पॉश मशीन पर अंगूठा लगाने के बाद ई-वेइंग मशीन पर राशन रखने पर पर्ची निकलती है। उतना ही राशन कार्डधारकों को देने का नियम है। लेकिन कोटेदार न तो यूनिट के हिसाब से राशन देते हैं। न ही पर्ची देते हैं। लाभार्थियों का हमेशा आरोप रहता है कि कोटेदारों हर यूनिट में 500 ग्राम अनाज कम दिया जाता है। छह सदस्यों वाले परिवार को 30 किलो अनाज देना होता है, लेकिन केवल 27 किलो अनाज मिलता है।
विज्ञापन
केस एक : सरकारी राशन की कालाबाजारी करने पर पूर्ति निरीक्षक ने बीते 23 मई को परदहां ब्लॉक के कंधेरी के कोटेदार राधेश्याम के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। कोटेदार ने लाभार्थियों को न देकर 22.18 क्विंटल गेहूं, 40.02 क्विंटल चावल और 21 क्विंटल चीनी बेच दिया था।
केस दो : रतनपुरा ब्लॉक के गहना गांव के कोटेदार रामचंद्र को ग्रामीणों ने राशन की कालाबाजारी करते पकड़ा था। वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने के बाद पूर्ति निरीक्षक की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। घटना बीते अप्रैल माह की है।
केस तीन : बड़राव ब्लॉक के पकड़ी बुजुर्ग गांव के कोटेदार हरिशंकर पर घटतौली और समय से राशन वितरण नहीं करने पर तीन माह पहले पूर्ति निरीक्षक ने मुकदमा दर्ज कराया था। कार्डधारकों की शिकायत पर जांच में दो बार दुकान निलंबित किया गया। अब दुकान आवंटित करने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है।
केस चार : बीते 11 जून को मधुबन तहसील क्षेत्र के फतेहपुर गांव के कोटेदार द्वारा डीसीएम में राशन भरा जा रहा था। अभी 15 बोरी खाद्यान्न लोड हुआ था तभी ग्रामीणों ने पहुंचकर वीडियो बना लिया और पुलिस सहित पूर्ति निरीक्षक को मौके पर बुलाया। पिकअप चालक ने पहले भी राशन ले जाने की पुष्टि की थी। अब इस मामले में विभागीय जांच चल रही है।
प्रयास रहता है कि कोटेदारों द्वारा खाद्यान्न की घटतौली न की जाए। कार्डधारकों की शिकायत पर जांच की जाती है। दोषी मिलने पर संबंधित कोटेदार पर मुकदमा दर्ज कराकर दुकान निलंबित की जाती है। - विकास गौतम, जिला पूर्ति अधिकारी, मऊ